फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Commotion at Provincial session of Loniv Ministerial Association

कर्मचारियों के दो गुट आमने सामने होने पर हुआ हंगामा

Sun, 08 Nov 2020 12:11 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Nov 2020 12:11 AM IST
विज्ञापन
Commotion at Provincial session of Loniv Ministerial Association
पीडब्ल्यूडी एसोसियेशन में हंगामा - फोटो : ETAWHA
इटावा। शनिवार को लोक निर्माण विभाग मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के प्रांतीय अधिवेशन में कर्मचारियों के दो गुट आमने सामने आ गए। अधिवेशन में प्रांतीय अध्यक्ष और महामंत्री पदों के लिए होने वाले चुनाव में अपने अपने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों में जमकर वाद विवाद हुआ। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची और बगैर अनुमित के हो रहे अधिवेशन को रुकवा दिया। पुलिस के रवैये को देखते हुए प्रांतीय अधिवेशन स्थगित कर दिया गया।
विज्ञापन

एसोसिएशन का प्रांतीय अधिवेशन शनिवार को वृंदावन गार्डन मोतीझील में होना निर्धारित था। कोविड महामारी के चलते पूरे प्रदेश से एक-एक प्रतिनिधि को अधिवेशन में बुलाया गया था। इस कार्यक्रम को करने से पहले आयोजकों ने अनुमति के लिए आवेदन किया था। परंतु 6 नवंबर की शाम को अनुमित नहीं मिलने की जानकारी आयोजकों को हुई। वृंदावन गार्डन में शनिवार सुबह से ही कर्मचारी नेता जुटने लगे।
विज्ञापन

इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष सुंदरलाल श्रीवास्तव और महामंत्री जेपी पांडेय को सुधांशु शर्मा और पुंनीत त्रिपाठी ने चुनौती दी। इस पर कर्मचारियों के दोनों गुट आमने सामने आ गए। किसी प्रकार की सर्वसम्मति नहीं बन सकी। इस बीच सुधांशु शर्मा गुट का समर्थन बढ़ने लगा। यह देख दूसरे गुट ने हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा होने की सूचना पर थाना सिविल लाइन पुलिस पहुंच गई और सभी को वहां से हटा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद कर्मचारी जिला पंचायत सभागार में एकत्रित हो गए। वहां भी बिना अनुमति के आपत्ति की गई। एसडीएम सदर सिद्धार्थ, सीओ सिटी राजीव प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बगैर अनुमित के कार्यक्रम करने पर कर्मचारियों को फटकार लगाई। इसके साथ ही महामारी अधिनियम का मुकदमा पंजीकृत करने की चेतावनी दी। पुलिस की धमकी से कर्मचारी नेता सकते में आ गए।

उन्होंने आनन फानन में चुनाव स्थगित कर दिया। कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज के सबरजिस्ट्रार प्रो.प्रदीप भदौरिया ने कर्मचारी नेताओं से सुलह समझौता के आधार पर काम करने की सलाह दी। पुलिस ने जिला पंचायत सभागार परिसर से सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद दोनों गेट बंद कर दिए। क्षेत्रीय अध्यक्ष राजेश तिवारी ने बताया कि अनुमति न मिल पाने की वजह से प्रांतीय अधिवेशन स्थगित कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed