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Etawah News: आईपीएस और सीबीआई अधिकारी बनकर कारोबारी को किया डिजिटल अरेस्ट, 21 लाख ठगे
Sun, 04 Oct 2026 11:15 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Sun, 04 Oct 2026 11:15 PM IST
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इटावा। साइबर ठगों ने सीमेंट कारोबारी को दिल्ली पुलिस का आईपीएस अधिकारी और सीबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। 6.80 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन में नाम आने और सीबीआई जांच का डर दिखाकर आरोपियों ने कारोबारी से चार बार में 21 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। ठगों ने परिवार को घर से उठवाने और बेटे समेत जेल भेजने की धमकी दी। रकम जुटाने के लिए कारोबारी को घर के सोने-चांदी के जेवर तक बेचने पड़े। शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विजय नगर निवासी वीरेंद्र सिंह कुशवाह पचावली रोड यशोदानगर में जमुना सीमेंट एजेंसी चलाते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 अगस्त को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिये दिल्ली पुलिस कंप्लेंट एक्नॉलेजमेंट की फोटो भेजी गई। व्हाट्सएप आईडी पर बलराज सिंह आईपीएस नाम लिखा था। कुछ देर बाद फोन कर आरोपी ने कहा कि दिल्ली में उनके नाम से आईसीआईसीआई बैंक खाता है, जिसमें 6.80 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। मामले में सीबीआई जांच शुरू होने और गिरफ्तारी की बात कहकर उन्हें डराया गया।
आरोपियों ने फर्जी पासबुक और लेनदेन का विवरण भेजकर कारोबारी को विश्वास में ले लिया। इसके बाद मामला खत्म कराने के नाम पर 50 लाख रुपये मांगे गए। किसी को जानकारी देने पर परिवार को घर से उठाने की धमकी दी गई। डर के कारण कारोबारी ने 27 अगस्त को दो लाख और पांच सितंबर को दो लाख रुपये अलग-अलग खातों में आरटीजीएस किए। इसके बाद भी आरोपी लगातार व्हाट्सएप ऑडियो और वीडियो कॉल कर धमकाते रहे।
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14 सितंबर को कारोबारी से 10 लाख रुपये आईसीआईसीआई बैंक खाते में और 18 सितंबर को सात लाख रुपये हैदराबाद स्थित श्री वेंकटेश्वरी यूपी-वीसी प्राइवेट लिमिटेड के खाते में ट्रांसफर कराए गए। आरोपी कभी बलराज सिंह आईपीएस तो कभी प्रदीप नाम बताकर खुद को सीबीआई चीफ बताता था। 21 सितंबर को फिर फोन कर और रुपये मांगे गए। रुपये न देने पर कारोबारी और उसके बेटे को घर से उठाकर जेल भेजने और जमानत नहीं होने देने की धमकी दी गई।
लगातार धमकियों से परेशान कारोबारी को बाद में ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाने में शिकायत की। एसपी क्राइम संतोष सिंह ने बताया कि एक खाते में भेजी गई सात लाख रुपये की रकम होल्ड करा दी गई है। अन्य खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
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विजय नगर निवासी वीरेंद्र सिंह कुशवाह पचावली रोड यशोदानगर में जमुना सीमेंट एजेंसी चलाते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 अगस्त को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिये दिल्ली पुलिस कंप्लेंट एक्नॉलेजमेंट की फोटो भेजी गई। व्हाट्सएप आईडी पर बलराज सिंह आईपीएस नाम लिखा था। कुछ देर बाद फोन कर आरोपी ने कहा कि दिल्ली में उनके नाम से आईसीआईसीआई बैंक खाता है, जिसमें 6.80 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। मामले में सीबीआई जांच शुरू होने और गिरफ्तारी की बात कहकर उन्हें डराया गया।
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आरोपियों ने फर्जी पासबुक और लेनदेन का विवरण भेजकर कारोबारी को विश्वास में ले लिया। इसके बाद मामला खत्म कराने के नाम पर 50 लाख रुपये मांगे गए। किसी को जानकारी देने पर परिवार को घर से उठाने की धमकी दी गई। डर के कारण कारोबारी ने 27 अगस्त को दो लाख और पांच सितंबर को दो लाख रुपये अलग-अलग खातों में आरटीजीएस किए। इसके बाद भी आरोपी लगातार व्हाट्सएप ऑडियो और वीडियो कॉल कर धमकाते रहे।
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14 सितंबर को कारोबारी से 10 लाख रुपये आईसीआईसीआई बैंक खाते में और 18 सितंबर को सात लाख रुपये हैदराबाद स्थित श्री वेंकटेश्वरी यूपी-वीसी प्राइवेट लिमिटेड के खाते में ट्रांसफर कराए गए। आरोपी कभी बलराज सिंह आईपीएस तो कभी प्रदीप नाम बताकर खुद को सीबीआई चीफ बताता था। 21 सितंबर को फिर फोन कर और रुपये मांगे गए। रुपये न देने पर कारोबारी और उसके बेटे को घर से उठाकर जेल भेजने और जमानत नहीं होने देने की धमकी दी गई।
लगातार धमकियों से परेशान कारोबारी को बाद में ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाने में शिकायत की। एसपी क्राइम संतोष सिंह ने बताया कि एक खाते में भेजी गई सात लाख रुपये की रकम होल्ड करा दी गई है। अन्य खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।