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केंद्र बंद, घर-घर पहुंचा रहे पुष्टाहार
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इटावा। कोविड संक्रमण बढ़ने से आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका और अहम हो गई है। नवजात, कुपोषित बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं और छह माह के बच्चों पर विशेष ध्यान देते हुए सरकार ने नए निर्देश जारी किए हैं।
इसके तहत घरों में भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पांच कार्यों पर प्राथमिकता से ध्यान देंगी। इसमें नवजात, कुपोषित व सैम एवं मैम बच्चों, पहले त्रैमास की गर्भवती व धात्री महिलाओं और छह माह के बच्चों को चिह्नित कर उन्हें योजनाओं का लाभ देना शामिल है।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पौष्टिक आहार की महत्व बताते हुए पुष्टाहार को प्रयोग करने के लिए कई आहार विधियां भी बता रही हैं।
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जिससे प्राप्त पुष्टाहार से पौष्टिक आहार तो मिलता ही है साथ में आहार विधियों के जरिए उन्हें और स्वादिष्ट बनाया जा सके।
पहले त्रैमास की गर्भवती को गर्भावस्था में शीघ्र पंजीकरण, गर्भावस्था और धात्री महिला की अवस्था में उचित खानपान जैसे नींबू, संतरा, गाजर, ज्वार, बाजरा और दूध आदि के सेवन की सलाह देंगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को अनुपूरक आहार से पौष्टिक भोजन बनाने की विधि बताई जाएगी। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि कम से कम 180 आयरन की गोली और 360 कैल्शियम की गोली लेनी है।
छह माह की उम्र पूरी कर चुके बच्चों के अभिभावकों को पूरक आहार का महत्व बताया जाएगा और पोषाहार से पौष्टिक भोजन बनाने की विधि भी बतायी जाएगी, जिससे कोरोना काल में भी नवजात, कुपोषित बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं और छह माह के बच्चों स्वस्थ रखा जा सके।
नवजात शिशु की देखरेख व धात्री महिलाओं को समय अनुसार टीकाकरण व जांच के संदर्भ में भी जानकारी दी जा रही है। शिशु, अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण संबंधी ध्यान भी रखा जा रहा है।
कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर निशुल्क चिकित्सा परामर्श के संदर्भ में भी जानकारी दी जा रही है। जिन घरों में अति कुपोषित बच्चे हैं, वहां गृह आधारित देखभाल, वृद्धि निगरानी और आवश्यकतानुसार संदर्भन की सेवा देनी है।
ऐसे स्थानों पर अनुपूरक पोषाहार के समुचित प्रयोग और उससे पौष्टिक व्यंजन बनाने की विधि बतानी है।
- प्रशांत कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी
इन बातों का रखें ध्यान
मास्क का प्रयोग करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करें, पुष्टाहार वितरण के साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका सही से मास्क पहनने के तरीके बताएं, जिससे संक्रमण से बचाव हो सके,
गर्भवती धात्री महिलाओं अथवा बच्चों में या परिवार के किसी अन्य सदस्य में कोविड-19 के लक्षण दिखने पर तुरंत विभाग को जानकारी दें, एक-दूसरे से दो गज की दूरी बनाएं रखें,
खांसते-छींकते समय रुमाल या टीशू पेपर का इस्तेमाल करें, यदि बच्चे ने छह माह पूर्ण कर लिया हो तो एक दो चंमच से शुरुआत करते हुए आहार की मात्रा बढ़ाएं, साथ ही स्तनपान जारी रखें।
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इसके तहत घरों में भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पांच कार्यों पर प्राथमिकता से ध्यान देंगी। इसमें नवजात, कुपोषित व सैम एवं मैम बच्चों, पहले त्रैमास की गर्भवती व धात्री महिलाओं और छह माह के बच्चों को चिह्नित कर उन्हें योजनाओं का लाभ देना शामिल है।
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बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पौष्टिक आहार की महत्व बताते हुए पुष्टाहार को प्रयोग करने के लिए कई आहार विधियां भी बता रही हैं।
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जिससे प्राप्त पुष्टाहार से पौष्टिक आहार तो मिलता ही है साथ में आहार विधियों के जरिए उन्हें और स्वादिष्ट बनाया जा सके।
पहले त्रैमास की गर्भवती को गर्भावस्था में शीघ्र पंजीकरण, गर्भावस्था और धात्री महिला की अवस्था में उचित खानपान जैसे नींबू, संतरा, गाजर, ज्वार, बाजरा और दूध आदि के सेवन की सलाह देंगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को अनुपूरक आहार से पौष्टिक भोजन बनाने की विधि बताई जाएगी। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि कम से कम 180 आयरन की गोली और 360 कैल्शियम की गोली लेनी है।
छह माह की उम्र पूरी कर चुके बच्चों के अभिभावकों को पूरक आहार का महत्व बताया जाएगा और पोषाहार से पौष्टिक भोजन बनाने की विधि भी बतायी जाएगी, जिससे कोरोना काल में भी नवजात, कुपोषित बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं और छह माह के बच्चों स्वस्थ रखा जा सके।
नवजात शिशु की देखरेख व धात्री महिलाओं को समय अनुसार टीकाकरण व जांच के संदर्भ में भी जानकारी दी जा रही है। शिशु, अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण संबंधी ध्यान भी रखा जा रहा है।
कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर निशुल्क चिकित्सा परामर्श के संदर्भ में भी जानकारी दी जा रही है। जिन घरों में अति कुपोषित बच्चे हैं, वहां गृह आधारित देखभाल, वृद्धि निगरानी और आवश्यकतानुसार संदर्भन की सेवा देनी है।
ऐसे स्थानों पर अनुपूरक पोषाहार के समुचित प्रयोग और उससे पौष्टिक व्यंजन बनाने की विधि बतानी है।
- प्रशांत कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी
इन बातों का रखें ध्यान
मास्क का प्रयोग करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करें, पुष्टाहार वितरण के साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका सही से मास्क पहनने के तरीके बताएं, जिससे संक्रमण से बचाव हो सके,
गर्भवती धात्री महिलाओं अथवा बच्चों में या परिवार के किसी अन्य सदस्य में कोविड-19 के लक्षण दिखने पर तुरंत विभाग को जानकारी दें, एक-दूसरे से दो गज की दूरी बनाएं रखें,
खांसते-छींकते समय रुमाल या टीशू पेपर का इस्तेमाल करें, यदि बच्चे ने छह माह पूर्ण कर लिया हो तो एक दो चंमच से शुरुआत करते हुए आहार की मात्रा बढ़ाएं, साथ ही स्तनपान जारी रखें।