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बिना कोचिंग सिविल सेवा परीक्षा में धनंजय सिंह ने पाई 95वीं रैंक

Mon, 08 Apr 2019 12:09 AM IST
प्रतीक दुबे इटावा, अमर उजाला ब्यूरो
इटावा, अमर उजाला ब्यूरो Published by: प्रतीक दुबे Updated Mon, 08 Apr 2019 12:09 AM IST
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Dhananjay Singh secured 95th rank without coaching Civil Services Examination
मां-पिता व बहन के साथ धनंजय। - फोटो : amar ujala
देश की सर्वोच्च सिविल सेवा परीक्षा 2018 में फ्रेंड्स कालोनी के धनंजय सिंह यादव ने 95 वीं रैंक प्राप्त कर अपने माता-पिता और जनपद का नाम गौरवान्वित किया है। सेवानिवृत्त केंद्रीय अधिकारी सुरेंद्र सिंह यादव तथा सरकारी कालेज में अंग्रेजी की प्रवक्ता विमलेश कुमारी के इकलौते पुत्र धनंजय ने यह सफलता पहले ही प्रयास में बिना कोचिंग के प्राप्त की है। उनकी आईएफएस सेवा में जाना उनकी ख्वाहिश है।
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मूलता ग्राम राहतपुर पोस्ट अहलादपुर थाना करहल जनपद मैनपुरी के रहने वाले हैं। धनंजय का परिवार 2001 से शहर की फ्रेंड्स कालोनी में रह रहा है। धनंजय को मिली इस सफलता पर रविवार को सुबह से ही उनके घर पर बधाइयों का तांता लगा रहा। हालांकि घर पर अकेली उनकी मां से मुलाकात हुई। उन्होंने बताया धनंजय अपने पिता और बहन के साथ नोएडा में हैं। विमलेश कुमारी ने बताया कि धनंजय की कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई सेंट मेरी इंटर कालेज में हुई। हाईस्कूल डीपीएस नोएडा से इंटरमीडिएट आरएन पोदार स्कूल मुंबई से किया। बीकॉम श्रीराम कालेज ऑफ कामर्स दिल्ली से किया है। इसके बाद उन्होंने अनुभव हासिल करने के लिए एक मल्टीनेशनल कंपनी में तीन साल तक काम किया। इस दौरान उन्हें कई देशों का भ्रमण करने का मौका भी मिला। इनमें जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम, नेपाल, वियतनाम, कंबोडिया, थाइलैंड आदि देश शामिल हैं।
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मोबाइल पर हुई बात में धनंजय ने बताया कि वे कभी कोचिंग नहीं गए। घर पर इंटरनेट, किताबें, मैगजीन और अखबारों से पढ़ाई के लिए मैटेरियल जुटाया। उनका कहना है वे आईएफएस सेवा में जाने के लिए प्रयासरत है। रैंक के हिसाब से पूरी उम्मीद है कि उन्हें आईएफएस मिल जाएगा। आठ से नौ घंटे पढ़ाई करने वाले धनंजय का कहना है कि उन्होंने कभी भी तनाव नहीं लिया और मस्त होकर पढ़ाई की। उन्हें यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में मिली है। शारीरिक रूप से खुद को फिट रखने के लिए एक से डेढ़ घंटा जिम भी जाते हैं। उन्हें स्वीमिंग और बैडमिंटन खेलना पसंद है, लेकिन अब समय ही नहीं मिलता। युवाओं को क्या संदेश देना चाहेंगे के सवाल पर कहा कि मेहनत करने से कतई न घबराएं। मेहनत रंग लाती है।
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धनंजय के पिता सुरेंद्र सिंह यादव मुंबई में दीपघर दीपपोत विभाग में महानिदेशक पद से 2017 में सेवानिवृत्त हुए हैं। मां विमलेश कुमारी राजकीय बालिका इंटर कालेज जसवंतनगर में अंग्रेजी विषय की प्रवक्ता हैं। परिवार में उनसे बड़ी बहन रिनी हैं जो एमबीबीएस करने के बाद एमडी कर रही हैं। 
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