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इटावा : दहेज हत्या में पति सहित चार को उम्रकैद
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इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय स्वेता श्रीवास्तव ने चार साल पुराने दहेज हत्या के मामले में पति समेत चार ससुरालियों को उम्रकैद सुनाई है। सभी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदा न करने पर उन्हें एक साल का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला एवं अपर जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि शहर के मोहल्ला रामनगर निवासी रंजीत ने बहन मोना की शादी छह मई 2017 को बकेवर के निवाड़ी निवासी विकास उर्फ सिंटू के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ससुराल वाले दो लाख रुपये व बाइक की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उन्होंने मोना का उत्पीड़न शुरू कर दिया। प्रताड़ना से बचने के लिए मोना ने छोटी बहन डॉली को बुला लिया। 24 अप्रैल 2018 को उसकी छोटी बहन ने फोन कर परिवार के लोगों ने बताया कि मोना के पति विकास, सास शीला देवी, ससुर शिवस्वरूप उर्फ पप्पू व ननद पिंकी ने मिट्टी का तेल डालकर बहन को आग लगा दी। जानकारी पर पहुंचे मायके के लोग उसे सैफई मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
रंजीत की तहरीर पर पुलिस ने चारों के खिलाफ दहेज हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में हुई। दोनों ओर से साक्ष्यों, गवाहों व दलीलों के आधार पर कोर्ट ने चारों को दोषी पाया। इस पर सभी को उम्रकैद सुनाई गई।
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जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला एवं अपर जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि शहर के मोहल्ला रामनगर निवासी रंजीत ने बहन मोना की शादी छह मई 2017 को बकेवर के निवाड़ी निवासी विकास उर्फ सिंटू के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ससुराल वाले दो लाख रुपये व बाइक की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उन्होंने मोना का उत्पीड़न शुरू कर दिया। प्रताड़ना से बचने के लिए मोना ने छोटी बहन डॉली को बुला लिया। 24 अप्रैल 2018 को उसकी छोटी बहन ने फोन कर परिवार के लोगों ने बताया कि मोना के पति विकास, सास शीला देवी, ससुर शिवस्वरूप उर्फ पप्पू व ननद पिंकी ने मिट्टी का तेल डालकर बहन को आग लगा दी। जानकारी पर पहुंचे मायके के लोग उसे सैफई मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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रंजीत की तहरीर पर पुलिस ने चारों के खिलाफ दहेज हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में हुई। दोनों ओर से साक्ष्यों, गवाहों व दलीलों के आधार पर कोर्ट ने चारों को दोषी पाया। इस पर सभी को उम्रकैद सुनाई गई।
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