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कार्निया प्रत्यारोपण ने दी अनीता को नई रोशनी
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Tue, 16 May 2017 11:21 PM IST
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अनीता कुमारी के साथ कुलपति डा. ब्रिगे. टी प्रभाकर
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के नेत्र रोग विभाग और इटावा आप्थोमोलॉजी सोसाइटी ने पहली बार लाइव सर्जरी में कार्निया प्रत्यारोपण किया। इससे 12 वर्षीय बालिका अनीता कुमारी को नई रोशनी मिली है। लाइव सर्जरी में बीएचयू के नेत्र सर्जन डा. अभिषेक चंद्रा, विश्वविद्यालय के नेत्र सर्जन डा. ब्रिजेश सिंह, नर्सिंग तथा तकनीकी स्टाफ ने सहयोग किया।
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विश्वविद्यालय के कुलपति डा. ब्रिगे. टी. प्रभाकर बताया कि कार्निया प्रत्यारोपण बिना नेत्रदान के संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके लिए नेत्रदान को बढ़ावा देना जरूरी है। ऑप्थोमोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. बीडी शर्मा ने बताया कि कार्निया प्रत्यारोपण के बाद अनीता कुमारी की आंखों से मंगलवार को पहली बार पट्टी हटाई गई है। अनीता धीरे-धीरे दूर की चीजें भी आसानी से देखने में सक्षम हो सकेगी। विभाग के नेत्र सर्जन डा. रविरंजन ने बताया कि सफल कार्निया प्रत्यारोपण के बाद अनीता की आंखों की रोशनी वापस आने से उसकी मां सिद्धेश्वरी देवी काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि अनीता की रोशनी दो वर्ष की आयु में ही चली गई थी।
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