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ऑरेंज जोन में आ गया नगला भगत गांव
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इटावा। जिले के दो हॉटस्पॉट में एक जसवंतनगर का नगला भगत ऑरेंज जोन में आ गया है। इस गांव का कोरोना पॉजिटिव निकला युवक ठीक होकर घर आ गया है। दस दिन बाद गांव ग्रीन जोन में आ जाएगा। दूसरे हॉटस्पॉट ऊसराहार के सुतियानी गांव के पॉजिटिव का गुरुवार को सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। उतवा संतोषपुर का मजरा खड़ैता भी प्रशासन की निगरानी में है। इस गांव के दो युवक आगरा में पॉजिटिव मिले हैं।
जिले में अभी तक दो कोेरोना पॉजिटिव मिले हैं। पहला पॉजिटिव ग्राम पंचायत सराय भूपत के मजरा नगला भगत निवासी धर्मवीर सिंह (40) निकला था। उसे कानपुर से सरसौल अस्पताल इलाज के लिए भेजने के साथ परिवार के लोगों समेत 87 सैंपल लिए गए थे। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इससे नगला भगत को सील कर पूरे गांव में छिड़काव कराया गया था। कुछ दिनों तक तो ग्रामीण सहमे रहे लेकिन अब हालात सामान्य हैं। दो दिन पहले धर्मवीर की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे गांव ले आया गया। इसके बाद से गांव ऑरेंज जोन में आ गया है। दूसरा हॉटस्पॉट सुतियानी अभी रेड जोन में ही है। इस गांव के सेवानिवृत्त सैनिक की 16 अप्रैल को जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। 17 अप्रैल को गांव को सील कर दिया गया था। इस गांव में सेवानिवृत्त सैनिक की तीन बेटियों समेत उसके संपर्क में आए 29 लोगों के सैंपल लिए गए थे। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अभी गांव में आने-जाने पर रोक है। इसके अलावा बसरेहर के उनवा संतोषपुर गांव के मजरा खड़ैता के दो युवक आगरा में कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। इस का पहला युवक 22 अप्रैल को पॉजिटिव निकला था, दूसरा 27 को निकला है।
दोनों 10 अप्रैल को गांव आए थे। खड़ैता समेत आसपास के गांवों में छिड़काव कराकर सैंपल भी लिए गए हैं। पहले लिए गए सैंपल की जांच भी निगेटिव आई है। मंगलवार को फिर 10 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। हालांकि खड़ैता को हॉटस्पॉट घोषित नहीं किया गया है लेकिन आने-जाने पर रोक लगी है। जिलाधिकारी जेबी सिंह ने बताया कि जिस-जिस गांव या मोहल्ले में मरीज मिलता है उसे हॉटस्पॉट घोषित किया जाता है। अगर अगला कोई मरीज वहां नहीं निकलता है तो 28 दिन तक वह स्थान हॉटस्पॉट रहता है। इस अवधि के पहले मरीज के ठीक होने पर हॉटस्पॉट रेड जोन से ऑरेंज जोन में आ जाता है। नगला भगत ऑरेंज जोन में आ गया है। 10 दिन बाद वह गांव ग्रीन जोन में आ जाएगा। अब जिले में केवल एक हॉटस्पॉट सुतियानी ही बचा है।
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जिले में अभी तक दो कोेरोना पॉजिटिव मिले हैं। पहला पॉजिटिव ग्राम पंचायत सराय भूपत के मजरा नगला भगत निवासी धर्मवीर सिंह (40) निकला था। उसे कानपुर से सरसौल अस्पताल इलाज के लिए भेजने के साथ परिवार के लोगों समेत 87 सैंपल लिए गए थे। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इससे नगला भगत को सील कर पूरे गांव में छिड़काव कराया गया था। कुछ दिनों तक तो ग्रामीण सहमे रहे लेकिन अब हालात सामान्य हैं। दो दिन पहले धर्मवीर की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे गांव ले आया गया। इसके बाद से गांव ऑरेंज जोन में आ गया है। दूसरा हॉटस्पॉट सुतियानी अभी रेड जोन में ही है। इस गांव के सेवानिवृत्त सैनिक की 16 अप्रैल को जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। 17 अप्रैल को गांव को सील कर दिया गया था। इस गांव में सेवानिवृत्त सैनिक की तीन बेटियों समेत उसके संपर्क में आए 29 लोगों के सैंपल लिए गए थे। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अभी गांव में आने-जाने पर रोक है। इसके अलावा बसरेहर के उनवा संतोषपुर गांव के मजरा खड़ैता के दो युवक आगरा में कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। इस का पहला युवक 22 अप्रैल को पॉजिटिव निकला था, दूसरा 27 को निकला है।
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दोनों 10 अप्रैल को गांव आए थे। खड़ैता समेत आसपास के गांवों में छिड़काव कराकर सैंपल भी लिए गए हैं। पहले लिए गए सैंपल की जांच भी निगेटिव आई है। मंगलवार को फिर 10 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। हालांकि खड़ैता को हॉटस्पॉट घोषित नहीं किया गया है लेकिन आने-जाने पर रोक लगी है। जिलाधिकारी जेबी सिंह ने बताया कि जिस-जिस गांव या मोहल्ले में मरीज मिलता है उसे हॉटस्पॉट घोषित किया जाता है। अगर अगला कोई मरीज वहां नहीं निकलता है तो 28 दिन तक वह स्थान हॉटस्पॉट रहता है। इस अवधि के पहले मरीज के ठीक होने पर हॉटस्पॉट रेड जोन से ऑरेंज जोन में आ जाता है। नगला भगत ऑरेंज जोन में आ गया है। 10 दिन बाद वह गांव ग्रीन जोन में आ जाएगा। अब जिले में केवल एक हॉटस्पॉट सुतियानी ही बचा है।
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