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35 गांव बाढ़ से घिरे, जनहानि व धन हानि नहीं
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इटावा। राजस्थान से 22 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण चकरनगर व सदर ब्लॉक के 45 गांव बाढ़ से ज्यादा प्रभावित हैं। हालांकि बहुत से गांव ऐसे हैं जो पानी से घिर गए हैं। राहत की बात ये है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि के प्रयासों से किसी प्रकार की जन और धन हानि नहीं हुई है। यह बात प्रदेश के सिंचाई मंत्री डा. महेंद्र सिंह ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि चकरनगर के 30 व सदर ब्लॉक के 15 गांव पानी से घिर गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 81 स्टीमर वोट काम कर रही हैं। इसके अलावा राहत और बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के 55 सदस्य, पीएसी के 21 जवान यानी जल पुरुष लगे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन व रहने की व्यवस्था के अलावा मेडिकल टीमें लगी हैं। पुलिस कर्मियों के अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर सचिवों व निगरानी समितियों को रखा गया है। राहत सामग्री की वितरण किया जा रहा है। पक्के भोजन के पैकेट की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित दोनों ब्लाकों में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। लोगों का शासन और प्रशासन पर भरोसा और विश्वास जगा है।
मंत्री ने बताया कि पशुओं के लिए दवा, भूसा की व्यवस्था की गई है। पानी घटने के बाद गांवों में जल जनित रोग न फैले इसके लिए दवा का छिड़काव और वैक्सीनेशन कराया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि चकरनगर के 30 व सदर ब्लॉक के 15 गांव पानी से घिर गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 81 स्टीमर वोट काम कर रही हैं। इसके अलावा राहत और बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के 55 सदस्य, पीएसी के 21 जवान यानी जल पुरुष लगे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन व रहने की व्यवस्था के अलावा मेडिकल टीमें लगी हैं। पुलिस कर्मियों के अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर सचिवों व निगरानी समितियों को रखा गया है। राहत सामग्री की वितरण किया जा रहा है। पक्के भोजन के पैकेट की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित दोनों ब्लाकों में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। लोगों का शासन और प्रशासन पर भरोसा और विश्वास जगा है।
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मंत्री ने बताया कि पशुओं के लिए दवा, भूसा की व्यवस्था की गई है। पानी घटने के बाद गांवों में जल जनित रोग न फैले इसके लिए दवा का छिड़काव और वैक्सीनेशन कराया जाएगा।
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