फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Two prisoners escaped in Etawah came on muscle

इटावा में पेशी पर आए दो बंदी फरार

Thu, 23 Apr 2015 11:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Thu, 23 Apr 2015 11:17 PM IST
विज्ञापन
Two prisoners escaped in Etawah came on muscle

पेशी पर आए दो शातिर बंदी बृहस्पतिवार को सिपाही को चकमा देकर कोर्ट परिसर से फरार हो गए। पुलिस ने शहर में हाईअलर्ट जारी करते हुए सघन तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।

विज्ञापन


एसएसपी ने लापरवाही पर बंदियों को पेशी पर ले जाने वाले सिपाही को निलंबित कर दिया और एफआईआर के आदेश दिए हैं। सिपाही को हिरासत में ले लिया गया है।

घटनाक्रम के मुताबिक जिला कारागार में निरुद्ध बंदी नारायण यादव उर्फ डोली पुत्र अंग्रेज निवासी दौलतपुर ऊसराहार एवं विक्रम यादव उर्फ बीटू पुत्र जनवेद सिंह निवासी नगला नगरिया जसवंतनगर की दो अलग अलग  कोर्ट में पेशी थी। दोनों को कचहरी स्थित हवालात में लाया गया था। यहां से सिपाही उमेश सिंह दोनों को दोपहर करीब दो बजे पेशी पर कोर्ट ले गया।
विज्ञापन


कोर्ट में पेशी होने के बाद शाम करीब साढ़े चार बजे जब सिपाही दोनों को कोर्ट से लेकर हवालात की ओर चला तभी दोनों बंदी भाग निकले। बंदियों के भागने की जानकारी सिपाही ने आला अफसरों को दी। सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शहर में हाईअलर्ट जारी कर बंदियों की तलाश किया गया, लेकिन उनका कहीं कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिविल लाइन थाना पुलिस ने बंदियों को पेशी पर ले जाने वाले सिपाही उमेश सिंह को हिरासत में ले लिया है और रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई चल रही थी। सिपाही उमेश सिंह ने बताया कि दो बंदियों की जिम्मेदारी उसे अकेले सौंपी गई थी।

जैसे ही वह उन्हें कोर्ट से हवालात की ओर लेकर चला तभी दोनों रस्सी निकालकर अलग-अलग दिशाओं में भाग खड़े हुए। भागने वाले दोनों बंदी लूट, डकैती की संगीन धाराओं में जिला जेल में निरुद्ध थे।

जेल अधीक्षक एपी राय ने बताया कि बंदी डोली की पेशी एडीजे-6 कोर्ट में होनी थी, जबकि बीटू की पेशी एंटी डकैती कोर्ट में होनी थी। एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि भागे हुए बंदियों की पुलिस पूरे जिले में तलाश कर रही है। लापरवाही बरतने के आरोप में सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। उसे जेल भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है।

कमजोर सिपाही को थमा दिए गए दो शातिर बंदी
इटावा। कचहरी में गुरुवार को हवालात से दो बंदी फिल्मी स्टाइल में भाग गए। दो कोर्ट में पेशी के बाद एक बंदी ने हथकड़ी से अपना हाथ निकाल लिया। इसके बाद वह कोर्ट के बाहर से फरार हो गया।

इसके बाद सिपाही उसे पकड़ने के लिए दौड़ा तो दूसरा बंदी भी भाग गया। जिस सिपाही के हवाले दो शातिर बंदी किए गए थे वह खुद लाचार था। एक हादसे के बाद उसके पैर में सरिया पड़ी है। तभी वह तेजी से भाग भी नहीं सकता है।

हवालात में बंदियों को ले जाने में भी जमकर खेल होता है। पिछले दिनों हवालात के अंदर से ही तीन बंदियों ने भागने का प्लान किया था। उन्होंने पेशी के दौरान आते आते हवालात की दीवार काट दी थी। वह तो समय रहते हवालात प्रभारी को पता चल गया। इस पर उनके खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई।

गुरुवार की दोपहर को दो बजे के करीब सिपाही उमेश सिंह को दो बंदी कोर्ट में पेश करने के लिए दिए गए। वह दोनों को कोर्ट ले गया। उनकी तीन कोर्टों में पेशी थी। दोनों बंदियों ने पहले से ही भागने का प्लान तैयार कर रखा था। सूत्रों का कहना है कि इसीलिए साठगांठ कर एक कमजोर सिपाही को पेशी पर ले जाने के लिए ड्यूटी लगवाई गई।

इसके बाद दोनों कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट में पेशी के दौरान एक बंदी ने अपनी हथकड़ी कलाई से ढीली कर ली। इसके बाद वह कोर्ट से बाहर निकला तो तेजी से झटका देकर फरार हो गया।

इसके बाद दूसरा कैदी भी दूसरी तरफ भाग गया। कचहरी में भीड़भाड़ के बाद भी सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि कोई कुछ समझ नहीं पाया। इसके बाद  सिपाही ने तुरंत हवालात प्रभारी को सूचना दी। पुलिस ने नाकाबंदी की लेकिन बंदी नहीं मिले।

पिछले हफ्ते जेल में हुआ था हंगामा

जिला जेल में पिछले सोमवार को भी बंदियों ने जमकर बवाल किया था। जेल की एक दीवार पर बंदी चढ़ गए थे। उनके हंगामे से जेल प्रशासन के साथ जिला प्रशासन के भी हाथ पांव फूल गए थे। बाद में किसी तरह मामला शांत हुआ। इस महिला बंदी विजया यादव की वजह से यह हंगामा हुआ था वह अभी कड़ी निगरानी में रखी जा रही है।

दीवार फांदकर फरार हो चुके हैं बंदी

डेढ़ साल पहले भी जेल की दीवार फांद कर आधा दर्जन कैदी फरार हो गए थे। इसके बाद जेल की चौकसी भी बढ़ा दी गई थी। इसके बाद से बंदियों के भागने पर नकेल लग गई थी लेकिन गुरुवार को मौका मिलते ही दो बंदी फरार हो गए।

कहां गई क्यूआरटी और सुरक्षा
हाल ही में एसएसपी की ओर से कचहरी स्थित हवालात से लेकर पेशी पर जाने वाले बंदियों की सुरक्षा चाकचौबंद करने का दावा किया गया था। एसएसपी की ओर से सुरक्षा की दृष्टि से क्यूआरटी और पीएसी को तैनात करने की भी बात कही गई थी। गुरुवार को कोर्ट परिसर से एक साथ दो बंदियों के भागने से सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है।

कुछ समय पहले पेशी पर आने वाले बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था की एसएसपी डा. राकेश सिंह ने समीक्षा की थी। उन्होंने हवालात के आसपास तथा कचहरी से लेकर कोर्ट परिसर के बीच जगह-जगह क्यूआरटी और पीएसी के जवानों को तैनात करने की बात कही थी।


गुरुवार को पेशी पर आए बंदी नारायण उर्फ डोली एवं बीटू यादव आसानी से भागने में सफल रहे। भागने वाले बंदियों को कोर्ट परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी भी नहीं रोक पाए। बंदियों के भागने की इस घटना से सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सुरक्षा व्यवस्था और एसएसपी के आदेश पर यह सवाल खड़े हो गए कि आखिर क्यूआरटी और पीएसी के जवान आखिर कहां थे?

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed