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पिता को देख बेटी के छलके खुशी के आंसू
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इटावा। आखिरकार कोरोना से जंग जीतकर पूर्व सैनिक मंगलवार रात करीब 11 बजे तिर्वा से एंबुलेंस में घर सुतियानी लौट आया है। पिता को देख छोटी बेटी की आंखों से खुशी के आंसू छलक आए। गाइडलाइन के अनुसार अब पूर्व सैनिक को 14 दिन सेल्फ क्वारंटीन रहना होगा।
बेटी ने पापा के घर में आने पर जल्दी से पानी दिया फिर उनके लिए चाय बनाई और बिस्कुट तथा नमकीन खाने को दिया। बेटी के कहने पर पूर्व सैनिक ने हल्के खाने के रूप में दाल और रोटी खाई। कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर पूर्व सैनिक को 17 अप्रैल को जिला अस्पताल से तिर्वा भेजा गया था।
फोन पर बेटी ने बताया कि वह हाईस्कूल तक पढ़ी है। पापा को कोरोना होने पर और ज्यादा परेशान थे। मम्मी की तबीयत पहले से खराब थी। आगरा में इलाज के बावजूद आराम नहीं मिलने पर अस्पताल से लाकर बड़ी बहन के ससुराल मैनपुरी भिजवा दिया था तब से वहीं हैं। अब पापा आ गए हैं सारी चिंताएं दूर हो गई हैं। बताया कि 14 अप्रैल को पापा खेत से गेहूं काटकर घर लौटे थे और दोपहर में आराम कर रहे थे। तभी डाक्टरों की टीम एंबुलेंस से घर के पास रुकी और पापा को अपने साथ जिला अस्पताल ले गई थी।
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पूर्व सैनिक ने बताया कि अचानक से हुए इस घटनाक्रम से खुद की चिंता छोड़ बेटियों की चिंता थी। भगवान की कृपा से सब ठीक हो गया और वे घर लौट आए हैं। बताया गांव के कुछ लोग उनसे मिलने आए थे, सभी को मना कर दिया है कि 14 दिन के बाद ही मिलेंगे। तिर्वा में छ्ट्टी करते समय डाक्टरों ने एहतियात बरतने की सलाह दी है कि 14 दिन घर से बाहर न निकलना न किसी को घर आने देना। घर वालों से भी दूरी बनाकर रहना।
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बेटी ने पापा के घर में आने पर जल्दी से पानी दिया फिर उनके लिए चाय बनाई और बिस्कुट तथा नमकीन खाने को दिया। बेटी के कहने पर पूर्व सैनिक ने हल्के खाने के रूप में दाल और रोटी खाई। कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर पूर्व सैनिक को 17 अप्रैल को जिला अस्पताल से तिर्वा भेजा गया था।
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फोन पर बेटी ने बताया कि वह हाईस्कूल तक पढ़ी है। पापा को कोरोना होने पर और ज्यादा परेशान थे। मम्मी की तबीयत पहले से खराब थी। आगरा में इलाज के बावजूद आराम नहीं मिलने पर अस्पताल से लाकर बड़ी बहन के ससुराल मैनपुरी भिजवा दिया था तब से वहीं हैं। अब पापा आ गए हैं सारी चिंताएं दूर हो गई हैं। बताया कि 14 अप्रैल को पापा खेत से गेहूं काटकर घर लौटे थे और दोपहर में आराम कर रहे थे। तभी डाक्टरों की टीम एंबुलेंस से घर के पास रुकी और पापा को अपने साथ जिला अस्पताल ले गई थी।
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पूर्व सैनिक ने बताया कि अचानक से हुए इस घटनाक्रम से खुद की चिंता छोड़ बेटियों की चिंता थी। भगवान की कृपा से सब ठीक हो गया और वे घर लौट आए हैं। बताया गांव के कुछ लोग उनसे मिलने आए थे, सभी को मना कर दिया है कि 14 दिन के बाद ही मिलेंगे। तिर्वा में छ्ट्टी करते समय डाक्टरों ने एहतियात बरतने की सलाह दी है कि 14 दिन घर से बाहर न निकलना न किसी को घर आने देना। घर वालों से भी दूरी बनाकर रहना।