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एक ही परिवार के तीन युवक यमुना में डूबे
अमर उजाला इटावा
Updated Fri, 16 Sep 2016 12:46 AM IST
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यमुना घाट पर नाव के सहारे जाल लगाने जाते युवक
- फोटो : अमर उजाला
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लवेदी थाना क्षेत्र के गांव नवादा खुर्द कला में गणेश प्रतिमा विसर्जन करने गए एक ही परिवार के तीन युवक यमुना नदी में डूबने लगे। यह देख मौके पर मौजूद तैराकों ने दो युवकों को बचा लिया। वहीं एक 22 वर्षीय युवक का कोई सुराग नहीं लगा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों के सहयोग से लापता युवक की खोजबीन शुरू कराई है।
गांव नवादा खुर्द कला निवासी लल्लू सिंह के घर पर गणेश महोत्सव का आयोजन हुआ था। महोत्सव के समापन पर गुरुवार को अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को श्रद्धालु घर से निकले। करीब तीन दर्जन लोग विसर्जन के लिए यमुना कंधेसी घाट पहुंचे। दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब जब युवक प्रतिमा विसर्जन के लिए यमुना के पानी में उतरे। अचानक पानी में आए तेज बहाव से गोविंद उर्फ गोलू पुत्र लल्लू सिंह, मोनू पुत्र गजेंद्र व लालू पुत्र सुशील गहरे पानी में चले गए। युवकों को पानी के बहाव के साथ जाता देख अफरातफरी मच गई।
वहीं प्रतिमा विसर्जन के लिए साथ आए संदीप, मधुर ने साहस का परिचय दिया। पानी में बह रहे मोनू और लालू को तो बचा लिया गया, मगर गोविंद उर्फ गोलू लापता हो गया। इस घटना की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे लवेदी थानाध्यक्ष सुशील योगी ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से लापता युवक की काफी तलाश की, मगर उसका कोई पता नहीं चला। इसी बीच तेज बारिश शुरू हो गई। जिससे पुलिस को उसकी तलाश रोकनी पड़ी। तीन घंटे बाद अभियान फिर शुरू किया गया जो कि देर शाम तक जारी रहा।
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बकेवर। पुलिस प्रशासन सख्त होता तो यमुना में युवकों के डूबने की घटना को रोका जा सकता था। रोक के बावजूद यमुना नदी के जल में मूर्ति विसर्जन होने से प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई है। उप जिलाधिकारी चकरनगर ने कहा कि इस मामले में पुलिस की जिम्मेदारी है। इस बारे में वे एसएसपी को रिपोर्ट देंगे।
नदी में मूर्ति विसर्जन या अन्य किसी प्रकार की वस्तुओं को प्रवाहित करने पर होईकोर्ट की रोक है। ऐसे में जाहिर है इस बारे में पुलिस ने सक्रियता नहीं बरती। पुलिस को यमुना में मूर्तियों के विसर्जन पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए थी। इस संबंध में उपजिलाधिकारी चकरनगर राजमणि मिश्रा ने यह तो स्वीकार किया की नदी में मूर्ति विसर्जन पर रोक है।
इसके बाद भी यमुना नदी के जल में मूर्ति के विसर्जन होने के सवाल पर उन्होंने लवेदी पुलिस को इसके लिए जिम्मेदार बताया। यही नहीं लोग बताते है कि घटना के बाद सौ नंबर पर सूचना दी। इस पर लवेदी थाना पुलिस करीब एक घंटे बाद पहुंची। जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। वहीं लवेदी थाना पुलिस का कहना है कि ग्रामीण यमुना घाट पर बगैर किसी सूचना के ही मूर्तियों का विसर्जन करने गए थे।
बकेवर। नबादा गांव के पास तीन युवकों के नदी में डूबने की घटना पर भाजपा के नेता मौके पर पहुंचे और परिजनों से मिले। घटना की जानकारी होते ही भाजपा नेत्री पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता भदौरिया, हरनाथ सिंह कुशवाहा, विकास भदौरिया, सावित्री कठेरिया घटना स्थल पर पहुंची। सरिता भदौरिया ने वहां मौजूद लवेदी थानाध्यक्ष सुशील योगी से व ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। भाजपा नेत्री सरिता भदौरिया ने वहीं से जिलाधिकारी इटावा से उनके मोबाइल नंबर पर बात की।
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गांव नवादा खुर्द कला निवासी लल्लू सिंह के घर पर गणेश महोत्सव का आयोजन हुआ था। महोत्सव के समापन पर गुरुवार को अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को श्रद्धालु घर से निकले। करीब तीन दर्जन लोग विसर्जन के लिए यमुना कंधेसी घाट पहुंचे। दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब जब युवक प्रतिमा विसर्जन के लिए यमुना के पानी में उतरे। अचानक पानी में आए तेज बहाव से गोविंद उर्फ गोलू पुत्र लल्लू सिंह, मोनू पुत्र गजेंद्र व लालू पुत्र सुशील गहरे पानी में चले गए। युवकों को पानी के बहाव के साथ जाता देख अफरातफरी मच गई।
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वहीं प्रतिमा विसर्जन के लिए साथ आए संदीप, मधुर ने साहस का परिचय दिया। पानी में बह रहे मोनू और लालू को तो बचा लिया गया, मगर गोविंद उर्फ गोलू लापता हो गया। इस घटना की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे लवेदी थानाध्यक्ष सुशील योगी ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से लापता युवक की काफी तलाश की, मगर उसका कोई पता नहीं चला। इसी बीच तेज बारिश शुरू हो गई। जिससे पुलिस को उसकी तलाश रोकनी पड़ी। तीन घंटे बाद अभियान फिर शुरू किया गया जो कि देर शाम तक जारी रहा।
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बकेवर। पुलिस प्रशासन सख्त होता तो यमुना में युवकों के डूबने की घटना को रोका जा सकता था। रोक के बावजूद यमुना नदी के जल में मूर्ति विसर्जन होने से प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई है। उप जिलाधिकारी चकरनगर ने कहा कि इस मामले में पुलिस की जिम्मेदारी है। इस बारे में वे एसएसपी को रिपोर्ट देंगे।
नदी में मूर्ति विसर्जन या अन्य किसी प्रकार की वस्तुओं को प्रवाहित करने पर होईकोर्ट की रोक है। ऐसे में जाहिर है इस बारे में पुलिस ने सक्रियता नहीं बरती। पुलिस को यमुना में मूर्तियों के विसर्जन पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए थी। इस संबंध में उपजिलाधिकारी चकरनगर राजमणि मिश्रा ने यह तो स्वीकार किया की नदी में मूर्ति विसर्जन पर रोक है।
इसके बाद भी यमुना नदी के जल में मूर्ति के विसर्जन होने के सवाल पर उन्होंने लवेदी पुलिस को इसके लिए जिम्मेदार बताया। यही नहीं लोग बताते है कि घटना के बाद सौ नंबर पर सूचना दी। इस पर लवेदी थाना पुलिस करीब एक घंटे बाद पहुंची। जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। वहीं लवेदी थाना पुलिस का कहना है कि ग्रामीण यमुना घाट पर बगैर किसी सूचना के ही मूर्तियों का विसर्जन करने गए थे।
बकेवर। नबादा गांव के पास तीन युवकों के नदी में डूबने की घटना पर भाजपा के नेता मौके पर पहुंचे और परिजनों से मिले। घटना की जानकारी होते ही भाजपा नेत्री पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता भदौरिया, हरनाथ सिंह कुशवाहा, विकास भदौरिया, सावित्री कठेरिया घटना स्थल पर पहुंची। सरिता भदौरिया ने वहां मौजूद लवेदी थानाध्यक्ष सुशील योगी से व ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। भाजपा नेत्री सरिता भदौरिया ने वहीं से जिलाधिकारी इटावा से उनके मोबाइल नंबर पर बात की।