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पीजीडीसीए में भी मिलता है शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ
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इटावा। जनता कालेज बकेवर के संगोष्ठी कक्ष में बुधवार को सत्र 2021- 22 में प्रवेश संबंधी बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि नई शिक्षा नीति में कंप्यूटर आधारित पाठ्यक्रमों पर जोर दिया जा रहा है।
कालेज की प्राचार्य डॉ. नलिनी शुक्ला ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से संचालित एक वर्षीय पीजीडीसीए परास्नातक डिप्लोमा पाठ्यक्रम को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पीजीडीसीए पाठ्यक्रम सरकारी एवं प्राइवेट नौकरियों के महत्वपूर्ण है। अन्य पाठ्यक्रमों की भांति ही इसमें भी शासन से पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में दिए जाने का प्रावधान है।
प्राचार्य डॉ. नलिनी शुक्ला ने बताया कि विभिन्न संकाय की मेरिट सूची जारी कर दी गई है। इसके अनुसार आठ सितंबर से प्रवेश आरंभ किए जा चुके हैं।
बैठक में बताया गया कि स्नातक स्तर पर नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार प्रवेश किए जाने हैं। इसके चलते अब स्नातक स्तर पर वार्षिक पद्धति के स्थान पर सेमेस्टर पद्धति एवं नवीन पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के अनुसार यूजी स्तर पर छात्र-छात्राओं को अब दो मेजर विषय चुनने होंगे। इसके अतिरिक्त एक विषय किसी अन्य संकाय का अथवा अपने संकाय का लेना होगा। एक माइनर विषय अपने संकाय से अथवा किसी अन्य संकाय से लेना होगा। इसके अतिरिक्त एक को-करिकुलर पाठ्यक्रम एवं एक वोकेशनल पाठ्यक्रम को भी पढ़ना होगा। इस प्रकार छात्र-छात्राओं को छह विषय पढ़ने होंगे।
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बैठक में डीन कृषि संकाय डॉ. एके पांडेय, डीन विज्ञान संकाय डॉ. ललित गुप्ता, डॉ. एमपी सिंह, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. अभिषेक सिंह, गोपीनाथ मौर्य, डॉ. नवीन अवस्थी, डॉ प्रकाश दुबे, डॉ. ज्योति भदौरिया, डॉ. इंदु बाला मिश्रा, डॉ. दिव्य ज्योति मिश्र, डॉ. आनंद सिंह, डॉ. एसकेएस चंदेल, अश्वनी कुमार मिश्र व अजय कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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कालेज की प्राचार्य डॉ. नलिनी शुक्ला ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से संचालित एक वर्षीय पीजीडीसीए परास्नातक डिप्लोमा पाठ्यक्रम को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पीजीडीसीए पाठ्यक्रम सरकारी एवं प्राइवेट नौकरियों के महत्वपूर्ण है। अन्य पाठ्यक्रमों की भांति ही इसमें भी शासन से पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में दिए जाने का प्रावधान है।
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प्राचार्य डॉ. नलिनी शुक्ला ने बताया कि विभिन्न संकाय की मेरिट सूची जारी कर दी गई है। इसके अनुसार आठ सितंबर से प्रवेश आरंभ किए जा चुके हैं।
बैठक में बताया गया कि स्नातक स्तर पर नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार प्रवेश किए जाने हैं। इसके चलते अब स्नातक स्तर पर वार्षिक पद्धति के स्थान पर सेमेस्टर पद्धति एवं नवीन पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के अनुसार यूजी स्तर पर छात्र-छात्राओं को अब दो मेजर विषय चुनने होंगे। इसके अतिरिक्त एक विषय किसी अन्य संकाय का अथवा अपने संकाय का लेना होगा। एक माइनर विषय अपने संकाय से अथवा किसी अन्य संकाय से लेना होगा। इसके अतिरिक्त एक को-करिकुलर पाठ्यक्रम एवं एक वोकेशनल पाठ्यक्रम को भी पढ़ना होगा। इस प्रकार छात्र-छात्राओं को छह विषय पढ़ने होंगे।
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बैठक में डीन कृषि संकाय डॉ. एके पांडेय, डीन विज्ञान संकाय डॉ. ललित गुप्ता, डॉ. एमपी सिंह, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. अभिषेक सिंह, गोपीनाथ मौर्य, डॉ. नवीन अवस्थी, डॉ प्रकाश दुबे, डॉ. ज्योति भदौरिया, डॉ. इंदु बाला मिश्रा, डॉ. दिव्य ज्योति मिश्र, डॉ. आनंद सिंह, डॉ. एसकेएस चंदेल, अश्वनी कुमार मिश्र व अजय कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।