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पशु शेड के नाम पर घोटाला, दर्ज होगी एफआईआर
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इटावा। विकास खंड ताखा में कागजों पर पशु शेड बनाकर लाखों रुपये हड़प लिए गए। इसका खुलासा होने पर मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर गठित जांच टीम ने गांव में जाकर हकीकत परखी। जांच में मौके पर कोई पशु शेड बना नहीं मिला। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सीडीओ राजा गणपति आर ने डीसी मनरेगा/ खंड विकास अधिकारी ताखा को दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
ताखा की ग्राम पंचायत रुद्रपुर चमरपुर में कागजों पर पशु शेड बनाकर लाखों रुपये हड़प लेने का मामला अमर उजाला ने शुक्रवार को उजागर किया था। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने मामले में जांच टीम गठित की। जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह एवं सहायक अभियंता जिला ग्राम्य अभिकरण अशोक कुमार श्रीवास्तव ने लाभार्थियों से वार्ता कर हकीकत जानी। मौके पर दोनों अधिकारियों को कोई पशु शेड बना नहीं मिला। गांव की लाभार्थी राजरानी ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है। लाभार्थी सियाराम ने जांच टीम को बताया की शुरुआत में नाप जोख की गई थी, लेकिन उसके बाद कोई निर्माण सामग्री नहीं भेजी गई। इसके बाद टीम ने भी माना की पशु शेड कागजों पर ही तैयार करके धनराशि का गबन किया गया।
जांच रिपोर्ट में राजरानी एवं सियाराम के पशु शेड निर्माण में धनराशि का दुरुपयोग किए जाने के आरोपों को सही पाया गया है। अध्यक्ष जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया की मौके पर कोई पशु शेड बना नहीं पाया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सीडीओ राजा गणपति आर ने डीसी मनरेगा/ खंड विकास अधिकारी ताखा को दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। अमर उजाला ने पशु शेड के निर्माण के नाम पर हुए घोटाले को लेकर प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की थी। इस खबर के आधार पर ही जांच कर कार्रवाई की गई है।
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ताखा की ग्राम पंचायत रुद्रपुर चमरपुर में कागजों पर पशु शेड बनाकर लाखों रुपये हड़प लेने का मामला अमर उजाला ने शुक्रवार को उजागर किया था। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने मामले में जांच टीम गठित की। जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह एवं सहायक अभियंता जिला ग्राम्य अभिकरण अशोक कुमार श्रीवास्तव ने लाभार्थियों से वार्ता कर हकीकत जानी। मौके पर दोनों अधिकारियों को कोई पशु शेड बना नहीं मिला। गांव की लाभार्थी राजरानी ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है। लाभार्थी सियाराम ने जांच टीम को बताया की शुरुआत में नाप जोख की गई थी, लेकिन उसके बाद कोई निर्माण सामग्री नहीं भेजी गई। इसके बाद टीम ने भी माना की पशु शेड कागजों पर ही तैयार करके धनराशि का गबन किया गया।
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जांच रिपोर्ट में राजरानी एवं सियाराम के पशु शेड निर्माण में धनराशि का दुरुपयोग किए जाने के आरोपों को सही पाया गया है। अध्यक्ष जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया की मौके पर कोई पशु शेड बना नहीं पाया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सीडीओ राजा गणपति आर ने डीसी मनरेगा/ खंड विकास अधिकारी ताखा को दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। अमर उजाला ने पशु शेड के निर्माण के नाम पर हुए घोटाले को लेकर प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की थी। इस खबर के आधार पर ही जांच कर कार्रवाई की गई है।
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