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कोरोना ने ले ली दो की जान, बेटियों ने दी मुखाग्नि
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लवेदी (इटावा)। तमाम कवायद के बाद भी कोरोना संक्रमितों को अस्पतालों में भर्ती कराने में परिजनों व तीमारदारों को पसीना छूट रहा है। इसके बाद मरीज भर्ती न होने से तड़प-तड़प कर दम तोड़ रहे। लखना में कोरोना संक्रमित मरीज को लेकर उनकी पुत्रियां इटावा जिला अस्पताल और सैफई कोविड अस्पताल के चक्कर लगाती रही। दोनों ही जगह न इलाज और नहीं बेड मिला। इलाज के अभाव में दोनों ने घर पर ही दम तोड़ दिया। बाद में दोनों की पुत्रियों ने पिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।
कस्बा लखना के मोहल्ला कालिका देवी निवासी भदौरिया मेडिकल स्टोर के संचालक जगदीप सिंह भदौरिया उर्फ किंगू (32) पिछले साल कोरोना संक्रमण शुरू होने से अभी तक जरूरतमंदों को दवाएं पहुंचाकर मदद पहुंचा रहे थे। आखिर में खुद कोरोना की चपेट में आ गए। जगदीप सिंह भदौरिया उर्फ किंगू डायबिटीज से पीड़ित थे।
संक्रमित होने पर जिले में कोई उम्मीद न देख उनकी बेटियों ने इलाज के लिए चंडीगढ़ में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान मंगलवार की शाम उनकी मौत हो गई। बेटियां शव लेकर घर आईं। लखना में दीपशिखा और उसकी बहन रिद्दिमा सिंह ने बुधबार को सुबह यमुना स्थित टकरुपुर घाट पर ले जाकर पीपीई किट पहनकर अपने पिता को मुखाग्नि दी। उनका भाई अभी एक साल का है।
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दूसरी घटना कस्बा लखना के मोहल्ला दीक्षितान की है। यहां सत्येंद्र शुक्ला उर्फ लाडू (51) कोरोना संक्रमित हो गए। इनके दो पुत्रियां जशु शुक्ला (14) व पटुआ शुक्ला (12) है। पिता की हालत बिगड़ने पर दोनों बेटियां जिला अस्पताल और बाद में सैफई लेकर पहुंची, दोनों जगह भर्ती करने से इनकार कर दिया गया।
निराश होकर पिता को लेकर घर आ गईं। घर पर सोमवार की रात उनकी मौत हो गई। बड़ी बेटी जशु शुक्ला ने पीपीई किट पहनकर लखना स्थित शमशान घाट पर मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी।
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कस्बा लखना के मोहल्ला कालिका देवी निवासी भदौरिया मेडिकल स्टोर के संचालक जगदीप सिंह भदौरिया उर्फ किंगू (32) पिछले साल कोरोना संक्रमण शुरू होने से अभी तक जरूरतमंदों को दवाएं पहुंचाकर मदद पहुंचा रहे थे। आखिर में खुद कोरोना की चपेट में आ गए। जगदीप सिंह भदौरिया उर्फ किंगू डायबिटीज से पीड़ित थे।
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संक्रमित होने पर जिले में कोई उम्मीद न देख उनकी बेटियों ने इलाज के लिए चंडीगढ़ में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान मंगलवार की शाम उनकी मौत हो गई। बेटियां शव लेकर घर आईं। लखना में दीपशिखा और उसकी बहन रिद्दिमा सिंह ने बुधबार को सुबह यमुना स्थित टकरुपुर घाट पर ले जाकर पीपीई किट पहनकर अपने पिता को मुखाग्नि दी। उनका भाई अभी एक साल का है।
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दूसरी घटना कस्बा लखना के मोहल्ला दीक्षितान की है। यहां सत्येंद्र शुक्ला उर्फ लाडू (51) कोरोना संक्रमित हो गए। इनके दो पुत्रियां जशु शुक्ला (14) व पटुआ शुक्ला (12) है। पिता की हालत बिगड़ने पर दोनों बेटियां जिला अस्पताल और बाद में सैफई लेकर पहुंची, दोनों जगह भर्ती करने से इनकार कर दिया गया।
निराश होकर पिता को लेकर घर आ गईं। घर पर सोमवार की रात उनकी मौत हो गई। बड़ी बेटी जशु शुक्ला ने पीपीई किट पहनकर लखना स्थित शमशान घाट पर मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी।