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यात्रीगण ध्यान दें, भरथना में अब दो ही ट्रेन का ठहराव
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भरथना रेलवे स्टेशन
- फोटो : ETAWAH
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भरथना। रेलवे ने मनमाना फैसला लेते हुए भरथना में रुकने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों के स्टापेज खत्म कर दिए हैं। व्यापारी वर्ग इससे खासा परेशान और नाराज है। ट्रेनों के स्टापेज फिर से बहाल करने की मांग की जा रही है। मौजूदा समय में टूंडला-कानपुर पैसेंजर और अवध एक्सप्रेस मात्र दो ट्रेन का ही ठहराव है।
दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर कानपुर-इटावा जंक्शन के बीच स्थित भरथना रेलवे स्टेशन पर कोरोना काल से पहले मेल व पैसेंजर सहित 10 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव था। कोरोना काल में हुए लॉक डाउन के दौरान बंद हुई रेल सेवाओं के बाद स्पेशल ट्रेन का आवागमन प्रारंभ होने पर भरथना रेलवे स्टेशन पर तीन मेल और एक पैसेंजर ट्रेन का ठहराव दिया गया। एक दिसंबर 2021 से 28 फरवरी 2022 तक के लिए कोहरे के कारण ऊंचाहार एक्सप्रेस और आगरा-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस का संचालन बंद कर दिया गया। इससे रेल यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। मौजूदा समय में टूंडला-कानपुर पैसेंजर और अवध एक्सप्रेस मात्र दो ट्रेन का ही भरथना रेलवे स्टेशन पर ठहराव है।
भरथना नगर क्षेत्र के अलावा बकेबर, महेवा, लखना व ताखा तहसील क्षेत्र वासियों के लिए रेल आवागमन के लिए सबसे नजदीक भरथना रेलवे स्टेशन ही है। इन जगहों के कपड़ा, दवा, किराना, बर्तन व अन्य व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों, नौकरी-पेशा और शैक्षणिक गतिविधियों के जुड़े लोगों, छात्र-छात्राओं का अवागमन रहता था। कोरोना काल से पहले भरथना रेलवे स्टेशन पर रेल अवागमन करने वालों से प्रतिदिन टिकट बिक्री से एक लाख रुपये की आमदनी थी। मौजूदा समय में मात्र दो ट्रेन के ठहराव होने पर प्रतिदिन टिकट बिक्री से 10 हजार रुपये की ही आमदनी होती है।
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दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर कानपुर-इटावा जंक्शन के बीच स्थित भरथना रेलवे स्टेशन पर कोरोना काल से पहले मेल व पैसेंजर सहित 10 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव था। कोरोना काल में हुए लॉक डाउन के दौरान बंद हुई रेल सेवाओं के बाद स्पेशल ट्रेन का आवागमन प्रारंभ होने पर भरथना रेलवे स्टेशन पर तीन मेल और एक पैसेंजर ट्रेन का ठहराव दिया गया। एक दिसंबर 2021 से 28 फरवरी 2022 तक के लिए कोहरे के कारण ऊंचाहार एक्सप्रेस और आगरा-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस का संचालन बंद कर दिया गया। इससे रेल यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। मौजूदा समय में टूंडला-कानपुर पैसेंजर और अवध एक्सप्रेस मात्र दो ट्रेन का ही भरथना रेलवे स्टेशन पर ठहराव है।
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भरथना नगर क्षेत्र के अलावा बकेबर, महेवा, लखना व ताखा तहसील क्षेत्र वासियों के लिए रेल आवागमन के लिए सबसे नजदीक भरथना रेलवे स्टेशन ही है। इन जगहों के कपड़ा, दवा, किराना, बर्तन व अन्य व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों, नौकरी-पेशा और शैक्षणिक गतिविधियों के जुड़े लोगों, छात्र-छात्राओं का अवागमन रहता था। कोरोना काल से पहले भरथना रेलवे स्टेशन पर रेल अवागमन करने वालों से प्रतिदिन टिकट बिक्री से एक लाख रुपये की आमदनी थी। मौजूदा समय में मात्र दो ट्रेन के ठहराव होने पर प्रतिदिन टिकट बिक्री से 10 हजार रुपये की ही आमदनी होती है।
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