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यूपी: इटावा में मालगाड़ी की चपेट में आने से भाई-बहन की मौत, रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा
Thu, 30 Sep 2021 12:04 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 30 Sep 2021 12:04 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के इटावा में गुरुवार को रेलवे ट्रैक पार करते समय मालगाड़ी की चपेट में आने से बाइक सवार भाई बहनों की मौत हो गई। घटना से घर में कोहराम मच गया।
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मालगाड़ी
- फोटो : ani
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विस्तार
इटावा के जसवंतनगर में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) का रेलवे ट्रैक पार करते समय भाई-बहन मालगाड़ी की चपेट में आकर मौत का शिकार हो गए। वे दोनों खेत पर जा रहे थे। हादसे की सूचना से घर में कोहराम मच गया।
जसवंतनगर क्षेत्र के सिसाहाट गांव निवासी सज्जन कुमार खेती करते हैं। उनकी दूसरे नंबर की बेटी अंजू (17) और तीसरे नंबर का बेटा नितेश (15) क्षेत्र के ही एक विद्यालय में 12वीं व नौवीं में पढ़ते थे। गुरुवार सुबह अंजू भाई नितेश के साथ खेत में धान की फसल काटने के लिए जा रही थी।
इस दौरान गांव से गुजरे डीएफसी का ट्रैक पार करते समय दोनों कानपुर से इटावा की ओर जा रही मालगाड़ी की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों भाई-बहन की मौत हो गई। सूचना पर परिजन व गांव के लोग भागकर मौके पर पहुंचे। परिजन नितेश व अंजू के शव से लिपटकर बिलख पड़े। थाना पुलिस ने भाई-बहन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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जसवंतनगर क्षेत्र के सिसाहाट गांव निवासी सज्जन कुमार खेती करते हैं। उनकी दूसरे नंबर की बेटी अंजू (17) और तीसरे नंबर का बेटा नितेश (15) क्षेत्र के ही एक विद्यालय में 12वीं व नौवीं में पढ़ते थे। गुरुवार सुबह अंजू भाई नितेश के साथ खेत में धान की फसल काटने के लिए जा रही थी।
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इस दौरान गांव से गुजरे डीएफसी का ट्रैक पार करते समय दोनों कानपुर से इटावा की ओर जा रही मालगाड़ी की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों भाई-बहन की मौत हो गई। सूचना पर परिजन व गांव के लोग भागकर मौके पर पहुंचे। परिजन नितेश व अंजू के शव से लिपटकर बिलख पड़े। थाना पुलिस ने भाई-बहन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
नितेश और अंजू के शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। परिजन दोनों शव लेकर घर पहुंचे तो एक बार फिर कोहराम मच गया। भाई-बहन की अर्थी एक साथ घर से उठी तो वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। ग्रामीणों का कहना था कि नितेश और अंजू में काफी पटती थी। अधिकांश समय दोनों एक साथ ही रहते थे। खेत हो या बाजार एक साथ ही आते-जाते थे। अब दोनों की अर्थी भी एकसाथ उठ रही है। दोनों का इटावा के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
नेता पहुंचे सांत्वना देने
हादसे में नितेश व अंजू की मौत की खबर पाकर भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अनिल राजपूत, सपा नेता दुष्यंत यादव समेत कई राजनीतिक दलों की नेता उनके घर पहुंचे। दुखी परिजनों को सांत्वना देकर हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
एक बेटा व दो बेटियां बचीं
नितेश व अंजू की मौत के बाद सज्जन कुमार के परिवार में पत्नी, बेटा ऋषि, बेटियां शिवानी व रूबी बची हैं। सज्जन कुमार ने बताया कि उनके पास मात्र पांच बीघा जमीन है। जिस पर खेती और मजदूरी करके वह परिवार के पेट पालते हैं।
नितेश और अंजू के शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। परिजन दोनों शव लेकर घर पहुंचे तो एक बार फिर कोहराम मच गया। भाई-बहन की अर्थी एक साथ घर से उठी तो वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। ग्रामीणों का कहना था कि नितेश और अंजू में काफी पटती थी। अधिकांश समय दोनों एक साथ ही रहते थे। खेत हो या बाजार एक साथ ही आते-जाते थे। अब दोनों की अर्थी भी एकसाथ उठ रही है। दोनों का इटावा के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
नेता पहुंचे सांत्वना देने
हादसे में नितेश व अंजू की मौत की खबर पाकर भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अनिल राजपूत, सपा नेता दुष्यंत यादव समेत कई राजनीतिक दलों की नेता उनके घर पहुंचे। दुखी परिजनों को सांत्वना देकर हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
एक बेटा व दो बेटियां बचीं
नितेश व अंजू की मौत के बाद सज्जन कुमार के परिवार में पत्नी, बेटा ऋषि, बेटियां शिवानी व रूबी बची हैं। सज्जन कुमार ने बताया कि उनके पास मात्र पांच बीघा जमीन है। जिस पर खेती और मजदूरी करके वह परिवार के पेट पालते हैं।