{"_id":"615f37f48ebc3eb34c6bd6f1","slug":"devotees-gathered-to-worship-maa-shailputri-etawah-news-knp656933052","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां शैलपुत्री की आराधना के लिए उमड़े भक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां शैलपुत्री की आराधना के लिए उमड़े भक्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। देवी दुर्गा की आराधना करने का विशेष पर्व शारदीय नवरात्र बृहस्पतिवार से शुरू हो गया। पहले दिन घरों से लेकर देवी मंदिरों में मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। कलश स्थापना के साथ देवी भक्तों का उपवास भी शुरू हो गया। इस बार नवरात्र आठ दिन के ही होंगे।
ग्वालियर रोड स्थित कालीबांह मंदिर में बुधवार रात दो बजे के बाद से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे थे। मंदिर में काली, लक्ष्मी और सरस्वती माता की मूर्तियां हैं। नवरात्र में मंदिर की पहली आरती तड़के तीन बजे होती है, इसमें शामिल होने के लिए देवी भक्त रात में ही मंदिर पहुंच जाते हैं।
सुबह पांच बजे के बाद मंदिर में देवी भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी। महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगवाकर देवी मां के दर्शन करवाए गए। माता रानी के दर्शन करने के बाद ज्यादातर भक्त मंदिर से कुछ दूरी पर विराजमान काल भैरव के दर्शन करने पहुंचे।
विज्ञापन
कालीबाड़ी मंदिर व परिसर स्थित शिवशक्ति धाम मंदिर में नौ देवियों के भी दर्शन करने श्रद्धालु पहुंचे। नवरात्र के पहले दिन घरों से लेकर मोहल्लों के देवी मंदिरों में लोगों ने देवी दुर्गा की भक्ति भाव से पूजा अर्चना कर मनोकामना की।
जिला कारागार के सामने स्थित झूलेलाल मंदिर में सिंधी समाज के लोगों ने दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की। सिंधी समाज की महिलाओं ने मां की आरती उतारी। लखना स्थित कालिका माता मंदिर की महत्ता से लोग दूरदराज से रात में ही पहुंचने लगे थे।
इस वजह से मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर भक्तों की भीड़ ही नजर आ रही थी। बकेवर, लवेदी और बिठौली एसओ भी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। लवेदी समेत आसपास के क्षेत्राें में भी देवी मंदिरों में भक्तों ने मां शैल पुत्री की पूजा अर्चना की।
क्षेत्र के काली देवी मंदिर, मातन मुहाल, भिटारी मुहाल स्थित देवी मंदिरों में भक्तों ने पूजा अर्चना की। बलरई स्थित ब्राह्मणी देवी मंदिर में भी भक्तों ने पूजा अर्चना कर मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना की।
विज्ञापन
ग्वालियर रोड स्थित कालीबांह मंदिर में बुधवार रात दो बजे के बाद से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे थे। मंदिर में काली, लक्ष्मी और सरस्वती माता की मूर्तियां हैं। नवरात्र में मंदिर की पहली आरती तड़के तीन बजे होती है, इसमें शामिल होने के लिए देवी भक्त रात में ही मंदिर पहुंच जाते हैं।
विज्ञापन
सुबह पांच बजे के बाद मंदिर में देवी भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी। महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगवाकर देवी मां के दर्शन करवाए गए। माता रानी के दर्शन करने के बाद ज्यादातर भक्त मंदिर से कुछ दूरी पर विराजमान काल भैरव के दर्शन करने पहुंचे।
विज्ञापन
कालीबाड़ी मंदिर व परिसर स्थित शिवशक्ति धाम मंदिर में नौ देवियों के भी दर्शन करने श्रद्धालु पहुंचे। नवरात्र के पहले दिन घरों से लेकर मोहल्लों के देवी मंदिरों में लोगों ने देवी दुर्गा की भक्ति भाव से पूजा अर्चना कर मनोकामना की।
जिला कारागार के सामने स्थित झूलेलाल मंदिर में सिंधी समाज के लोगों ने दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की। सिंधी समाज की महिलाओं ने मां की आरती उतारी। लखना स्थित कालिका माता मंदिर की महत्ता से लोग दूरदराज से रात में ही पहुंचने लगे थे।
इस वजह से मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर भक्तों की भीड़ ही नजर आ रही थी। बकेवर, लवेदी और बिठौली एसओ भी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। लवेदी समेत आसपास के क्षेत्राें में भी देवी मंदिरों में भक्तों ने मां शैल पुत्री की पूजा अर्चना की।
क्षेत्र के काली देवी मंदिर, मातन मुहाल, भिटारी मुहाल स्थित देवी मंदिरों में भक्तों ने पूजा अर्चना की। बलरई स्थित ब्राह्मणी देवी मंदिर में भी भक्तों ने पूजा अर्चना कर मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना की।