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बारिश से गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने
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जसवंतनगर। चार दिनों से हो रही बरसात ने क्षेत्र के तमाम गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। कई घरों में पानी भर गया है तो खेत पर जलभराव से फसलें चौपट हो गईं। परेशान लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
क्षेत्र के महामाई, असरोई नगला धोबी समेत लगभग 24 गांवों में बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले। अलग-अलग जगह से सामने आ रही तस्वीरों और वीडियो से यह साफ झलक रहा है। कहीं बच्चों को गोद में लेकर इधर-उधर बिठाया जा रहा है, तो कहीं बकरियां अलमारी में बैठी दिखाई दे रही हैं। किसी के दरवाजे पर पानी भर गया है तो किसी के घर में चूल्हा-चौका तबाह हो गए हैं।
नगला असरोई में पूर्व प्रधान कमलेश कुमार के घर में बारिश का पानी घुस गया। ईंटों और मिट्टी की मदद से इसे रोकने की कोशिश की गई। गांव में कुछ महिलाएं बाल्टियों व तसलों में पानी भरकर घर से बाहर निकालती देखी गईं। रामस्वरूप जमादार, अशोक, राज कुमार, सुरेंद्र, लाल सिंह, विनोद राम प्रकाश के घर तो ऐसे दिखाई दे रहे थे जैसे तालाब में हाउस बोट डाल दी गई हो।
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नगला धोबी गांव में राम कुमार, रविंद्र सिंह, वीरेंद्र, रामवीर जगदीश के घर भी बाढ़ जैसे ही हालात दिखाई दे रहे थे। कुछ गलियां लबालब भरी हुई थीं। जलभराव के वजह से लोग घरों में घंटों कैद रहे। हाईवे से जारी खेड़ा जाने वाली सड़क भी पूरी तरह से बारिश के पानी में डूब गई थी। नगला हुलासी व शाहजहांपुर गांव की गलियां भी पानी से भरी थीं। नगला बिकन गांव के जसराम ,प्रिंस बाबू, नवनीत राहुल की लौकी, मूली व पालक की फसलें बर्बाद हो गई है। इन परेशान लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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क्षेत्र के महामाई, असरोई नगला धोबी समेत लगभग 24 गांवों में बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले। अलग-अलग जगह से सामने आ रही तस्वीरों और वीडियो से यह साफ झलक रहा है। कहीं बच्चों को गोद में लेकर इधर-उधर बिठाया जा रहा है, तो कहीं बकरियां अलमारी में बैठी दिखाई दे रही हैं। किसी के दरवाजे पर पानी भर गया है तो किसी के घर में चूल्हा-चौका तबाह हो गए हैं।
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नगला असरोई में पूर्व प्रधान कमलेश कुमार के घर में बारिश का पानी घुस गया। ईंटों और मिट्टी की मदद से इसे रोकने की कोशिश की गई। गांव में कुछ महिलाएं बाल्टियों व तसलों में पानी भरकर घर से बाहर निकालती देखी गईं। रामस्वरूप जमादार, अशोक, राज कुमार, सुरेंद्र, लाल सिंह, विनोद राम प्रकाश के घर तो ऐसे दिखाई दे रहे थे जैसे तालाब में हाउस बोट डाल दी गई हो।
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नगला धोबी गांव में राम कुमार, रविंद्र सिंह, वीरेंद्र, रामवीर जगदीश के घर भी बाढ़ जैसे ही हालात दिखाई दे रहे थे। कुछ गलियां लबालब भरी हुई थीं। जलभराव के वजह से लोग घरों में घंटों कैद रहे। हाईवे से जारी खेड़ा जाने वाली सड़क भी पूरी तरह से बारिश के पानी में डूब गई थी। नगला हुलासी व शाहजहांपुर गांव की गलियां भी पानी से भरी थीं। नगला बिकन गांव के जसराम ,प्रिंस बाबू, नवनीत राहुल की लौकी, मूली व पालक की फसलें बर्बाद हो गई है। इन परेशान लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।