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डायवर्जन के बाद जाम बना स्कूली बच्चों के लिए परेशानी
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बकेवर (इटावा)। मरम्मत के चलते उदी के चंबल पुल पर 27 जून से बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। मध्यप्रदेश जाने वाले वाहन लखना, बकेवर, चकरनगर और हनुमंतपुरा से निकल रहे हैं। 24 घंटे में मौरंग लदे ट्रक, डंपर समेत लगभग 500 वाहन बकेवर से गुजरते हैं। इससे स्कुलों की छुट्टी के समय चौराहे के अलावा बकेवर-लखना मार्ग और बकेवर-भरथना मार्ग पर जाम लग जाता है। सोमवार को जाम में फंसकर स्कूली बच्चे परेशान हुए।
जनता विद्यालय इंटर कॉलेज की छात्रा अल्फाबानो ने कहा कि भारी वाहनों की भीड़ से आते जाते डर लगता है। कक्षा 12 की छात्रा आकांक्षा ने कहा कि भारी वाहनों की संख्या बढ़ने से रोज ही जाम लगता है। छुट्टी के बाद घर पहुंचने में देरी हो जाती है। कक्षा 11 की छात्रा अल्फिया ने कहा कि नगर में वाहनों की संख्या बढ़ने से हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
बच्ची हो गई थी चोटिल
सभासद पुरुषोत्तम मिश्रा ने कहा कि भारी वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम की समस्या रहती है। छोटे स्कूली बच्चों के साथ दुर्घटना की आशंका है। दो दिन पहले उनकी पुत्री पर स्कूल जाते समय चौराहे पर एक कार की टक्कर लगने से चोटिल हो गई थी।
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10 हजार बच्चे आते जाते हैं रोज
स्कूल खुलने पर बकेवर-लखना मार्ग पर करीब दस हजार छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है। कस्बे में लखना रोड पर दो इंटर कॉलेज व एक डिग्री कॉलेज हैं। इन तीनों कॉलेजों में दस हजार से अधिक छात्र-छात्राएं हैं। कस्बा लखना में एक डिग्री कॉलेज व तीन इंटर कॉलेजों के तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राओं भी बकेवर लखना मार्ग से ही आते जाते हैं।
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जनता विद्यालय इंटर कॉलेज की छात्रा अल्फाबानो ने कहा कि भारी वाहनों की भीड़ से आते जाते डर लगता है। कक्षा 12 की छात्रा आकांक्षा ने कहा कि भारी वाहनों की संख्या बढ़ने से रोज ही जाम लगता है। छुट्टी के बाद घर पहुंचने में देरी हो जाती है। कक्षा 11 की छात्रा अल्फिया ने कहा कि नगर में वाहनों की संख्या बढ़ने से हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
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बच्ची हो गई थी चोटिल
सभासद पुरुषोत्तम मिश्रा ने कहा कि भारी वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम की समस्या रहती है। छोटे स्कूली बच्चों के साथ दुर्घटना की आशंका है। दो दिन पहले उनकी पुत्री पर स्कूल जाते समय चौराहे पर एक कार की टक्कर लगने से चोटिल हो गई थी।
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10 हजार बच्चे आते जाते हैं रोज
स्कूल खुलने पर बकेवर-लखना मार्ग पर करीब दस हजार छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है। कस्बे में लखना रोड पर दो इंटर कॉलेज व एक डिग्री कॉलेज हैं। इन तीनों कॉलेजों में दस हजार से अधिक छात्र-छात्राएं हैं। कस्बा लखना में एक डिग्री कॉलेज व तीन इंटर कॉलेजों के तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राओं भी बकेवर लखना मार्ग से ही आते जाते हैं।