{"_id":"5717d3db4f1c1bb2398b46f3","slug":"disasters-that-invites-lawlessness","type":"story","status":"publish","title_hn":" आपदाओं को आमंत्रित करता है अधर्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपदाओं को आमंत्रित करता है अधर्म
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Thu, 21 Apr 2016 12:39 AM IST
विज्ञापन
समसपुरा गांव में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आचार्य मनोज अवस्थी ने कहा कि आपदाओं को अधर्म आमंत्रित करता है। आज के दौर में जरूरी है कि हम धर्म के मार्ग पर चलकर भक्ति को प्राप्त करें, लेकिन भक्ति तभी जागेगी, जब आपके ह्रदय में ज्ञानी का विचार प्रवाहित होगा।
आचार्य अवस्थी बुधवार को भरथना के ग्राम समसपुर में श्रीमदभागवत ज्ञान यज्ञ में व्यासपीठ से बोल रहे थे। कहा कि जहां अधर्म होगा, वहीं आपदाएं होंगी और वहीं पर अकाल पड़ेगा। उन्होंने कहा कि धर्म को मजबूत करने के लिए भक्ति की जरूरत होती है, जब किसी ज्ञानी का विचार छूकर निकल जाए तो भक्ति प्राप्त होती है।
राम का मतलब समाज को जोड़ा जाए। राम ने सीख दी है कि अगर घर छोड़कर घर और समाज में शांति आ सकती है तो हमें इसका त्याग करना चाहिए। भले ही लोग और समर्थन कितना भी आपके पास हो। राम जैसा नारी भक्त इस देश में नहीं हुआ है और न होगा। राम संदेश देना चाहते थे कि नारी का अपमान करने वाले से कोई समझौता नहीं हो सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि माता सीता चाहती तो रावण के चंगुल से तभी छूट सकती थीं, जब हनुमान जी लंका गए थे, लेकिन उन्होंने अधर्मी रावण के नाश के बिना लंका छोड़ने से इनकार कर दिया। वह खुद चाहती थीं कि दुनिया को संदेश जाए कि किसी भी स्त्री का अपमान आपके विनाश का मार्ग खड़ा कर सकता है।
राम और कैकई के संवाद पर चर्चा करते हुए कहा कि जब राम अयोध्या लौटकर आए तो सीधे कैकई के यहां पहुंचे तो कैकई उदास बैठी तो राम ने कहा कि मां मेरे आने से क्या खुशी नहीं हुई तो कैकई बोली राम तुमारे लिए वैधव्य लिया, तुम्हें वन भेजकर बना दिया, फिर भी मुझे लोग दोष देते हैं। भरत भी मां नहीं बोलता है, मुझे बस भरत से मां बुलवा दो।
भागवत कथा में शांति स्वरूप तिवारी, दिनेश तिवारी, श्रवण कुमार तिवारी, घनश्याम तिवारी, सूर्य प्रकाश तिवारी, मध्य प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता सर्वेश तिवारी, सुनीत चौहान, धीरज तिवारी, सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
विज्ञापन
आचार्य अवस्थी बुधवार को भरथना के ग्राम समसपुर में श्रीमदभागवत ज्ञान यज्ञ में व्यासपीठ से बोल रहे थे। कहा कि जहां अधर्म होगा, वहीं आपदाएं होंगी और वहीं पर अकाल पड़ेगा। उन्होंने कहा कि धर्म को मजबूत करने के लिए भक्ति की जरूरत होती है, जब किसी ज्ञानी का विचार छूकर निकल जाए तो भक्ति प्राप्त होती है।
विज्ञापन
राम का मतलब समाज को जोड़ा जाए। राम ने सीख दी है कि अगर घर छोड़कर घर और समाज में शांति आ सकती है तो हमें इसका त्याग करना चाहिए। भले ही लोग और समर्थन कितना भी आपके पास हो। राम जैसा नारी भक्त इस देश में नहीं हुआ है और न होगा। राम संदेश देना चाहते थे कि नारी का अपमान करने वाले से कोई समझौता नहीं हो सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि माता सीता चाहती तो रावण के चंगुल से तभी छूट सकती थीं, जब हनुमान जी लंका गए थे, लेकिन उन्होंने अधर्मी रावण के नाश के बिना लंका छोड़ने से इनकार कर दिया। वह खुद चाहती थीं कि दुनिया को संदेश जाए कि किसी भी स्त्री का अपमान आपके विनाश का मार्ग खड़ा कर सकता है।
राम और कैकई के संवाद पर चर्चा करते हुए कहा कि जब राम अयोध्या लौटकर आए तो सीधे कैकई के यहां पहुंचे तो कैकई उदास बैठी तो राम ने कहा कि मां मेरे आने से क्या खुशी नहीं हुई तो कैकई बोली राम तुमारे लिए वैधव्य लिया, तुम्हें वन भेजकर बना दिया, फिर भी मुझे लोग दोष देते हैं। भरत भी मां नहीं बोलता है, मुझे बस भरत से मां बुलवा दो।
भागवत कथा में शांति स्वरूप तिवारी, दिनेश तिवारी, श्रवण कुमार तिवारी, घनश्याम तिवारी, सूर्य प्रकाश तिवारी, मध्य प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता सर्वेश तिवारी, सुनीत चौहान, धीरज तिवारी, सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।