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कवि सम्मेलन में उमड़ी श्रोताओं की भीड़
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Tue, 20 Jan 2015 12:04 AM IST
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शहर के केके डिग्री कालेज में सोमवार की दोपहर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। देशभर के नामचीन कवियों ने मंच से काव्यपाठ करके सभी का मनमोह लिया।
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दिल्ली से आए राष्ट्रीय स्तर के कवि मनवीर मधुर ने अपनी कविता- काम हो तो ऐसा कि दुश्मन पानी..पानी..पानी मांगने लगे, अभिमन्यु को केंद्र में रखकर संस्कारों में कमी रखना नहीं...सुनाकर श्रोताआें का दिल जीत लिया। इसके बाद हास्य तथा व्यंग के कवि ग्वालियर से आए प्रदीप चौबे ने क्षणिकाएं सुनाकर श्रोताआें क ो खूब गुदगुदाया।
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आलपिन संग्रह से क्षणिकाएं सुनाते हुए उन्होंने कहा कि अंडा विक्रेता से हमने पूछा अंडे कैसे दिए, वह बोला हरामखोर भाव पूछ रहा है या तरीका। दोपहर से शुरू हुए सुरों के समुंदर में श्रोता देर शाम तक गोते लगाते रहे।
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केकेडीसी में आयोजित कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि औरैया के समाजसेवी विनोद यादव रहे। अध्यक्षता ज्ञानदीप शिक्षण संस्थान की निदेशक डा. रजनी यादव ने की। स्वागताध्यक्ष के रूप में कर्मक्षेत्र महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष डा. लक्ष्मीपति वर्मा, इंजी. बृजेश कुमार, सपा के जिला अध्यक्ष कवि अशोक यादव मंचासीन रहे।
इससे पहले कवि सम्मेलन का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। कवि सम्मेलन में देवास से आए शशिकांत यादव, शशंाक प्रभाकर आगरा, व्यंजना शुक्ला लखनऊ, कुमार मनोज इटावा, योगेंद्र मोदगिल पानीपत, निशामुनि गौर कोटा, रविकंात चतुर्वेदी कानपुर ने कविता पाठ कर श्रोताआें को सर्द मौसम के बाद भी महफिल में बैठे रहने के लिए मजबूर कर दिया।
समापन की बेला पर केकेडीसी के अध्यक्ष डा. लक्ष्मीपति वर्मा, प्राचार्य मौकम सिंह यादव ने वरिष्ठ कवि प्रदीप व उनकी पत्नी विनीता चौबे सहित सभी कवियाें को प्रतीकचिन्ह देकर सम्मानित किया। कवि सम्मेलन सुनने के लिए बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।