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नहीं सुलझी दो बहनों के ट्रेन से कटकर हुई मौत की गुत्थी
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इटावा। चौबिया थानाक्षेत्र के बनी हरदू गांव की दो बहनों की ट्रेन से कटकर हुई मौत का मामला अभी उलझा हुआ है। पिता ने तीन युवकों पर बेटियों को परेशान करने का आरोप तो लगाया है, लेकिन अब तक न तो थाने में और न ही राजकीय रेलवे थाना पुलिस में कोई तहरीर दी गई। उधर, पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपियों में एक ने बड़ी बहन को कुछ दिन पहले मोबाइल गिफ्ट में दिया था। इसका पता चलने पर बड़े भाई ने दोनों बहनों को डांटा और पीटा था।
हरदू गांव में रहने वाले किसान की 18 व 15 वर्षीय बेटियां पड़ोसी गांव के एक स्कूल में 11वीं व 9वीं की छात्रा थीं। सोमवार रात दोनों शौच के लिए जाने की बात कहकर घर से निकली थीं। उसी रात दोनों बहनों के शव फ्रेंड्स कालोनी स्थित फर्रुखाबाद क्रासिंग पर मिले थे। मंगलवार सुबह दोनों बहनों की पहचान परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस में की थी। लड़कियों के पिता का कहना है कि उनके गांव के दो व पड़ोसी गांव दुराहा के एक युवक ने उनकी बेटियों को प्रेमजाल में फंसा लिया था। दुराहा के युवक की बड़ी बेटी से दोस्ती थी। छोटी बेटी की दोस्ती गांव के ही एक युवक से थी। दुराहा गांव के युवक ने बातचीत के लिए बड़ी बेटी को करीब एक सप्ताह पहले मोबाइल गिफ्ट किया था। बेटी के हाथ में मोबाइल देख बड़े बेटे ने दोनों बहनों को डांटा था। पिता ने इन्हीं तीनों युवकों पर बेटियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पिता ने कहा कि मामले में उन्होंने अभी तक जीआरपी या चौबिया थाने में तहरीर नहीं दी है।
दोनों बहनें मालगाड़ी के आगे खड़ी हो गई थीं
जीआरपी प्रभारी नौशाद अहमद ने बताया कि सोमवार की रात बनी हरदू गांव में रहने वाली दोनों बहनें इटावा रेलवे स्टेशन के पास स्थित फर्रुखाबाद क्रासिंग पर पहुंचीं। वहां काफी देर तक इधर-उधर टहलती रहीं। इटावा से कानपुर की तरफ जा रही मालगाड़ी के सामने दोनों बहनें खड़ी हो गईं। गाड़ी के लोको पायलट के हार्न बजाने के बाद भी दोनों बहनें नहीं हटीं। यह जानकारी लोको पायलट ने स्टेशन अधीक्षक को दी है। बकौल जीआरपी प्रभारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दोनों बहनों के शरीर पर जिस तरह की चोटें पाई गई हैं, उससे आत्महत्या की पुष्टि हुई है।
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चौबिया थाना प्रभारी बोले
चौबिया थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी का कहना है कि दोनों बहनों के लापता होने की सूचना परिजनों ने थाने में नहीं दी थी। रेलवे ट्रैक पर लड़कियों के शव मिलने की सूचना वायरलेस पर फ्लैश होने पर वह खुद गांव गए थे। चौकीदार की सूचना पर परिजनों को शवों की पहचान के लिए इटावा ले गए थे। पूछताछ के दौरान आत्महत्या करने वाली बहनों के बड़े भाई द्वारा दोनों को डांटने व पीटने की बात सामने आई थी। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।
गांव वाले लगा रहे कयास
बड़े भाई के डांटने से दोनों बहनें खफा रही होंगी। दोस्तों से बात करके दोनों बहनें घर से भागने के इरादे से निकलीं। बातचीत के आधार पर दोनों बहनें इटावा रेलवे स्टेशन पहुंचीं। वहां दोनों के दोस्त नहीं पहुंचे और घर से निकले काफी समय बीत जाने की वजह से दोनों बहनें परेशान हो गईं। ऐसी स्थिति में दोनों बहनों ने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाया होगा। इसके अलावा और भी तरह के चर्चाएं ग्रामीणों में हो रही हैं।
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हरदू गांव में रहने वाले किसान की 18 व 15 वर्षीय बेटियां पड़ोसी गांव के एक स्कूल में 11वीं व 9वीं की छात्रा थीं। सोमवार रात दोनों शौच के लिए जाने की बात कहकर घर से निकली थीं। उसी रात दोनों बहनों के शव फ्रेंड्स कालोनी स्थित फर्रुखाबाद क्रासिंग पर मिले थे। मंगलवार सुबह दोनों बहनों की पहचान परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस में की थी। लड़कियों के पिता का कहना है कि उनके गांव के दो व पड़ोसी गांव दुराहा के एक युवक ने उनकी बेटियों को प्रेमजाल में फंसा लिया था। दुराहा के युवक की बड़ी बेटी से दोस्ती थी। छोटी बेटी की दोस्ती गांव के ही एक युवक से थी। दुराहा गांव के युवक ने बातचीत के लिए बड़ी बेटी को करीब एक सप्ताह पहले मोबाइल गिफ्ट किया था। बेटी के हाथ में मोबाइल देख बड़े बेटे ने दोनों बहनों को डांटा था। पिता ने इन्हीं तीनों युवकों पर बेटियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पिता ने कहा कि मामले में उन्होंने अभी तक जीआरपी या चौबिया थाने में तहरीर नहीं दी है।
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दोनों बहनें मालगाड़ी के आगे खड़ी हो गई थीं
जीआरपी प्रभारी नौशाद अहमद ने बताया कि सोमवार की रात बनी हरदू गांव में रहने वाली दोनों बहनें इटावा रेलवे स्टेशन के पास स्थित फर्रुखाबाद क्रासिंग पर पहुंचीं। वहां काफी देर तक इधर-उधर टहलती रहीं। इटावा से कानपुर की तरफ जा रही मालगाड़ी के सामने दोनों बहनें खड़ी हो गईं। गाड़ी के लोको पायलट के हार्न बजाने के बाद भी दोनों बहनें नहीं हटीं। यह जानकारी लोको पायलट ने स्टेशन अधीक्षक को दी है। बकौल जीआरपी प्रभारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दोनों बहनों के शरीर पर जिस तरह की चोटें पाई गई हैं, उससे आत्महत्या की पुष्टि हुई है।
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चौबिया थाना प्रभारी बोले
चौबिया थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी का कहना है कि दोनों बहनों के लापता होने की सूचना परिजनों ने थाने में नहीं दी थी। रेलवे ट्रैक पर लड़कियों के शव मिलने की सूचना वायरलेस पर फ्लैश होने पर वह खुद गांव गए थे। चौकीदार की सूचना पर परिजनों को शवों की पहचान के लिए इटावा ले गए थे। पूछताछ के दौरान आत्महत्या करने वाली बहनों के बड़े भाई द्वारा दोनों को डांटने व पीटने की बात सामने आई थी। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।
गांव वाले लगा रहे कयास
बड़े भाई के डांटने से दोनों बहनें खफा रही होंगी। दोस्तों से बात करके दोनों बहनें घर से भागने के इरादे से निकलीं। बातचीत के आधार पर दोनों बहनें इटावा रेलवे स्टेशन पहुंचीं। वहां दोनों के दोस्त नहीं पहुंचे और घर से निकले काफी समय बीत जाने की वजह से दोनों बहनें परेशान हो गईं। ऐसी स्थिति में दोनों बहनों ने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाया होगा। इसके अलावा और भी तरह के चर्चाएं ग्रामीणों में हो रही हैं।