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Etawah News: मेडिकल कॉलेज में मार्च तक सीटी स्कैन नहीं हो सकेगा
Wed, 17 Jan 2024 11:31 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Wed, 17 Jan 2024 11:31 PM IST
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फोटो 21:::खराब पड़ी सीटी स्कैन । संवाद
फोटो 22:::एमआरआई कराने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते परिजन। संवाद
- आधे दाम पर जांच की सुविधा होने के बाद भी मरीजों को निजी सेंटरों पर जाना पड़ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा/सैफई। मेडिकल कॉलेज में अभी और दो महीने तक मरीजों को सीटी स्कैन की सुविधा नहीं मिल सकेगी। अस्पताल में आधे दाम पर सीटी स्कैन की सुविधा होने के बाद भी मरीजों निजी सेंटरों पर जांच दाम देकर जांच करानी पड़ रही है। इमरजेंसी में मरीजों को सबसे ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में जिले के साथ आसपास के जनपदों से लगभग तीन से 3500 मरीज ओपीडी में हैं। वहीं प्रतिदिन करीब 600 से 700 सौ मरीज इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर में आते हैं। इनमें से करीब 100 से 150 मरीजों को सीटी स्कैन लिखा जाता है। दो साल से खराब पड़ी सीटी स्कैन मशीन की वजह से मरीजों का सीटी स्कैन नहीं हो पा रहा है।
करीब तीन माह पहले मरीजों को एमआरआई कराने के लिए 3500 से आधे दाम करके 1750 में कराने की सुविधा दी गई। इसके बावजूद सिटी स्कैन की फीस से लगभग 150 रुपये अधिक देकर निजी सेंटर पर जांच करानी पड़ रही है। प्रशासन की ओर से शासन को लगातार नई मशीन लगवाने के लिए पत्र लिखा जा रहा है।
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23 अगस्त 2023 को इंजीनियरों की टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर सर्वे किया था। उन्होंने जनवरी तक मशीन लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब कंपनी की ओर से मार्च में मशीन लगाने की बात कही गई है। कंपनी की हीलाहवाली की वजह से मरीज दो महीेन और परेशान रहेंगे।
2017 में लगी थी सीटी स्कैन मशीन
सैफई विवि में इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में मशीन सिमिन कंपनी की ओर से वर्ष 2007 में सीटी स्कैन मशीन लगाई थी। इसमें 10 वर्ष तक तो काम सही किया, लेकिन 2017 से लगातार खराबी आने लगी थी। हालांकि संबंधित कंपनी की ओर से कुछ सालों तक मरम्मत कराई गई, लेकिन दो वर्ष से मशीन कंडम स्थिति में आ गई थी। मशीन खराब होने के बाद ही विवि प्रशासन की ओर से नई मशीन लगवाने के लिए कवायद तेज की गई। यदि मशीन नई लगवाने के लिए पहले ही प्रयास किए जाते तो शायद मरीजों को इतने लंबे समय तक परेशान नहीं होना पड़ता।
रेडियोलॉजिस्ट की भी तैनाती नहीं
सैफई मेडिकल कॉलेज में शुरुआत से ही रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त पड़ा है। ऐसे में तकनीकि स्टाफ मरीजों की जांच करके उन्हें फिल्म देकर ही काम चला रहे हैं। मरीजों को कोई भी जांच रिपोर्ट नहीं दी जाती है। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट के लिए लगातार विज्ञापन निकला जा रहा है, लेकिन तैनाती नहीं हो पा रही है। इस संबंध में शासन को भी अवगत कराया है।
वर्जन
विश्वविद्यालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया शासन ने नई सीटी स्कैन मशीन लगाने की मंजूरी दे दी है। 23 अगस्त 2023 को फिलिप्स कंपनी के इंजीनियर ने टीम के साथ सर्वे किया है। जनवरी में लगवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब कंपनी की ओर से देरी हो रही है। इस संबंध में शासन को अवगत कराया गया है।
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फोटो 22:::एमआरआई कराने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते परिजन। संवाद
- आधे दाम पर जांच की सुविधा होने के बाद भी मरीजों को निजी सेंटरों पर जाना पड़ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा/सैफई। मेडिकल कॉलेज में अभी और दो महीने तक मरीजों को सीटी स्कैन की सुविधा नहीं मिल सकेगी। अस्पताल में आधे दाम पर सीटी स्कैन की सुविधा होने के बाद भी मरीजों निजी सेंटरों पर जांच दाम देकर जांच करानी पड़ रही है। इमरजेंसी में मरीजों को सबसे ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में जिले के साथ आसपास के जनपदों से लगभग तीन से 3500 मरीज ओपीडी में हैं। वहीं प्रतिदिन करीब 600 से 700 सौ मरीज इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर में आते हैं। इनमें से करीब 100 से 150 मरीजों को सीटी स्कैन लिखा जाता है। दो साल से खराब पड़ी सीटी स्कैन मशीन की वजह से मरीजों का सीटी स्कैन नहीं हो पा रहा है।
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करीब तीन माह पहले मरीजों को एमआरआई कराने के लिए 3500 से आधे दाम करके 1750 में कराने की सुविधा दी गई। इसके बावजूद सिटी स्कैन की फीस से लगभग 150 रुपये अधिक देकर निजी सेंटर पर जांच करानी पड़ रही है। प्रशासन की ओर से शासन को लगातार नई मशीन लगवाने के लिए पत्र लिखा जा रहा है।
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23 अगस्त 2023 को इंजीनियरों की टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर सर्वे किया था। उन्होंने जनवरी तक मशीन लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब कंपनी की ओर से मार्च में मशीन लगाने की बात कही गई है। कंपनी की हीलाहवाली की वजह से मरीज दो महीेन और परेशान रहेंगे।
2017 में लगी थी सीटी स्कैन मशीन
सैफई विवि में इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में मशीन सिमिन कंपनी की ओर से वर्ष 2007 में सीटी स्कैन मशीन लगाई थी। इसमें 10 वर्ष तक तो काम सही किया, लेकिन 2017 से लगातार खराबी आने लगी थी। हालांकि संबंधित कंपनी की ओर से कुछ सालों तक मरम्मत कराई गई, लेकिन दो वर्ष से मशीन कंडम स्थिति में आ गई थी। मशीन खराब होने के बाद ही विवि प्रशासन की ओर से नई मशीन लगवाने के लिए कवायद तेज की गई। यदि मशीन नई लगवाने के लिए पहले ही प्रयास किए जाते तो शायद मरीजों को इतने लंबे समय तक परेशान नहीं होना पड़ता।
रेडियोलॉजिस्ट की भी तैनाती नहीं
सैफई मेडिकल कॉलेज में शुरुआत से ही रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त पड़ा है। ऐसे में तकनीकि स्टाफ मरीजों की जांच करके उन्हें फिल्म देकर ही काम चला रहे हैं। मरीजों को कोई भी जांच रिपोर्ट नहीं दी जाती है। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट के लिए लगातार विज्ञापन निकला जा रहा है, लेकिन तैनाती नहीं हो पा रही है। इस संबंध में शासन को भी अवगत कराया है।
वर्जन
विश्वविद्यालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया शासन ने नई सीटी स्कैन मशीन लगाने की मंजूरी दे दी है। 23 अगस्त 2023 को फिलिप्स कंपनी के इंजीनियर ने टीम के साथ सर्वे किया है। जनवरी में लगवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब कंपनी की ओर से देरी हो रही है। इस संबंध में शासन को अवगत कराया गया है।