{"_id":"65c29487261f1181ca0c324d","slug":"district-laggard-in-pm-matru-vandana-yojana-etawha-news-c-216-1-sknp1011-108432-2024-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: पीएम मातृ वंदना योजना में जिला फिसड्डी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: पीएम मातृ वंदना योजना में जिला फिसड्डी
Wed, 07 Feb 2024 01:50 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Wed, 07 Feb 2024 01:50 AM IST
विज्ञापन
इटावा। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमवीवाई) जनपद में फिसड्डी साबित हुई है। प्रदेश के 75 जिलों में इस योजना का लाभ देने में 62 वें स्थान पर रहा। कानपुर मंडल में इटावा पांचवें नंबर पर है। लक्ष्य के सापेक्ष 10 महीने में सिर्फ 18 प्रतिशत ही पंजीकरण हो चुके हैं। ऐसे में अब दो माह में लक्ष्य हासिल कर पाना विभाग के लिए चुनौती है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2017 में शुरू हुई थी। 28 मार्च में पोर्टल में दिक्कत आने की वजह से काम प्रभावित हो गया था। करीब सात महीने बाद सितंबर 2023 में पोर्टल प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 के रूप में शुरू हुआ। तमाम तकनीकी दिक्कतों के सहारे शासन की ओर से जिले को दिया गया 10,626 लक्ष्य 10 माह बाद भी सिर्फ 18 प्रतिशत तक ही पहुंच सका है।
पांच फरवरी तक सिर्फ 1893 महिलाओं के ही पंजीयन हो सके हैं। इनमें से 1795 का भुगतान हो चुका है। करीब 98 लोग भुगतान के इंतजार में हैं। वहीं, लक्ष्य से इतना पिछड़ने की वजह से जिला पिछले सप्ताह जारी हुई रैकिंग में भी फिसड्डी हो गया है। 62 रैंक के साथ जिला नीचे से 14 वें स्थान पर रहा है।
विज्ञापन
लापरवाही पर दो सीएचसी अधीक्षकों को नोटिस जारी
जिले की आठ सीएचसी में से राजपुर और सरसईनावर सीएचसी की स्थिति निराशाजनक होने पर दोनों अधीक्षकों को नोटिस जारी किया गया है। उनसे स्थिति में सुधार करने के साथ ही चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं, जिले के नोडल अधिकारी को भी नोटिस दिया गया है।
योजना में अब दूसरी संतान बेटी होने पर भी मिलेगा लाभ
योजना के शुरू होने पर पहला प्रसव होने पर लाभार्थी महिला को पांच हजार रुपये मिलते थे। 2:0 योजना शुरू होने पर अब दूसरी संतान बेटी होने पर भी इस योजना का लाभ मिलेगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक संदीप दीक्षित ने बताया कि दो संताने होने पर पीएमवीवाई के तहत तीन किश्तों में 11 हजार रुपये का भुगतान होता है। प्रसव से पहले जननी के खाते में तीन हजार रुपये आते हैं। पंजीकरण के बाद भुगतान के लिए 90 दिन का समय दिया जाता है। ढाई महीने बाद टीकाकरण होने के बाद दो हजार रुपये खाते में भेजे जाते हैं। दूसरे प्रसव में बेटी के जन्म लेने पर खातें में छह हजार रुपये पहुंचते हैं।
गर्भवती होने के तीन माह से 570 दिनों तक करा सकती हैं निरीक्षण
गर्भधारण के तीन महीने बाद पंजीकरण होता है। भुगतान डीबीटी के तहत किया जाता है। जो आधार लिंक खाता में पहुंचता है। पंजीकरण के बाद यह औपचारिकता पूरी करने को 570 दिन का समय होता है।
वर्जन
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कार्य प्रगति पर है। आशा आईडी बनाने का कार्य कर रही हैं। कार्य संतोषजनक नहीं होने पर ताखा, चकरनगर व शहरी क्षेत्र को नोटिस दिया गया है। जवाब नहीं आया है। -डॉ. गीताराम, सीएमओ
विज्ञापन
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2017 में शुरू हुई थी। 28 मार्च में पोर्टल में दिक्कत आने की वजह से काम प्रभावित हो गया था। करीब सात महीने बाद सितंबर 2023 में पोर्टल प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 के रूप में शुरू हुआ। तमाम तकनीकी दिक्कतों के सहारे शासन की ओर से जिले को दिया गया 10,626 लक्ष्य 10 माह बाद भी सिर्फ 18 प्रतिशत तक ही पहुंच सका है।
विज्ञापन
पांच फरवरी तक सिर्फ 1893 महिलाओं के ही पंजीयन हो सके हैं। इनमें से 1795 का भुगतान हो चुका है। करीब 98 लोग भुगतान के इंतजार में हैं। वहीं, लक्ष्य से इतना पिछड़ने की वजह से जिला पिछले सप्ताह जारी हुई रैकिंग में भी फिसड्डी हो गया है। 62 रैंक के साथ जिला नीचे से 14 वें स्थान पर रहा है।
विज्ञापन
लापरवाही पर दो सीएचसी अधीक्षकों को नोटिस जारी
जिले की आठ सीएचसी में से राजपुर और सरसईनावर सीएचसी की स्थिति निराशाजनक होने पर दोनों अधीक्षकों को नोटिस जारी किया गया है। उनसे स्थिति में सुधार करने के साथ ही चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं, जिले के नोडल अधिकारी को भी नोटिस दिया गया है।
योजना में अब दूसरी संतान बेटी होने पर भी मिलेगा लाभ
योजना के शुरू होने पर पहला प्रसव होने पर लाभार्थी महिला को पांच हजार रुपये मिलते थे। 2:0 योजना शुरू होने पर अब दूसरी संतान बेटी होने पर भी इस योजना का लाभ मिलेगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक संदीप दीक्षित ने बताया कि दो संताने होने पर पीएमवीवाई के तहत तीन किश्तों में 11 हजार रुपये का भुगतान होता है। प्रसव से पहले जननी के खाते में तीन हजार रुपये आते हैं। पंजीकरण के बाद भुगतान के लिए 90 दिन का समय दिया जाता है। ढाई महीने बाद टीकाकरण होने के बाद दो हजार रुपये खाते में भेजे जाते हैं। दूसरे प्रसव में बेटी के जन्म लेने पर खातें में छह हजार रुपये पहुंचते हैं।
गर्भवती होने के तीन माह से 570 दिनों तक करा सकती हैं निरीक्षण
गर्भधारण के तीन महीने बाद पंजीकरण होता है। भुगतान डीबीटी के तहत किया जाता है। जो आधार लिंक खाता में पहुंचता है। पंजीकरण के बाद यह औपचारिकता पूरी करने को 570 दिन का समय होता है।
वर्जन
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कार्य प्रगति पर है। आशा आईडी बनाने का कार्य कर रही हैं। कार्य संतोषजनक नहीं होने पर ताखा, चकरनगर व शहरी क्षेत्र को नोटिस दिया गया है। जवाब नहीं आया है। -डॉ. गीताराम, सीएमओ