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जोखिम में जान, गाटर पर चढ़कर कर रहे नदी पार
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ांटून पुल के गाटरो से आवागमन करते ग्रामीण
- फोटो : ETAWAH
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चकरनगर। लोक निर्माण विभाग ने तो हद ही कर दी। जिस पुल में केवल 20 पटरे लगाकर उसे लोगों के लिए सुविधाजनक बनाया जा सकता था, उसे और भी जोखिम वाला बना दिया। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी यहां लगी नाव भी खींच ले गए। अब मंगलवार को लोग जान जोखिम में डालकर एक लोहे के खंभे (गाटर) के सहारे नदी को पार करते दिखे।
संगम क्षेत्र स्थित यमुना नदी के धर्मपुरा कैथौली घाट पर बने पीपा पुल पर पटरे हटाकर आवागमन रोक दिया गया था। तब नदी का जलस्तर बढ़ा था। पर, अब जलस्तर घटने के बाद भी पटरे नहीं जोड़े गए। केवल बीस पटरे जोड़कर लोगों की 40 से 44 किमी की दूरी बचाई जा सकती थी। यह करने की बजाय मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी पुल के निकट पड़े अतिरिक्त पीपों को नाव से खींचकर किसी अन्य जगह ले गए। क्षेत्र के लोगों को नदी पार करने के लिए नाव सहारा था। वह भी हटा दिया गया। अब खेती व अन्य कार्य से जुड़े जरूरतमंद लोग पीपा पुल पर लगे लोहे के गाटरों के सहारे नदी पार कर जरूरी कार्य निपटा रहे हैं।
क्षेत्र के चंद्रभान सिंह सेंगर, कृष्ण कुमार पांडेय, रविंद्र कुमार, जयप्रकाश, रूप सिंह आदि ने बताया कि पुल चालू न होने से समय और पैसा दोनों की बर्बादी हो रही है। रोजमर्रा के कार्यों से जुड़े लोग नदी के उस पार जाने के लिए नाव से ही नदी पार करते थे, उसे भी लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी ले गए। लोक निर्माण विभाग इटावा के अवर अभियंता गगन पाल का कहना है कि यह पुल औरैया जनपद के कार्य क्षेत्र में आता है, पूरी जिम्मेदारी उन्हीं लोगों की है।
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संगम क्षेत्र स्थित यमुना नदी के धर्मपुरा कैथौली घाट पर बने पीपा पुल पर पटरे हटाकर आवागमन रोक दिया गया था। तब नदी का जलस्तर बढ़ा था। पर, अब जलस्तर घटने के बाद भी पटरे नहीं जोड़े गए। केवल बीस पटरे जोड़कर लोगों की 40 से 44 किमी की दूरी बचाई जा सकती थी। यह करने की बजाय मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी पुल के निकट पड़े अतिरिक्त पीपों को नाव से खींचकर किसी अन्य जगह ले गए। क्षेत्र के लोगों को नदी पार करने के लिए नाव सहारा था। वह भी हटा दिया गया। अब खेती व अन्य कार्य से जुड़े जरूरतमंद लोग पीपा पुल पर लगे लोहे के गाटरों के सहारे नदी पार कर जरूरी कार्य निपटा रहे हैं।
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क्षेत्र के चंद्रभान सिंह सेंगर, कृष्ण कुमार पांडेय, रविंद्र कुमार, जयप्रकाश, रूप सिंह आदि ने बताया कि पुल चालू न होने से समय और पैसा दोनों की बर्बादी हो रही है। रोजमर्रा के कार्यों से जुड़े लोग नदी के उस पार जाने के लिए नाव से ही नदी पार करते थे, उसे भी लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी ले गए। लोक निर्माण विभाग इटावा के अवर अभियंता गगन पाल का कहना है कि यह पुल औरैया जनपद के कार्य क्षेत्र में आता है, पूरी जिम्मेदारी उन्हीं लोगों की है।
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