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बिना बंटे बर्बाद हो गई हजारों रुपये की गर्भ निरोधक सामग्री
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फोटो संख्या 7: आग में जलते गर्भ निरोधक सामग्री के डिब्बे। संवाद
फोटो संख्या 8: डिब्बों से सामग्री को अलग करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
बिना बंटे बर्बाद हो गई गर्भ निरोधक सामग्री
एक्सपाइर सामग्री बायो मेडिकल वेस्ट में भिजवाकर खाली डिब्बे जलवाए: सीएमएस
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में स्थित 100 शैय्या महिला अस्पताल कोरोना महामारी के दौरान एल-टू कोविड अस्पताल बनाया गया था। अब इस अस्पताल के बंद कमरों से एक्सपाइरी डेट के गर्भ निरोधक सामग्री (कंडोम) के भारी मात्रा में मिलने और उन्हें डिब्बों से निकालकर आग के हवाले किए जाने से महिला अस्पताल की सीएमएस पर सवाल उठ रहे हैं।
आखिर इतनी मात्रा में कंडोम के पैकेट कब से और क्यों रखे हुए थे। समय से इनका वितरण क्यों नहीं किया गया, जबकि हर महीने 21 तारीख को परिवार खुशहाल दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर गर्भ निरोधक सामग्रियों का वितरण महिलाओं एवं पुरुषों को किया जाता है। बावजूद इसके महिला अस्पताल से करीब 100 कदम की दूरी पर स्थित 100 शैय्या महिला अस्पताल के कमरों में भरे कंडोम बर्बाद हो गए जिन्हें बांटने की जहमत नहीं उठाई गई। कुल मिलाकर बंटे बगैर बर्बाद हो गई हजारों रुपये की सामग्री।
कमरों की सफाई के दौरान मिली सामग्री
इस पूरे प्रकरण में महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ.कजली गुप्ता का कहना है कि उन्हें 100 शैय्या अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था करनी है। उसके लिए साफ-सफाई कराने के दौरान अस्पताल के कमरों से गर्भ निरोधक सामग्री से भरे डिब्बे मिले जो एक्सपाइरी डेट के थे। बताया करीब दो साल पुरानी है। उन्हें डिब्बों से अलग कर बायो मेडिकल वेस्ट में भिजवाकर खाली डिब्बों को आग में जलवा दिया।
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फोटो संख्या 8: डिब्बों से सामग्री को अलग करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
बिना बंटे बर्बाद हो गई गर्भ निरोधक सामग्री
एक्सपाइर सामग्री बायो मेडिकल वेस्ट में भिजवाकर खाली डिब्बे जलवाए: सीएमएस
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में स्थित 100 शैय्या महिला अस्पताल कोरोना महामारी के दौरान एल-टू कोविड अस्पताल बनाया गया था। अब इस अस्पताल के बंद कमरों से एक्सपाइरी डेट के गर्भ निरोधक सामग्री (कंडोम) के भारी मात्रा में मिलने और उन्हें डिब्बों से निकालकर आग के हवाले किए जाने से महिला अस्पताल की सीएमएस पर सवाल उठ रहे हैं।
आखिर इतनी मात्रा में कंडोम के पैकेट कब से और क्यों रखे हुए थे। समय से इनका वितरण क्यों नहीं किया गया, जबकि हर महीने 21 तारीख को परिवार खुशहाल दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर गर्भ निरोधक सामग्रियों का वितरण महिलाओं एवं पुरुषों को किया जाता है। बावजूद इसके महिला अस्पताल से करीब 100 कदम की दूरी पर स्थित 100 शैय्या महिला अस्पताल के कमरों में भरे कंडोम बर्बाद हो गए जिन्हें बांटने की जहमत नहीं उठाई गई। कुल मिलाकर बंटे बगैर बर्बाद हो गई हजारों रुपये की सामग्री।
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कमरों की सफाई के दौरान मिली सामग्री
इस पूरे प्रकरण में महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ.कजली गुप्ता का कहना है कि उन्हें 100 शैय्या अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था करनी है। उसके लिए साफ-सफाई कराने के दौरान अस्पताल के कमरों से गर्भ निरोधक सामग्री से भरे डिब्बे मिले जो एक्सपाइरी डेट के थे। बताया करीब दो साल पुरानी है। उन्हें डिब्बों से अलग कर बायो मेडिकल वेस्ट में भिजवाकर खाली डिब्बों को आग में जलवा दिया।
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