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ये खूनी सड़क ले रही लोगों की जान
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बसरेहर क्षेत्र में जर्जर सड़क
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। इटावा-फर्रुखाबाद रोड मौत का हाईवे बनता जा रहा है। इस रोड पर हर रोज हादसे हो रहे हैं। मंगलवार को ही इस रोड पर अलग-अलग हादसों में मां-बेटे समेत तीन की मौत हो गई थी। इटावा से चौपला तक 22 किमी लंबा ये मार्ग बेहद जोखिम भरा हो गया है। रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इस पर डंपर और रोडवेज बसें बेकाबू होकर दौड़तीं हैं।
इटावा से बसरेहर होते हुए चौपला तक इस मार्ग पर लगातार हादसे हो रहे हैं। बीते वर्ष 2021 में यहां 20 से अधिक बड़े हादसे हुए। इनमें एक महिला सहित सात लोगों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि काफी समय पहले सड़क पर सिर्फ पैचवर्क कर छोड़ दिया गया था। ओवरलोड वाहन निकलने के कारण पैचवर्क एक-दो महीने में ही उखड़ गया। सड़क पर फिर से गड्ढे हो गए हैं। रोड पर बजरी और गिट्टी फैली हुई है। इस वजह से दो पहिया वाहन चालक हादसे का शिकार होते हैं।
लोगों का कहना है इटावा-बसरेहर मार्ग सीधे बरेली से जुड़ता है। इसलिए इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिला हुआ है। यहां से हर रोज हजारों की संख्या में वाहन निकलते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग होने पर भी यह सड़क की सिंगल लाइन है और इसकी चौड़ाई बहुत कम है। डंपर और रोडवेज बस चालक तेज रफ्तार में वाहन लेकर जाते हैं। इन वाहनों के कारण यहां से निकलने वाले छोटे वाहन चालक खासतौर पर बाइक सवारों को काफी खतरा होता है। बड़े वाहनों की लापरवाही के कारण छोटे वाहन चालकों को कभी कभी बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।
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इटावा से बसरेहर होते हुए चौपला तक इस मार्ग पर लगातार हादसे हो रहे हैं। बीते वर्ष 2021 में यहां 20 से अधिक बड़े हादसे हुए। इनमें एक महिला सहित सात लोगों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि काफी समय पहले सड़क पर सिर्फ पैचवर्क कर छोड़ दिया गया था। ओवरलोड वाहन निकलने के कारण पैचवर्क एक-दो महीने में ही उखड़ गया। सड़क पर फिर से गड्ढे हो गए हैं। रोड पर बजरी और गिट्टी फैली हुई है। इस वजह से दो पहिया वाहन चालक हादसे का शिकार होते हैं।
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लोगों का कहना है इटावा-बसरेहर मार्ग सीधे बरेली से जुड़ता है। इसलिए इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिला हुआ है। यहां से हर रोज हजारों की संख्या में वाहन निकलते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग होने पर भी यह सड़क की सिंगल लाइन है और इसकी चौड़ाई बहुत कम है। डंपर और रोडवेज बस चालक तेज रफ्तार में वाहन लेकर जाते हैं। इन वाहनों के कारण यहां से निकलने वाले छोटे वाहन चालक खासतौर पर बाइक सवारों को काफी खतरा होता है। बड़े वाहनों की लापरवाही के कारण छोटे वाहन चालकों को कभी कभी बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।
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