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यात्रीगण ध्यान दें, जल्द दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक ट्रेनें
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इटावा जंक्शन
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। इटावा-मैनपुरी-फर्रुखाबाद रेल लाइन का विद्युतीकरण कार्य पूरा होने के बाद ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के चलने की कवायद तेज हो गई है। इसी संभावना को तलाशने के लिए मुख्य संरक्षा आयुक्त मो. लतीफ तीन मार्च को प्रयागराज के डीआरएम मोहित चंद्रा के साथ रेलवे ट्रैक विद्युतीकरण कार्य का निरीक्षण करेंगे। वह गुरुवार को दिन में 11बजे इटावा स्पेशल ट्रेन से आएंगे। 9 मार्च को प्रयागराज मंडल के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार आने की संभावना जताई जा रही है।
इटावा से मैनपुरी की दूरी 56 किलोमीटर और फर्रुखाबाद को मिलाकर 140 किलोमीटर है। अभी इटावा से मैनपुरी के बीच एकमात्र पैसेंजर ट्रेन डीजल इंजन से चल रही है। इटावा से फर्रुखाबाद तक ट्रेन चलाने की मांग इटावा के यात्री करते आ रहे हैं। तीन मार्च के सीआरएस के इलेक्ट्रिक लाइन का निरीक्षण करने और रिपोर्ट ओके मिलने के बाद ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलने का रास्ता साफ हो जाएगा। ऐसा होने पर फर्रुखाबाद सड़क मार्ग से जाने वाले यात्री कुछ समय बाद ट्रेन से फर्रुखाबाद पहुंच सकेंगे। यही नहीं फर्रुखाबाद से बरेली समेत अन्य शहरों को जाने में भी काफी सुविधा मिलेगी।
प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के विशेष आग्रह पर व सैफई को रेलवे के मानचित्र पर लाने के लिए इटावा को मैनपुरी रेल लाइन से जोड़ने की मांग की थी। 2004 में इटावा दौरे के समय तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। उस समय रेल मंत्री नीतीश कुमार थे। स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना ने मुख्य संरक्षा आयुक्त व प्रयागराज मंडल के डीआरएम के आने की पुष्टि की है। सीआरएस की स्पेशल ट्रेन तीन मार्च की सुबह 11 बजे इटावा आएगी।
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इटावा से मैनपुरी की दूरी 56 किलोमीटर और फर्रुखाबाद को मिलाकर 140 किलोमीटर है। अभी इटावा से मैनपुरी के बीच एकमात्र पैसेंजर ट्रेन डीजल इंजन से चल रही है। इटावा से फर्रुखाबाद तक ट्रेन चलाने की मांग इटावा के यात्री करते आ रहे हैं। तीन मार्च के सीआरएस के इलेक्ट्रिक लाइन का निरीक्षण करने और रिपोर्ट ओके मिलने के बाद ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलने का रास्ता साफ हो जाएगा। ऐसा होने पर फर्रुखाबाद सड़क मार्ग से जाने वाले यात्री कुछ समय बाद ट्रेन से फर्रुखाबाद पहुंच सकेंगे। यही नहीं फर्रुखाबाद से बरेली समेत अन्य शहरों को जाने में भी काफी सुविधा मिलेगी।
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प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के विशेष आग्रह पर व सैफई को रेलवे के मानचित्र पर लाने के लिए इटावा को मैनपुरी रेल लाइन से जोड़ने की मांग की थी। 2004 में इटावा दौरे के समय तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। उस समय रेल मंत्री नीतीश कुमार थे। स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना ने मुख्य संरक्षा आयुक्त व प्रयागराज मंडल के डीआरएम के आने की पुष्टि की है। सीआरएस की स्पेशल ट्रेन तीन मार्च की सुबह 11 बजे इटावा आएगी।
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