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सिपाही की आंखों मिर्चा झोंककर भागे दो बंदी
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Fri, 09 Sep 2016 11:23 PM IST
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पकड़े गए बंदी को ले जाते पुलिस कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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इटावा। पेशी से लौटते समय सिपाहियों की आंखों में मिर्च झोंककर दो बंदी भाग निकले। सिपाही के चिल्लाने पर बंदियों ने तमंचा लहराया और फायरिंग भी की। सिपाही की चीख सुनकर समीप ही मौजूद रिटायर्ड इंस्पेक्टर ने साहस का परिचय देते हुए भाग रहे एक बंदी को तमंचे सहित दबोच लिया। जबकि दूसरा भाग निकलने पर सफल रहा। दोनों आरोपी सपा नेता हत्याकांड में जेले में बंद थे।
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सपा नेता राजवीर सिंह यादव हत्याकांड सहित विभिन्न मामलों में जिला कारागार में निरुद्ध सगे भाई सुंदर उर्फ आदेश व जितेंद्र उर्फ बल्लू पुत्र रनसिंह निवासी भूटा रम्पुरा चौबिया की शुक्रवार को एडीजे एनटी डकैती कोर्ट में पेशी थी। जिला कारागार से अन्य बंदियों के साथ दोनों भाइयों को सुबह करीब दस बजे कचहरी स्थित हवालात में लाया गया।
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जहां से पुलिस लाइन में तैनात एचसीपी राजेंद्र तिवारी व सिपाही सगीर अहमद, सुनील सोलंकी के साथ दोनों भाइयों सहित चार बंदियों को अलग-अलग कोर्ट में पेशी के लिए भेजा गया। सुंदर व जितेंद्र की पेशी एंटी डकैती कोर्ट के साथ सीजेएम कोर्ट में भी थी। जबकि अन्य दो बंदियों की पेशी सीजेएम कोर्ट में ही थी।
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एचसीपी व दोनों सिपाही चारों बंदियों को लेकर सीजेएम कोर्ट गए और वहां पेशी कराने के बाद एचसीपी राजेंद्र तिवारी व सिपाही सुनील सोलंकी अन्य दो कैदियों को लेकर हवालात की ओर निकल आए। जबकि दोनों सगे भाइयों को एंटी डकैती कोर्ट में पेश किया और यहां से करीब दो बजे वापस हवालात लाने लगे।
तभी रास्ते में उनका एक साथी मिला। बात करने के बाद फलों से भरा थैला दिया। इस पर सिपाही सगीर ने उसे डांट कर हटा दिया। दोनों बंदी चंद कदम आगे बढ़ने के बाद थैले से मिर्च का पाउडर निकाले और सिपाही सगीर अहमद की आंखों में झोंक दिया। इसके बाद वे तमंचे लहराने लगे। सिपाही चिल्लाया तो दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
सिपाही की आवाज सुन एक अधिवक्ता के बस्ते पर मौजूद रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर रामनाथ सिंह यादव भी दौड़ पड़े और जितेंद्र उर्फ बल्लू को दबोच लिया। जबकि उसका भाई सुंदर उर्फ आदेश भाग निकला। सूचना पर सिविल लाइन थाना के एसओ रोहित तिवारी और सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर मयफोर्स मौके पर पहुंचे।
सीओ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि फल का पैकेट देने के बहाने ही बंदी को उसके साथी ने मिर्च पाउडर और तमंचा दिया था। पुलिस की लापरवाही पर भी जांच की जा रही है। फिलहाल अभी इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।