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साक्षरता अधिकारों के प्रति बनाती है जागरूक
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इटावा। नारायन कालेज ऑफ साइंस एंड आर्ट में बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया गया। इस मौके पर हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि साक्षरता से अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बढ़ती है। इस दौरान निबंध व पोस्टर प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने निबंध और कलाकृतियों के माध्यम से साक्षरता का महत्व बताया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
गोष्ठी में कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि अधिकारों को जानने और साक्षरता की ओर मानव चेतना को बढ़ाने के लिए साक्षरता दिवस मनाया जाता है। साक्षरता का महत्व केवल पढ़ना-लिखना या शिक्षित होना ही नहीं है।
यह लोगों को अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करती है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में चार अरब लोग साक्षर हैं और आज भी एक अरब लोग पढ़-लिख नहीं सकते। हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि समाज का कोई भी वर्ग निरक्षर न रहे। इस मौके पर दीप्ती अवस्थी व हिना आदि मौजूद रहीं।
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गोष्ठी में कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि अधिकारों को जानने और साक्षरता की ओर मानव चेतना को बढ़ाने के लिए साक्षरता दिवस मनाया जाता है। साक्षरता का महत्व केवल पढ़ना-लिखना या शिक्षित होना ही नहीं है।
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यह लोगों को अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करती है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में चार अरब लोग साक्षर हैं और आज भी एक अरब लोग पढ़-लिख नहीं सकते। हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि समाज का कोई भी वर्ग निरक्षर न रहे। इस मौके पर दीप्ती अवस्थी व हिना आदि मौजूद रहीं।
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