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एफसीआई 10 और मंडी समिति कर सकी 50 फीसदी खरीद
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इटावा। एक तरफ किसान मंडियों में सस्ता धान बेचने के लिए मजबूर हैं, दूसरी तरफ सरकारी एजेंसियां लक्ष्य पूरा करना तो दूर उसके आसपास भी नहीं फटक पा रही हैं। धान खरीद पर लचर प्रदर्शन के चलते अपर आयुक्त कानपुर कुंजबिहारी अग्रवाल ने कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक में एजेंसियों को फटकार लगाते हुए तेजी लाने के निर्देश दिए।
धान खरीद कर रही पांच एजेंसियों में से मंडी समिति और पीसीयू ही लक्ष्य का 50 फीसदी खरीद कर पाईं हैं। सबसे खराब स्थिति भारतीय खाद्य निगम की है। जले में 42200 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 16323.22 मीट्रिक टन धान ही खरीद हुई है। जिसमें खाद्य विभाग ने 28200 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 12120.66, पीसीएफ ने 5000 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 851.28, पीसीयू ने 5000 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 3445.36, भारतीय खाद्य निगम ने 3000 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 290.12, मंडी समिति ने 1000 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 615.80 मीट्रिक टन धान खरीद की है।
इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सभी धान क्रय एजेंसियां लक्ष्य की शत प्रतिशत पूर्ति करें। उन्होंने कहा कि क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बोरे उपलब्ध हैं। किसी प्रकार की कमी नहीं हैं। किसानों से क्रय किए गए धान के भुगतान के संबंध में जानकारी करने पर बताया गया कि एफसीआई 48 घंटे के अंदर क्रय किए गए धान का भुगतान किसानों को आरटीजीएस के माध्यम से कर रही है।
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अपर आयुक्त ने बताया कि कंबल क्रय के लिए टेंडर का कार्य पूरा कर लिया गया है। गोवंश आश्रय स्थलों, संरक्षित गोवंशों के संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से जानकारी ली। बैठक में अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश, उप जिलाधिकारी सदर राजेश कुमार वर्मा, खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल, सहायक निबंधक सहकारी समिति, नगर पालिका परिषद ईओ अनिल मणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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धान खरीद कर रही पांच एजेंसियों में से मंडी समिति और पीसीयू ही लक्ष्य का 50 फीसदी खरीद कर पाईं हैं। सबसे खराब स्थिति भारतीय खाद्य निगम की है। जले में 42200 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 16323.22 मीट्रिक टन धान ही खरीद हुई है। जिसमें खाद्य विभाग ने 28200 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 12120.66, पीसीएफ ने 5000 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 851.28, पीसीयू ने 5000 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 3445.36, भारतीय खाद्य निगम ने 3000 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 290.12, मंडी समिति ने 1000 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 615.80 मीट्रिक टन धान खरीद की है।
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इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सभी धान क्रय एजेंसियां लक्ष्य की शत प्रतिशत पूर्ति करें। उन्होंने कहा कि क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बोरे उपलब्ध हैं। किसी प्रकार की कमी नहीं हैं। किसानों से क्रय किए गए धान के भुगतान के संबंध में जानकारी करने पर बताया गया कि एफसीआई 48 घंटे के अंदर क्रय किए गए धान का भुगतान किसानों को आरटीजीएस के माध्यम से कर रही है।
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अपर आयुक्त ने बताया कि कंबल क्रय के लिए टेंडर का कार्य पूरा कर लिया गया है। गोवंश आश्रय स्थलों, संरक्षित गोवंशों के संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से जानकारी ली। बैठक में अपर जिलाधिकारी जय प्रकाश, उप जिलाधिकारी सदर राजेश कुमार वर्मा, खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल, सहायक निबंधक सहकारी समिति, नगर पालिका परिषद ईओ अनिल मणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। (संवाद)