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Etawah News: 30 किमी लगाई ट्राईसाइकिल के लिए दौड़, फिर भी निराश लौटे
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इटावा। ट्राईसाइकिल की आस में 30 किलोमीटर दूर से आए दिव्यांगों को सोमवार को निराशा हाथ लगी। कई घंटे इंतजार के बाद बड़ी संख्या में विकास भवन आए दिव्यांग निराश होकर लौट गए।
शनिवार को एल्मिको कंपनी की ओर से नुमाइश पंडाल में दिव्यांगों को उपकरण बांटे गए थे। इनमें से करीब 307 ट्राईसाइकिलें बंटनी थी। उस दिन ट्राईसाइकिलें कम होने की वजह से कुछ दिव्यांगों को लौटा दिया गया था। उन्हें सोमवार को विकास भवन आकर ट्राईसाइकिल लेने का आश्वासन दिया गया था। सोमवार सुबह से ही बड़ी संख्या में दिव्यांग वहां पहुंच गए।
60 दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल बांटकर वितरण बंद कर दिया गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे अन्य को तीन दिन बाद आने का आश्वासन देकर लौटा दिया गया। जिला दिव्यांग सशक्तीकरण अधिकारी प्रदीप तिवारी ने बताया कि बचे हुए दिव्यांगों को एक निश्चित दिन वितरण के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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दिव्यांगों ने बताई पीड़ा
भरथना ब्लॉक के गांव मुधा से आए सुनील कुमार ने बताया कि नुमाइश पंडाल में सोमवार को आने की बात कही गई थी। इस पर सुबह से उठकर करीब 30 किलोमीटर दूर किराया खर्च करके ट्राईसाइकिल लेने आए थे। निराश ही मिली।
17 किलोमीटर दूर शहजारपुर से आए दिव्यांग राजीव ने बताया कि कई बार आवेदन के बाद भी ट्राईसाइकिल नहीं मिल सकी है। चार घंटे इंतजार कराने के बाद अब कह दिया है तीन दिन बाद आना।
करीब 32 किलोमीटर दूर गांव नग्ला रामलला से आए प्रमोद कुमार ने बताया कि एलिम्को से वितरण की जानकारी पर पर्ची भी कटवा ली थी। इसके बावजूद शनिवार को नुमाइश में ट्राईसाइकिल नहीं मिल सकी।
यह पात्र नहीं
जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी प्रदीप तिवारी ने बताया कि जिन दिव्यांगों को तीन साल के अंतराल में ट्राईसाइकिल मिल चुकी है। वह इसे पाने के लिए पात्र नहीं हैं।
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शनिवार को एल्मिको कंपनी की ओर से नुमाइश पंडाल में दिव्यांगों को उपकरण बांटे गए थे। इनमें से करीब 307 ट्राईसाइकिलें बंटनी थी। उस दिन ट्राईसाइकिलें कम होने की वजह से कुछ दिव्यांगों को लौटा दिया गया था। उन्हें सोमवार को विकास भवन आकर ट्राईसाइकिल लेने का आश्वासन दिया गया था। सोमवार सुबह से ही बड़ी संख्या में दिव्यांग वहां पहुंच गए।
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60 दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल बांटकर वितरण बंद कर दिया गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे अन्य को तीन दिन बाद आने का आश्वासन देकर लौटा दिया गया। जिला दिव्यांग सशक्तीकरण अधिकारी प्रदीप तिवारी ने बताया कि बचे हुए दिव्यांगों को एक निश्चित दिन वितरण के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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दिव्यांगों ने बताई पीड़ा
भरथना ब्लॉक के गांव मुधा से आए सुनील कुमार ने बताया कि नुमाइश पंडाल में सोमवार को आने की बात कही गई थी। इस पर सुबह से उठकर करीब 30 किलोमीटर दूर किराया खर्च करके ट्राईसाइकिल लेने आए थे। निराश ही मिली।
17 किलोमीटर दूर शहजारपुर से आए दिव्यांग राजीव ने बताया कि कई बार आवेदन के बाद भी ट्राईसाइकिल नहीं मिल सकी है। चार घंटे इंतजार कराने के बाद अब कह दिया है तीन दिन बाद आना।
करीब 32 किलोमीटर दूर गांव नग्ला रामलला से आए प्रमोद कुमार ने बताया कि एलिम्को से वितरण की जानकारी पर पर्ची भी कटवा ली थी। इसके बावजूद शनिवार को नुमाइश में ट्राईसाइकिल नहीं मिल सकी।
यह पात्र नहीं
जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी प्रदीप तिवारी ने बताया कि जिन दिव्यांगों को तीन साल के अंतराल में ट्राईसाइकिल मिल चुकी है। वह इसे पाने के लिए पात्र नहीं हैं।