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फार्मेसी में रोजगार और शोध की अपार संभावनाएं
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इटावा। चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई के फैकेल्टी आफ फार्मेसी तथा इंडियन फार्मेसी ग्रेजुएट एसोसिएशन (आईपीजीए) के सहयोग से रिसेंट डेवलपमेंट इन फार्मेसी एजुकेशन पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी पंडित रविशंकर शुक्ला यूनिवर्सिटी, रायपुर के निदेशक प्रो. शैलेंद्र सर्राफ ने किया।
सेमिनार में देश-प्रदेश से आए फार्मेसी विशेषज्ञों ने फार्मेसी एजुकेशन में आ रहे बदलाव, नई तकनीक एवं फार्मेसी में हो रहे शोध तथा इस सेक्टर में नौकरी के अवसर के बारे में विस्तार से बताया।
सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में डा. अमिता तिलक, जीएसवीएम कानपुर, डा. वंदना अरोरा ग्रेटर नोएडा, डा. काश्मीरा गोहेल आगरा, डा. अतुल नासा नई दिल्ली, डा. विजय भल्ला गुरुग्राम आदि ने जानकारी दी। प्रो. शैलेंद्र सर्राफ ने कहा कि फार्मेसी का सीधा संबंध दवाई, औषधि मेडिसिन, ड्रग आदि से है।
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प्रतिकुलपति डा. रमाकांत यादव ने फार्मेसी की पढ़ाई करने के बाद के संभावनाओं पर विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि फार्मेसी का क्षेत्र आज बहुत व्यापक हो गया है। कोई भी फार्मेसी ग्रेजुएट पोस्ट ग्रेजुएट अपनी रुचि के अनुसार फर्मासिस्ट के रूप सरकारी या गैरसरकारी संस्थान में कार्य कर सकता है।
इसके अलावा वह आगे की पढ़ाई करके रिसर्च सेंटर, हेल्थ सेंटर या फिर बड़ी मेडिसिन कंपनी में भी काम कर सकता है।
फैकल्टी ऑफ फार्मेसी के संकाय अध्यक्ष डा. देवेंद्र पाठक ने फार्मास्युटिकल कंपनियों में मैन्युफैक्चरिंग, पैकिंग, क्वालिटी कंट्रोल, मार्केटिंग आदि में नौकरी मिल जाती है। इसके अलावा सरकारी संस्थानों में ड्रग इंस्पेक्टर, तथा फर्मासिस्ट के रूप में भी बेहतर काम किया जा सकता है।
इस अवसर पर डा. कमला पाठक, डा. आदेश कुमार, निदेशक वित्त गुरजीत सिंह कलसी, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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सेमिनार में देश-प्रदेश से आए फार्मेसी विशेषज्ञों ने फार्मेसी एजुकेशन में आ रहे बदलाव, नई तकनीक एवं फार्मेसी में हो रहे शोध तथा इस सेक्टर में नौकरी के अवसर के बारे में विस्तार से बताया।
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सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में डा. अमिता तिलक, जीएसवीएम कानपुर, डा. वंदना अरोरा ग्रेटर नोएडा, डा. काश्मीरा गोहेल आगरा, डा. अतुल नासा नई दिल्ली, डा. विजय भल्ला गुरुग्राम आदि ने जानकारी दी। प्रो. शैलेंद्र सर्राफ ने कहा कि फार्मेसी का सीधा संबंध दवाई, औषधि मेडिसिन, ड्रग आदि से है।
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प्रतिकुलपति डा. रमाकांत यादव ने फार्मेसी की पढ़ाई करने के बाद के संभावनाओं पर विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि फार्मेसी का क्षेत्र आज बहुत व्यापक हो गया है। कोई भी फार्मेसी ग्रेजुएट पोस्ट ग्रेजुएट अपनी रुचि के अनुसार फर्मासिस्ट के रूप सरकारी या गैरसरकारी संस्थान में कार्य कर सकता है।
इसके अलावा वह आगे की पढ़ाई करके रिसर्च सेंटर, हेल्थ सेंटर या फिर बड़ी मेडिसिन कंपनी में भी काम कर सकता है।
फैकल्टी ऑफ फार्मेसी के संकाय अध्यक्ष डा. देवेंद्र पाठक ने फार्मास्युटिकल कंपनियों में मैन्युफैक्चरिंग, पैकिंग, क्वालिटी कंट्रोल, मार्केटिंग आदि में नौकरी मिल जाती है। इसके अलावा सरकारी संस्थानों में ड्रग इंस्पेक्टर, तथा फर्मासिस्ट के रूप में भी बेहतर काम किया जा सकता है।
इस अवसर पर डा. कमला पाठक, डा. आदेश कुमार, निदेशक वित्त गुरजीत सिंह कलसी, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।