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अभी न सरकार, न वादा पूरा, फिर भी बिजली देना बंद
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इटावा। प्रदेश में सरकार बनने पर सपा के 300 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे से बिजली विभाग को झका लगा है। जनवरी में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने बिजली बिल जमा करने में रुचि नहीं दिखाई है। इस कारण दो करोड़ रुपये का राजस्व घट गया है।
तीन लाख से अधिक की आबादी वाले शहर इटावा में 59 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं। इसमें हर महीने 35 हजार उपभोक्ता बिल भरते थे। बिजली विभाग हर महीने में अभियान चलाते हुए कनेक्शन काटकर और दूसरी तरह से सख्ती दिखाकर अपने वसूली लक्ष्य के आसपास पहुंच जाता था। पिछले महीनों से तुलना की जाए तो जनवरी में विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके बाद भी वसूली लक्ष्य से काफी पीछे है। बिजली विभाग ने नवंबर में 10 करोड़ रुपये और दिसंबर में साढ़े नौ करोड़ रुपये बिल की वसूली की थी। जनवरी में यह राजस्व घटकर आठ करोड़ रुपये रह गया। हर महीने औसतन 35 हजार उपभोक्ता बिल भरते थे। इनमें 30 हजार उपभोक्ताओं ने ही बिल भरा है।
सपा के मुफ्त बिजली के वादे का असर सबसे अधिक पुराने शहर पर पड़ा। यहां से बड़ी संख्या में लोगों ने बिजली बिल नहीं भरा है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि साबित गंज, रामगंज, मेवाती टोला, काली वाहन फीडर से लगने वाले कुछ मोहल्लों से इस बार बिजली बिल न के बराबर ही भरा गया है।
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मुफ्त बिजली की घोषणा के बाद उपभोक्ताओं ने ओटीएस (एक मुश्त समाधान योजना) में भी रुचि लेना बंद कर दिया। 21 हजार से अधिक बकायेदारों में से सिर्फ नौ हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने एकमुश्त समाधान योजना के तहत मिली छूट का लाभ उठाया। इनमें से भी अधिकतर ने नवंबर और दिसंबर में ही लाभ उठाया है। जनवरी के महीने में इस योजना को लेकर भी उपभोक्ताओं की बेरुखी सामने आई। बकायेदार उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत विभाग ने शहर के तीनों उपखंडों में वसूली अभियान चलाकर कनेक्शन काटने का अभियान भी चलाया। विद्युत चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई, लेकिन बकायेदारी फिर भी आशा के अनुरूप नहीं हो सकी।
6.32 करोड़ जमा, 3.32 करोड़ माफ
शहर में 59 हजार से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं में 21196 बकायेदार उपभोक्ता हैं। इन पर मूल के रूप में 45.77 लाख रुपये बकाया है। ब्याज 16.17 लाख रुपये है। कुल मिलाकर वसूली का टोटल लक्ष्य 46.46 लाख रुपये है। ओटीएस योजना का 9343 उपभोक्ताओं ने लाभ उठाकर 6 करोड़ 93 लाख रुपये जमा किए। योजना के तहत इन उपभोक्ताओं के तीन करोड़ 32 लाख रुपये माफ किए गए।
शहर में 59 हजार से अधिक विद्युत उपभोक्ता हैं। प्रत्येक महीने 12 करोड़ विद्युत बिल होता है। किसी भी महीने में वसूली पूरी नहीं हो पाती। मुफ्त बिजली के वादे के कारण पांच हजार उपभोक्ताओं ने बिल ही जमा नहीं किया। इससे दो करोड़ रुपये का राजस्व भी घटा है।
-श्री प्रकाश, अधिशासी अभियंता प्रथम
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तीन लाख से अधिक की आबादी वाले शहर इटावा में 59 हजार विद्युत उपभोक्ता हैं। इसमें हर महीने 35 हजार उपभोक्ता बिल भरते थे। बिजली विभाग हर महीने में अभियान चलाते हुए कनेक्शन काटकर और दूसरी तरह से सख्ती दिखाकर अपने वसूली लक्ष्य के आसपास पहुंच जाता था। पिछले महीनों से तुलना की जाए तो जनवरी में विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके बाद भी वसूली लक्ष्य से काफी पीछे है। बिजली विभाग ने नवंबर में 10 करोड़ रुपये और दिसंबर में साढ़े नौ करोड़ रुपये बिल की वसूली की थी। जनवरी में यह राजस्व घटकर आठ करोड़ रुपये रह गया। हर महीने औसतन 35 हजार उपभोक्ता बिल भरते थे। इनमें 30 हजार उपभोक्ताओं ने ही बिल भरा है।
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सपा के मुफ्त बिजली के वादे का असर सबसे अधिक पुराने शहर पर पड़ा। यहां से बड़ी संख्या में लोगों ने बिजली बिल नहीं भरा है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि साबित गंज, रामगंज, मेवाती टोला, काली वाहन फीडर से लगने वाले कुछ मोहल्लों से इस बार बिजली बिल न के बराबर ही भरा गया है।
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मुफ्त बिजली की घोषणा के बाद उपभोक्ताओं ने ओटीएस (एक मुश्त समाधान योजना) में भी रुचि लेना बंद कर दिया। 21 हजार से अधिक बकायेदारों में से सिर्फ नौ हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने एकमुश्त समाधान योजना के तहत मिली छूट का लाभ उठाया। इनमें से भी अधिकतर ने नवंबर और दिसंबर में ही लाभ उठाया है। जनवरी के महीने में इस योजना को लेकर भी उपभोक्ताओं की बेरुखी सामने आई। बकायेदार उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत विभाग ने शहर के तीनों उपखंडों में वसूली अभियान चलाकर कनेक्शन काटने का अभियान भी चलाया। विद्युत चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई, लेकिन बकायेदारी फिर भी आशा के अनुरूप नहीं हो सकी।
6.32 करोड़ जमा, 3.32 करोड़ माफ
शहर में 59 हजार से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं में 21196 बकायेदार उपभोक्ता हैं। इन पर मूल के रूप में 45.77 लाख रुपये बकाया है। ब्याज 16.17 लाख रुपये है। कुल मिलाकर वसूली का टोटल लक्ष्य 46.46 लाख रुपये है। ओटीएस योजना का 9343 उपभोक्ताओं ने लाभ उठाकर 6 करोड़ 93 लाख रुपये जमा किए। योजना के तहत इन उपभोक्ताओं के तीन करोड़ 32 लाख रुपये माफ किए गए।
शहर में 59 हजार से अधिक विद्युत उपभोक्ता हैं। प्रत्येक महीने 12 करोड़ विद्युत बिल होता है। किसी भी महीने में वसूली पूरी नहीं हो पाती। मुफ्त बिजली के वादे के कारण पांच हजार उपभोक्ताओं ने बिल ही जमा नहीं किया। इससे दो करोड़ रुपये का राजस्व भी घटा है।
-श्री प्रकाश, अधिशासी अभियंता प्रथम