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भरथना, जसवंतनगर में भाजपा में संशय
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इटावा। जिले की तीन विधानसभा सीटों पर तीसरे चरण में होने वाले मतदान के लिए दो दिन बाद नामांकन शुरू हो जाएंगे। चुनाव धीरे-धीरे गति पकड़ने लगेगा।
दो दिन पहले तक भाजपा ने सिर्फ एक सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित किया, जबकि सपा से जसवंतनगर सीट पर शिवपाल सिंह यादव चुनाव लड़ेंगे। बसपा और कांग्रेस ने अभी एक भी सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
भाजपा ने जहां इटावा सीट पर पुराने चेहरे पर ही विश्वास जताया, वहीं भरथना और जसवंतनगर को सूची में शामिल न कर संशय बरकरार रखा है। इस बार इटावा सीट पर सपा प्रत्याशी को लेकर सबकी निगाहें टिकी हैं।
यहां प्रत्याशी के तौर पर तीन नाम चल रहे हैं। सोशल मीडिया पर तीनों के समर्थक अपने प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी माहौल तैयार करने में लगे हैं। आखिरी फैसले के लिए गेंद अभी सभी राजनीतिक दलों के पाले में है।
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2022 के विस चुनाव में सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस एक दूसरे की घेराबंदी में जुट गए हैं। इटावा जिला यूं तो सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के नाम के लिए जाना जाता है। देश और प्रदेश की राजनीति में इटावा की पहचान मुलायम सिंह यादव के नाम से ही होती है।
जाहिर है यहां का चुनाव सपा के लिए नाक का सवाल होता है। मुलायम ने अपने दबदबे को हमेशा कायम रखा। इटावा की राजनीति 80 के दशक से उनके इर्द गिर्द ही घूमती रही।
हालांकि, कभी रामलहर में तो कभी मोदी फैक्टर से भाजपा अपनी चमक दिखाती रही। 2012 के विस चुनाव में सपा ने जहां तीनों सीटों पर कब्जा किया था, वहीं 2017 के चुनाव में केवल एक सीट पर संतोष करना पड़ा।
जसवंतनगर से शिवपाल सिंह यादव जीते, बाकी इटावा और भरथना में सपा को हार का सामना करना पड़। इस हार से तिलमिलायी सपा अबकी पूरी ताकत झोंकने जा रही है।
सपा की कोशिश होगी कि तीनों सीटों पर फिर से उसका परचम लहराए, जबकि भाजपा अपना पुराना स्कोर बरकरार रखने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी।
भाजपा ने एक प्रत्याशी घोषित किया
2022 के लिए इटावा में सबसे पहला प्रत्याशी भाजपा ने घोषित कर दिया है। भाजपा ने अपने वर्तमान विधायक सरिता भदौरिया पर ही भरोसा जताया है। भरथना में निवर्तमान विधायक सावित्री कठेरिया को लेकर संशय बना हुआ है।
यहां रोज नए नाम सामने आ रहे हैं। पूर्व मंत्री गौरी शंकर के पुत्र सिद्धार्थ शंकर का नाम भी उछला। वहीं, जसवंतनगर से भाजपा की ओर से मुकेश यादव का नाम चल रहा है।
कांग्रेस से उदयभान सिंह यादव, अरुण यादव भी ताल ठोंक रहे हैं। शिवपाल का सपा से लड़ना तय हो गया है। उनका मुकाबला किससे होगा, इसका सभी को इंतजार है।
इटावा में सपा-बसपा में मारामारी
टिकट के लिए इटावा सीट पर सबसे ज्यादा दावेदार हैं। यहां से भाजपा की सरिता भदौरिया के मुकाबले सपा से इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी, पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य और पूर्व चेयरमैन कुलदीप गुप्ता संटू के नाम की चर्चा है।
तीनों के समर्थक सोशल मीडिया पर अपने-अपने पक्ष में हवा का रुख करने में जुटे हैं। वहीं, बसपा से मनोज उपाध्याय एडवोकेट, बादशाह राजपूत के नाम चर्चा में है। कांग्रेस के पास भी प्रत्याशियों की लंबी फेहरिस्त है। कांग्रेस के राशिद अंसारी, चंद्रमोहन तिवारी भी प्रचार चला रहे हैं।
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दो दिन पहले तक भाजपा ने सिर्फ एक सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित किया, जबकि सपा से जसवंतनगर सीट पर शिवपाल सिंह यादव चुनाव लड़ेंगे। बसपा और कांग्रेस ने अभी एक भी सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
भाजपा ने जहां इटावा सीट पर पुराने चेहरे पर ही विश्वास जताया, वहीं भरथना और जसवंतनगर को सूची में शामिल न कर संशय बरकरार रखा है। इस बार इटावा सीट पर सपा प्रत्याशी को लेकर सबकी निगाहें टिकी हैं।
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यहां प्रत्याशी के तौर पर तीन नाम चल रहे हैं। सोशल मीडिया पर तीनों के समर्थक अपने प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी माहौल तैयार करने में लगे हैं। आखिरी फैसले के लिए गेंद अभी सभी राजनीतिक दलों के पाले में है।
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2022 के विस चुनाव में सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस एक दूसरे की घेराबंदी में जुट गए हैं। इटावा जिला यूं तो सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के नाम के लिए जाना जाता है। देश और प्रदेश की राजनीति में इटावा की पहचान मुलायम सिंह यादव के नाम से ही होती है।
जाहिर है यहां का चुनाव सपा के लिए नाक का सवाल होता है। मुलायम ने अपने दबदबे को हमेशा कायम रखा। इटावा की राजनीति 80 के दशक से उनके इर्द गिर्द ही घूमती रही।
हालांकि, कभी रामलहर में तो कभी मोदी फैक्टर से भाजपा अपनी चमक दिखाती रही। 2012 के विस चुनाव में सपा ने जहां तीनों सीटों पर कब्जा किया था, वहीं 2017 के चुनाव में केवल एक सीट पर संतोष करना पड़ा।
जसवंतनगर से शिवपाल सिंह यादव जीते, बाकी इटावा और भरथना में सपा को हार का सामना करना पड़। इस हार से तिलमिलायी सपा अबकी पूरी ताकत झोंकने जा रही है।
सपा की कोशिश होगी कि तीनों सीटों पर फिर से उसका परचम लहराए, जबकि भाजपा अपना पुराना स्कोर बरकरार रखने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी।
भाजपा ने एक प्रत्याशी घोषित किया
2022 के लिए इटावा में सबसे पहला प्रत्याशी भाजपा ने घोषित कर दिया है। भाजपा ने अपने वर्तमान विधायक सरिता भदौरिया पर ही भरोसा जताया है। भरथना में निवर्तमान विधायक सावित्री कठेरिया को लेकर संशय बना हुआ है।
यहां रोज नए नाम सामने आ रहे हैं। पूर्व मंत्री गौरी शंकर के पुत्र सिद्धार्थ शंकर का नाम भी उछला। वहीं, जसवंतनगर से भाजपा की ओर से मुकेश यादव का नाम चल रहा है।
कांग्रेस से उदयभान सिंह यादव, अरुण यादव भी ताल ठोंक रहे हैं। शिवपाल का सपा से लड़ना तय हो गया है। उनका मुकाबला किससे होगा, इसका सभी को इंतजार है।
इटावा में सपा-बसपा में मारामारी
टिकट के लिए इटावा सीट पर सबसे ज्यादा दावेदार हैं। यहां से भाजपा की सरिता भदौरिया के मुकाबले सपा से इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी, पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य और पूर्व चेयरमैन कुलदीप गुप्ता संटू के नाम की चर्चा है।
तीनों के समर्थक सोशल मीडिया पर अपने-अपने पक्ष में हवा का रुख करने में जुटे हैं। वहीं, बसपा से मनोज उपाध्याय एडवोकेट, बादशाह राजपूत के नाम चर्चा में है। कांग्रेस के पास भी प्रत्याशियों की लंबी फेहरिस्त है। कांग्रेस के राशिद अंसारी, चंद्रमोहन तिवारी भी प्रचार चला रहे हैं।