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हिस्सा मांगने पर भाइयों ने की बहनों की हत्या

Fri, 28 Dec 2018 11:56 PM IST
प्रतीक दुबे अमर उजाला, इटावा
अमर उजाला, इटावा Published by: प्रतीक दुबे Updated Fri, 28 Dec 2018 11:56 PM IST
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Brothers kill sisters after seeking share
पकड़े गए हत्यारोपी भाई, पुलिस बल के साथ व जानकारी देते एसएसपी अशोक त्रिपाठी। अमर उजाला - फोटो : amar ujala
फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र के पचावली गांव में बहनों की हत्या उन्हीं के दो भाइयों ने की थी। शुक्रवार को पुलिस ने इसका खुलासा कर दिया। हत्या की वजह एक अविवाहित बहन का जमीन में हिस्सा मांगना और दूसरी का समर्थन करना था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।  
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शुक्रवार को पुलिस लाइन के सभागार में एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार रात को पचावली गांव में लक्ष्मी व सुनीता की सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में उनके भाई संजय उर्फ संजेश पुत्र करन सिंह ने गांव के ही नीतू सहित छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि जमीन के विवाद में ये लोग उनके परिवार से रंजिश रखते हैं। इसी वजह से हत्या की गई है।
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एसएसपी ने वारदात का खुलासा करने के लिए क्राइम ब्रांच के अलावा फ्रेंड्स कालोनी थाना पुलिस को लगाया था। दोनों टीमों ने संजय से पूछताछ की तो कुछ शक हुआ। पुलिस ने संजय के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली तो भाई प्रमोद भी शक के दायरे में आ गया। एक घर में रहते हुए दोनों ने आपस में फोन पर बातचीत की थी। पुलिस ने जब दोनों से कड़ाई से पूछताछ की तो दोनों टूट गए और बहनों की हत्या करने की बात स्वीकार ली।  
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पुलिस का दावा है कि पूछताछ में संजय व प्रमोद ने बताया कि उनकी मां को ननिहाल में पचास बीघा जमीन मिली थी। वे सभी भाई-बहन पचावली में रह रहे थे। लक्ष्मी के अलावा सभी भाई बहनों की शादी हो चुकी थी। लक्ष्मी घर में सबसे ज्यादा पढ़ी लिखी थी और स्वेच्छा से शादी करना चाहती थी। इस वजह से वह जमीन में पांच बीघा हिस्सा या फिर तीस लाख रुपये मांग रही थी। बड़ी बहन सुनीता भी उसका सहयोग कर रही थी। इसके चलते आए दिन घर में झगड़ा होता था। इस कारण से उसने प्रमोद के साथ मिलकर दोनों की हत्या की योजना तैयार की। घर के सभी लोगों के सो जाने पर संजय ने कमरे में सो रही लक्ष्मी की गोली मार दी और नीचे कमरे में प्रमोद ने सुनीता की गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में दोनों ने शोर मचा दिया। बाद में उन्होंने गांव के लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचे भी बरामद कर लिए। एसएसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया है। प्रेस वार्ता में एसपी क्राइम महेश अत्री, एसपी सिटी रामयश सिंह, सीओ सिटी वैभव पांडे भी मौजूद रहे।  
 
पुलिस की पूछताछ में संजय और प्रमोद अपने ही बनाए जाल में फंसते चले गए और गुनाह कबूल लिया।  दरअसल, अपनी दोनों बहनों को ठिकाने लगाने के लिए संजय व प्रमोद करीब एक सप्ताह से योजना बना रहे थे। उन्होंने अपने यहां जागरण का कार्यक्रम रखा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उसने सुनीता को भी बुला लिया था। जागरण हो जाने के बाद दोनों ने सुनीता को रोक लिया था। इसी योजना के तहत बुधवार की रात को संजय अपनी पत्नी बच्चों के अलावा सुनीता के दस वर्षीय पुत्र व लक्ष्मी के साथ ऊपर वाले कमरे में सोया था। जबकि नीचे कमरे में सुनीता उसकी मां सुशीलादेवी प्रमोद व उसके बच्चे लेटे थे। जबकि उसके दो अन्य भाई अलग-अलग कमरों में परिवार के साथ सोए थे। दोनों ने वारदात को अंजाम देने से पहले दोनों भाइयों के कमरों की कुंडी बाहर से बंद कर दी थी। उन्होंने मुख्य दरवाजे भी खोल दिए थे ताकि शोर मचाने पर कहा जा सके कि गोली मारने वाले दरवाजा खोलकर भाग निकले।


घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद ही पुलिस को संजय द्वारा दी गई जानकारी गले नहीं उतर रही थी। पुलिस ने जब संजय व प्रमोद के मोबाइल के बारे में जानकारी की गई तो पहले तो वे मोबाइल न होने की बात स्वीकार करते रहे। बाद में उन्होंने पुलिस को मोबाइल दिए। छानबीन के दौरान जानकारी मिली कि घर में रहते हुए उन्होंने रात एक बजे आपस में बातचीत की थी। परिवार के अन्य लोग सो गए तो उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की छानबीन में दोनों अपने ही बुने जाल में फंस गए। एसएसपी ने बताया कि इस बात की भी जांच कराई जा रही है कि जागरण कार्यक्रम घटना को अंजाम देने के लिए भी तो नहीं किया गया था।
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