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बदली तहरीर पर दर्ज हुई दो छात्रों की मौत का केस
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बदली हुई तहरीर पर दर्ज हुई
दो छात्रों की मौत की रिपोर्ट
- ऊसराहार पुलिस ने दो अलग-अलग छात्रों की मौत को एक ही मुकदमे में समेटा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊसराहार। चार दिन पहले ऊसराहार थाना क्षेत्र के महुआ नगरिया निवासी छात्रों अंकुल यादव और आकाश कमल की मौत के मामले में गांव के ही एक व्यक्ति के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। घटना के चार दिन बाद मृत छात्रों के अभिभावकों की नई तहरीर के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया।
बताया गया है कि दोनों छात्रों की दोस्ती से चिढ़ के कारण गांव के ही युवक दर्शन ने हत्या की धमकी दी थी जिससे प्रताड़ित और भयभीत होकर दोनों दोस्तों ने एक साथ आत्महत्या कर ली।
ऊसराहार थाना क्षेत्र के महुआ नगरिया निवासी छात्र अंकुल यादव और आकाश कमल के शव एक साथ 24 अगस्त को सुबह गांव के बाहर पेड़ पर लटके मिले थे। मंगलवार की शाम को आकाश कमल के पिता राकेश कोरी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। राकेश ने अभियोग दर्ज कराते हुए बताया कि उसके पुत्र आकाश की गांव के अंकुल के साथ गहरी दोस्ती थी जिसको लेकर गांव का ही दर्शन सिंह यादव चिढ़ता था। दर्शन सिंह ने दोनों दोस्तों को दोस्ती छोड़ देने की चेतावनी देते हुए जान से मार देने की धमकी भी दी थी। दर्शन सिंह की धमकी से भयभीत होकर आकाश और अंकुल ने 23 अगस्त की रात में आम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस संबंध में थानाध्यक्ष सतीश यादव ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के साथ एससीएसटी एक्ट की धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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इनसेट
आखिर किस के दबाव में बदली तहरीर
पहले मृतक छात्रों के परिजनों ने अपने-अपने पुत्रों को गायब कर हत्या करने की अलग-अलग तहरीर दी थी, लेकिन बाद में इन्हें थाने में बदलवा दिया गया और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया गया। छात्रों की मौत के बाद आकाश की मां अनुराधा ने अपने बेटे को अगवा कर हत्या करने का आरोप गांव के ही एक व्यक्ति पर लगाया था। मंगलवार को थाना में आकाश के पिता राकेश कोरी एवं अंकुल के पिता गेंदालाल ने तहरीर देते हुए बताया था कि गांव के ही एक व्यक्ति ने देवस्थान के पास से रात साढ़े आठ बजे लगभग उनके पुत्रों को गायब कर दिया और उनकी हत्या कर शव को पेड़ पर आत्महत्या दर्शाने कऐ उद्देश्य से लटका दिया। दोनों परिवार ने यह तहरीर थाने जाने से पहले मीडिया को भी दिखाई थी, लेकिन फिर आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों तहरीरों की जगह एक ही तहरीर तैयार कराई गई और आरोपी व्यक्ति को हत्या के स्थान पर आत्महत्या के लिए प्रताड़ित करने के मामले में नामजद किया गया। अभी तक आत्महत्या करने की भी कोई ठोस वजह पुलिस ढूंढ नहीं पाई है। इस संबंध में थानाध्यक्ष सतीश यादव ने बताया कि पहले वह हत्या का मामला दर्ज कराना चाह रहे थे जबकि मामला आत्महत्या का था इसलिए हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
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दो छात्रों की मौत की रिपोर्ट
- ऊसराहार पुलिस ने दो अलग-अलग छात्रों की मौत को एक ही मुकदमे में समेटा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊसराहार। चार दिन पहले ऊसराहार थाना क्षेत्र के महुआ नगरिया निवासी छात्रों अंकुल यादव और आकाश कमल की मौत के मामले में गांव के ही एक व्यक्ति के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। घटना के चार दिन बाद मृत छात्रों के अभिभावकों की नई तहरीर के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया।
बताया गया है कि दोनों छात्रों की दोस्ती से चिढ़ के कारण गांव के ही युवक दर्शन ने हत्या की धमकी दी थी जिससे प्रताड़ित और भयभीत होकर दोनों दोस्तों ने एक साथ आत्महत्या कर ली।
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ऊसराहार थाना क्षेत्र के महुआ नगरिया निवासी छात्र अंकुल यादव और आकाश कमल के शव एक साथ 24 अगस्त को सुबह गांव के बाहर पेड़ पर लटके मिले थे। मंगलवार की शाम को आकाश कमल के पिता राकेश कोरी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। राकेश ने अभियोग दर्ज कराते हुए बताया कि उसके पुत्र आकाश की गांव के अंकुल के साथ गहरी दोस्ती थी जिसको लेकर गांव का ही दर्शन सिंह यादव चिढ़ता था। दर्शन सिंह ने दोनों दोस्तों को दोस्ती छोड़ देने की चेतावनी देते हुए जान से मार देने की धमकी भी दी थी। दर्शन सिंह की धमकी से भयभीत होकर आकाश और अंकुल ने 23 अगस्त की रात में आम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस संबंध में थानाध्यक्ष सतीश यादव ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के साथ एससीएसटी एक्ट की धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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आखिर किस के दबाव में बदली तहरीर
पहले मृतक छात्रों के परिजनों ने अपने-अपने पुत्रों को गायब कर हत्या करने की अलग-अलग तहरीर दी थी, लेकिन बाद में इन्हें थाने में बदलवा दिया गया और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया गया। छात्रों की मौत के बाद आकाश की मां अनुराधा ने अपने बेटे को अगवा कर हत्या करने का आरोप गांव के ही एक व्यक्ति पर लगाया था। मंगलवार को थाना में आकाश के पिता राकेश कोरी एवं अंकुल के पिता गेंदालाल ने तहरीर देते हुए बताया था कि गांव के ही एक व्यक्ति ने देवस्थान के पास से रात साढ़े आठ बजे लगभग उनके पुत्रों को गायब कर दिया और उनकी हत्या कर शव को पेड़ पर आत्महत्या दर्शाने कऐ उद्देश्य से लटका दिया। दोनों परिवार ने यह तहरीर थाने जाने से पहले मीडिया को भी दिखाई थी, लेकिन फिर आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों तहरीरों की जगह एक ही तहरीर तैयार कराई गई और आरोपी व्यक्ति को हत्या के स्थान पर आत्महत्या के लिए प्रताड़ित करने के मामले में नामजद किया गया। अभी तक आत्महत्या करने की भी कोई ठोस वजह पुलिस ढूंढ नहीं पाई है। इस संबंध में थानाध्यक्ष सतीश यादव ने बताया कि पहले वह हत्या का मामला दर्ज कराना चाह रहे थे जबकि मामला आत्महत्या का था इसलिए हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।