इटावा। धान मिल का गंदा पानी भरने से पानी से नगला अर्जुन के कई किसानों की फसल बर्बाद हो गई हैं। कुछ दिन पहले भी मिल से छोड़ा गया गंदा पानी फसलों में भर गया था। मिल मालिक की मनमानी से आक्रोशित किसान घर की महिलाओं व बच्चों के साथ तहसील पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों की मिल मालिक से नोकझोंक भी हो गई। एसडीएम ने मौके पर जाकर मुआयना कर मिल मालिक को नुकसान की भरपाई करने के निर्देश दिए हैं।
जसवंनगर ब्लॉक के कैस्त गांव के मजरा नगला अर्जुन के पास धान मिल है। इस मिल से पिछले सप्ताह गंदा पानी छोड़ा गया था। खेतों में यह पानी भरने से फसल खराब होने लगी थी। गुरुवार को फिर मिल का गंदा पानी खेतों में बहा दिया गया। इससे आलू और लहसुन की 30 बीघा से अधिक फसल डूब गई। मिल मालिक की मनमानी से आक्रोशित किसान नाथूराम, ज्ञान सिंह, केसव, कमलेश, मनोज कुमार, आदिल, संजू, श्रीकृष्ण, रामबीर, यतींद्र आदि महिलाओं व बच्चों के साथ शुक्रवार दोपहर तहसील पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच मिल मालिक दीपक गुप्ता भी पहुंच गए। ग्रामीणों की मिल मालिक से कहासुनी होने लगी। एसडीएम ने दोनों पक्षों को बुलाकर बात की। इसके बाद एसडीएम ज्योत्सनाबंधु तहसीलदार रामानुज यादव के साथ खेतों पर पहुंचीं। वहां उन्होंने फसल और मिल के पानी निकलने के स्थान का जायजा लिया। किसानों ने उन्हें बताया कि पांच लाख से ज्यादा की फसल को नुकसान हुआ है। किसानों ने मिल मालिक पर आरोप लगाया कि वह हमें परेशान कर सस्ते में जमीन हथियाना चाहते हैं। एसडीएम ज्योत्सनाबंधु ने बताया कि दोनों पक्षों की बात सुनी गई है। मिल मालिक को फसलों के नुकसान की भरपाई करने और पानी की निकासी खेतों में न करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर मिल मालिक किसानों के नुकसान की भरपाई नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।