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महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ी भीड़
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नीलकंठ महादेव मंदिर में पूजा करने को लगी महिला श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। महाशिवरात्रि पर मंगलवार को शिवालयों में भीड़ उमड़ी। सुबह से देर शाम तक लोग दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचते रहे। शिव भक्तों ने रुद्राभिषेक, जलाभिषेक कर पूजा-पाठ किया। कांवड़ियों ने कांवड़ चढ़ाई। हर तरफ बम भोले, हर-हर महादेव की गूंज रही।
शहर में लालपुरा स्थित श्रीनीलकंठ मंदिर, ग्वालियर रोड स्थित टिक्सी महादेव, श्रीकालीबाड़ी मंदिर परिसर में स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग, यमुना तट स्थित 11 रुद्रेश्वर महादेव, छैराहा स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पक्का तालाब स्थित श्री जागेश्वर महादेव व तुरंतादेव महादेव में सुबह से शाम तक लोग पहुंचते रहे। चौगुर्जी स्थित सिद्धपीठ प्राचीन शिव मंदिर, स्टेशन बजरिया स्थित श्रीआनंदेश्वर मंदिर, स्टेशन रोड स्थित शिवमंदिर, जयप्रकाश नगर स्थित शिव मंदिर, फ्रेंडस कालोनी स्थित ज्ञान मंदिर में सुबह से ही भीड़ रही। शिवलिंग पर बेल पत्र, धतूरा, शमी की पत्ती, दूर्वा, शहद, सिंघाड़ा, बेर, फूल, बर्फी, सूखी भांग, दूध और गंगाजल मिश्रित जल चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रीनीलकंठ मंदिर के आसपास मैदान में प्रसाद की दुकानें लगीं थीं। बच्चों के खेल तमाशे की दुकानें व झूले लगे।
ताखा संवाद के अनुसार सरसईनावर स्थित हजारी महादेव मंदिर में सोमवार की आधी रात के बाद कांवड़िये गंगाजल से जलाभिषेक करने पहुंचने लगे। सुबह श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लौटते समय कांवड़िये अबीर और गुलाल उड़ाकर होली खेलते व चेहरे पर रंग लगाते चलते रहे।
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चकरनगर संवाद के अनुसार बीहडांचल के शिवालयों में महाशिवरात्रि पर्व पर गंगा जल से जलाभिषेक कर पूजा की। सहसो स्थित बाबा सिद्ध नाथ शिवालय में दो दिवसीय दंगल व मेला शुरू हो गया। इसमें पहलवानों ने दांवपेंच दिखाए।
भारेश्वर में गंगाजल से जलाभिषेक किया। पचनद संगम कालेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। खेरा मंदिर में बीहड़ी रास्ते पहुंच कर कांवड़ियों ने महाभारत कालीन शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। बाबा सिद्धनाथ मंदिर की मेला कमेटी ने परिसर में दो दिवसीय दंगल का आयोजन किया।
बकेवर संवाद के अनुसार बकेवर, लखना, महेवा, अहेरीपुर, लवेदी स्थित शिवालयों में जलाभिषेक किया गया। बीहड़ स्थित हमीरपुरा वाले मंदिर व कैलाश धाम वनखडेश्वर महादेव मंदिर, रमऊपुर परसौली, दिलीप नगर के बीहड़ में स्थित कंकड़ेश्वर मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लगीं रहीं। इटावा रोड स्थित गोपाल मंदिर, सब्दलपुरा के यमुना की तलहटी के जंगल में स्थित महाभारत कालीन शिव मंदिर व परसौली स्थित कैलाशधाम वनखंडेश्वर महादेव मंदिर, लखना कस्बे के मकनू शिव मंदिर, नहर बाजार स्थित महेश्वरी शिव मंदिर, परमहंस मंदिर में पूजा की गई।
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शहर में लालपुरा स्थित श्रीनीलकंठ मंदिर, ग्वालियर रोड स्थित टिक्सी महादेव, श्रीकालीबाड़ी मंदिर परिसर में स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग, यमुना तट स्थित 11 रुद्रेश्वर महादेव, छैराहा स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पक्का तालाब स्थित श्री जागेश्वर महादेव व तुरंतादेव महादेव में सुबह से शाम तक लोग पहुंचते रहे। चौगुर्जी स्थित सिद्धपीठ प्राचीन शिव मंदिर, स्टेशन बजरिया स्थित श्रीआनंदेश्वर मंदिर, स्टेशन रोड स्थित शिवमंदिर, जयप्रकाश नगर स्थित शिव मंदिर, फ्रेंडस कालोनी स्थित ज्ञान मंदिर में सुबह से ही भीड़ रही। शिवलिंग पर बेल पत्र, धतूरा, शमी की पत्ती, दूर्वा, शहद, सिंघाड़ा, बेर, फूल, बर्फी, सूखी भांग, दूध और गंगाजल मिश्रित जल चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रीनीलकंठ मंदिर के आसपास मैदान में प्रसाद की दुकानें लगीं थीं। बच्चों के खेल तमाशे की दुकानें व झूले लगे।
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ताखा संवाद के अनुसार सरसईनावर स्थित हजारी महादेव मंदिर में सोमवार की आधी रात के बाद कांवड़िये गंगाजल से जलाभिषेक करने पहुंचने लगे। सुबह श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लौटते समय कांवड़िये अबीर और गुलाल उड़ाकर होली खेलते व चेहरे पर रंग लगाते चलते रहे।
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चकरनगर संवाद के अनुसार बीहडांचल के शिवालयों में महाशिवरात्रि पर्व पर गंगा जल से जलाभिषेक कर पूजा की। सहसो स्थित बाबा सिद्ध नाथ शिवालय में दो दिवसीय दंगल व मेला शुरू हो गया। इसमें पहलवानों ने दांवपेंच दिखाए।
भारेश्वर में गंगाजल से जलाभिषेक किया। पचनद संगम कालेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की गई। खेरा मंदिर में बीहड़ी रास्ते पहुंच कर कांवड़ियों ने महाभारत कालीन शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। बाबा सिद्धनाथ मंदिर की मेला कमेटी ने परिसर में दो दिवसीय दंगल का आयोजन किया।
बकेवर संवाद के अनुसार बकेवर, लखना, महेवा, अहेरीपुर, लवेदी स्थित शिवालयों में जलाभिषेक किया गया। बीहड़ स्थित हमीरपुरा वाले मंदिर व कैलाश धाम वनखडेश्वर महादेव मंदिर, रमऊपुर परसौली, दिलीप नगर के बीहड़ में स्थित कंकड़ेश्वर मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लगीं रहीं। इटावा रोड स्थित गोपाल मंदिर, सब्दलपुरा के यमुना की तलहटी के जंगल में स्थित महाभारत कालीन शिव मंदिर व परसौली स्थित कैलाशधाम वनखंडेश्वर महादेव मंदिर, लखना कस्बे के मकनू शिव मंदिर, नहर बाजार स्थित महेश्वरी शिव मंदिर, परमहंस मंदिर में पूजा की गई।