{"_id":"58879a904f1c1b5c02cf538b","slug":"enhanced-trains-no-facilities-at-junction","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेनें बढ़ी, जंक्शन बना पर सुविधाएं नहीं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेनें बढ़ी, जंक्शन बना पर सुविधाएं नहीं
इटावा
Updated Tue, 24 Jan 2017 11:48 PM IST
विज्ञापन
उन्नाव जंक्शन स्थित प्लेटफार्म नंबर दो पर अर्थवायर की मरम्मत करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा स्टेशन को आदर्श रेलवे स्टेशन का दर्जा के साथ जंक्शन बनाया गया। इसके साथ ही इटावा से भिंड-ग्वालियर, इटावा-वटेश्वर व इटावा-मैनपुरी लाइन के शुरू होने के बाद कई नई ट्रेनें भी मिली। जल्द ही स्टेशन पर कई नई ट्रेनों के ठहराव भी शुरू होने वाले हैं, लेकिन अभी तक इटावा जंक्शन सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। जिसके चलते यहां प्रतिदिन आने जाने वाले यात्रियों को दिक्कत होती है। दिल्ली-हावड़ा लाइन के इस प्रमुख जंक्शन पर सुविधाएं बढ़ाने में रेल अधिकारी लगातार लापरवाह बने हैं।
यात्रियों को नहीं मिल पाता पानी
इटावा। जंक्शन पर इटावा-वटेशवर रेलवे लाइन व इटावा, भिंड-ग्वालियर लाइन के शुरू हो जाने के बाद से डेमो पैसेंजर का ठहराव इटावा स्टेशन पर अभी तक चल रहा था। ट्रेन में टायलेट की सुविधा भी थी, लेकिन यहां ट्रेनों को पानी नहीं दिया गया। ऐसा नहीं कि स्टेशन पर पानी की सुविधा नहीं है, यहां मनमानी यह है कि ट्रेन को पानी दिए जाने की बजाय उसके टायलेट को ही बंद कर दिया गया। अव्यवस्था यह भी है कि ज्यादातर ट्रेनें जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 1,2 व 3 पर ठहराव करती हैं, जबकि वाटर फिलिंग की सुविधा प्लेटफार्म नंबर 4व 5 पर है।
निशक्त व बुजुर्ग यात्री होते हैं परेशान
इटावा। इटावा जंक्शन पर आज भी ज्यादातर ट्रेनों का ठहराव प्लेटफार्म नंबर 2 व 3 पर ही होता है। जिससे यात्रियों को प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों पर चढ़ना, उतरना आवश्यक हो जाता है। ऐसे में निशक्त, बीमार व बुजुर्ग यात्रियों को भारी दिक्कत होती है। जो लोग सीढ़ी नहीं चढ़ उतर पाते उन्हें भी किसी न किसी तरह से सीढ़ी चढ़नी ही पड़ती है, क्योंकि इसके अलावा जंक्शन पर ट्रेन पकड़ने के लिए कोई दूसरा रास्ता ही नहीं है। रेल अधिकारियों ने कई बार यहां स्वचालित सीढ़ियां या लिफ्ट लगवाने का आश्वासन दिया, लेकिन आज भी स्थित जस की तस बनी है। खास बात यह है कि स्टेशन पर कोई अंडरपास भी नहीं है।
विज्ञापन
प्लेटफार्म एक खड़ी रहती हैं मालगाड़ी
इटावा। कहने को इटावा स्टेशन अब जंक्शन बन चुका है, लेकिन स्थिति आज भी यही है कि प्लेटफार्म नंबर एक पर इक्का-दुक्का ट्रेनों को छोड़कर किसी यात्री ट्रेन का ठहराव नहीं होता। एक नंबर प्लेटफार्म पर यात्री ट्रेन की जगह मालगाड़ी को खड़ा किया जाता है। जिससे सुविधा की जगह असुविधाएं खड़ी हो जाती है। प्लेट फार्म पर मालगाड़ी एक-दो घंटे के लिए ही नहीं बल्कि दो-दो दिनों तक खड़ी रहती है। जबकि यात्री ट्रेनें प्लेटफार्म नंबर 2व 3 से होकर जाती हैं।
अभी तक नहीं लगे कोच इंडीकेटर
इटावा। रेल अधिकारियों ने स्टेशन का दौरा करने के बाद कई बार शहर की जनता को आश्वासन दिया कि स्टेशन पर जल्द ही कोच इंडीकेटर लगाए जाएंगे। यहां तक कि इलाहाबाद मंडल के तत्कालीन डीआरएम और जीएम ने भी कोच इंडीके टर की मांग को जायज बताते हुए जल्द सुविधा देने का आश्वासन दिया था लेकिन कई वर्ष बीतने और स्टेशन को जंक्शन का दर्जा मिलने के बाद भी अभी तक प्लेट फार्माें पर कोच इंडीकेटर नहीं लगे हैं।
विज्ञापन
यात्रियों को नहीं मिल पाता पानी
इटावा। जंक्शन पर इटावा-वटेशवर रेलवे लाइन व इटावा, भिंड-ग्वालियर लाइन के शुरू हो जाने के बाद से डेमो पैसेंजर का ठहराव इटावा स्टेशन पर अभी तक चल रहा था। ट्रेन में टायलेट की सुविधा भी थी, लेकिन यहां ट्रेनों को पानी नहीं दिया गया। ऐसा नहीं कि स्टेशन पर पानी की सुविधा नहीं है, यहां मनमानी यह है कि ट्रेन को पानी दिए जाने की बजाय उसके टायलेट को ही बंद कर दिया गया। अव्यवस्था यह भी है कि ज्यादातर ट्रेनें जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 1,2 व 3 पर ठहराव करती हैं, जबकि वाटर फिलिंग की सुविधा प्लेटफार्म नंबर 4व 5 पर है।
विज्ञापन
निशक्त व बुजुर्ग यात्री होते हैं परेशान
इटावा। इटावा जंक्शन पर आज भी ज्यादातर ट्रेनों का ठहराव प्लेटफार्म नंबर 2 व 3 पर ही होता है। जिससे यात्रियों को प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों पर चढ़ना, उतरना आवश्यक हो जाता है। ऐसे में निशक्त, बीमार व बुजुर्ग यात्रियों को भारी दिक्कत होती है। जो लोग सीढ़ी नहीं चढ़ उतर पाते उन्हें भी किसी न किसी तरह से सीढ़ी चढ़नी ही पड़ती है, क्योंकि इसके अलावा जंक्शन पर ट्रेन पकड़ने के लिए कोई दूसरा रास्ता ही नहीं है। रेल अधिकारियों ने कई बार यहां स्वचालित सीढ़ियां या लिफ्ट लगवाने का आश्वासन दिया, लेकिन आज भी स्थित जस की तस बनी है। खास बात यह है कि स्टेशन पर कोई अंडरपास भी नहीं है।
विज्ञापन
प्लेटफार्म एक खड़ी रहती हैं मालगाड़ी
इटावा। कहने को इटावा स्टेशन अब जंक्शन बन चुका है, लेकिन स्थिति आज भी यही है कि प्लेटफार्म नंबर एक पर इक्का-दुक्का ट्रेनों को छोड़कर किसी यात्री ट्रेन का ठहराव नहीं होता। एक नंबर प्लेटफार्म पर यात्री ट्रेन की जगह मालगाड़ी को खड़ा किया जाता है। जिससे सुविधा की जगह असुविधाएं खड़ी हो जाती है। प्लेट फार्म पर मालगाड़ी एक-दो घंटे के लिए ही नहीं बल्कि दो-दो दिनों तक खड़ी रहती है। जबकि यात्री ट्रेनें प्लेटफार्म नंबर 2व 3 से होकर जाती हैं।
अभी तक नहीं लगे कोच इंडीकेटर
इटावा। रेल अधिकारियों ने स्टेशन का दौरा करने के बाद कई बार शहर की जनता को आश्वासन दिया कि स्टेशन पर जल्द ही कोच इंडीकेटर लगाए जाएंगे। यहां तक कि इलाहाबाद मंडल के तत्कालीन डीआरएम और जीएम ने भी कोच इंडीके टर की मांग को जायज बताते हुए जल्द सुविधा देने का आश्वासन दिया था लेकिन कई वर्ष बीतने और स्टेशन को जंक्शन का दर्जा मिलने के बाद भी अभी तक प्लेट फार्माें पर कोच इंडीकेटर नहीं लगे हैं।