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Etawah News: बिजली की निर्धारित दर, बुनकरों में खुशी की लहर
Fri, 07 Apr 2023 11:38 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 07 Apr 2023 11:38 PM IST
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इटावा। जिले के साढ़े तीन हजार बुनकरों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। पावरलूम में जितनी मशीनें लगी हैं, उनके हिसाब से ही निर्धारित दर ली जाएगी। इससे बुनकरों में खुशी है।
हैंडलूम उद्योग में जिले की अलग पहचान है। 20 साल पहले तक यहां 20 हजार बुनकर हैंडलूम उद्योग से जुड़े थे। इसके कारण बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिला था। सरकारों की बेरुखी के कारण यह उद्योग मंद होता गया। 2006 में बुनकरों की मांग पर सरकार ने निर्धारित पर सभी बुनकरों को बिजली देने का आदेश दिया था। ऐसे में 65 रुपये हर मशीन के हिसाब से दाम रखे गए थे। इसमें सात रुपये बिजली और एक पंखे के लिए तय किए गए थे।
2020 में शासन की ओर से नया आदेेश जारी करके निर्धारित दर पर मिलने वाली बिजली सुविधा छीन ली गई। इससे बुनकरों की कमर टूट गई। दिन प्रतिदिन बुनकर इस कारोबार से दूर होते चले गए। बचे बुनकर प्रदेश सरकार से लगातार फिर से बिजली निर्धारित दर पर देने की मांग कर रहे थे। इस पर बुधवार को कैबिनेट की बैठक में सरकार ने मोहर लगा दी है। इससे जिले के करीब साढ़े तीन हजार बुनकरों को लाभ मिल सकेगा। हालांकि बिजली विभाग के रिकार्ड में करीब 1669 कनेक्शन और हैंडलूम विभाग के आंकड़ों में लगभग 150 ही हैंडलूम दर्ज हैं। शासन की ओर से इस योजना का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा है।
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फैसला सराहनीय
शहर के पुरोहितन मोहल्ला निवासी मोहम्मद आसिम ने बताया कि वह छोटे बुनकर हैं। उन्होंने तीन मशीनें लगा रखी हैं। लगभग पांच हजार रुपये का बकाया है। सरकार का फैसला सराहनीय है। सरकार को अन्य योजनाओं का लाभ भी सीधे बुनकरों के खातों में देना चाहिए।
बुनकर मो. इरफान ने बताया कि उन्होंने चार मशीनें लगा रखी हैं। 2020 से महंगी बिजली के बीच मशीनें चलाना मुश्किल हो रहा था। कर्मचारियों तक को समय पर रुपये नहीं दे पाते थे। सरकार ने फिर एक बार अच्छा निर्णय लिया है। जल्द पुराना भुगतान जमा कराया जाए।
अब मिलेगी राहत
बुनकर अतीकुर्रहमान ने बताया कि उनके पास 10 मशीनें लगी हैं। 2020 के आदेश के बाद से तीन सालों में पूरी तरह कमर टूट गई थी। लग रहा था कि कैसे अब इस व्यापार को चला पाएंगे। सरकार ने बुनकरों के हित में फैसला लेकर बड़ी राहत दी है।
बुनकर एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदरीश अंसारी ने बताया कि उनकी एसोसिएशन के लोग लंबे समय से फ्लैट रेट पर बिजली देने की मांग कर रहे थे। पिछले तीन सालों में ही कई बुनकरों ने दूसरे काम तलाश लिए। अब फिर कामों पर लौट सकेंगे।
शासनादेश प्राप्त होते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। अभी तक करीब 1669 कनेक्शन पावरलूमों के नाम पर हैं। इनमें से ज्यादातर छोटे हैंडलूम हैं। सरकार की ओर से मिली इस राहत को जल्द बुनकरों तक पहुंचाया जाएगा। - श्री प्रकाश, एक्सईएन प्रथम।
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हैंडलूम उद्योग में जिले की अलग पहचान है। 20 साल पहले तक यहां 20 हजार बुनकर हैंडलूम उद्योग से जुड़े थे। इसके कारण बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिला था। सरकारों की बेरुखी के कारण यह उद्योग मंद होता गया। 2006 में बुनकरों की मांग पर सरकार ने निर्धारित पर सभी बुनकरों को बिजली देने का आदेश दिया था। ऐसे में 65 रुपये हर मशीन के हिसाब से दाम रखे गए थे। इसमें सात रुपये बिजली और एक पंखे के लिए तय किए गए थे।
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2020 में शासन की ओर से नया आदेेश जारी करके निर्धारित दर पर मिलने वाली बिजली सुविधा छीन ली गई। इससे बुनकरों की कमर टूट गई। दिन प्रतिदिन बुनकर इस कारोबार से दूर होते चले गए। बचे बुनकर प्रदेश सरकार से लगातार फिर से बिजली निर्धारित दर पर देने की मांग कर रहे थे। इस पर बुधवार को कैबिनेट की बैठक में सरकार ने मोहर लगा दी है। इससे जिले के करीब साढ़े तीन हजार बुनकरों को लाभ मिल सकेगा। हालांकि बिजली विभाग के रिकार्ड में करीब 1669 कनेक्शन और हैंडलूम विभाग के आंकड़ों में लगभग 150 ही हैंडलूम दर्ज हैं। शासन की ओर से इस योजना का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा है।
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फैसला सराहनीय
शहर के पुरोहितन मोहल्ला निवासी मोहम्मद आसिम ने बताया कि वह छोटे बुनकर हैं। उन्होंने तीन मशीनें लगा रखी हैं। लगभग पांच हजार रुपये का बकाया है। सरकार का फैसला सराहनीय है। सरकार को अन्य योजनाओं का लाभ भी सीधे बुनकरों के खातों में देना चाहिए।
बुनकर मो. इरफान ने बताया कि उन्होंने चार मशीनें लगा रखी हैं। 2020 से महंगी बिजली के बीच मशीनें चलाना मुश्किल हो रहा था। कर्मचारियों तक को समय पर रुपये नहीं दे पाते थे। सरकार ने फिर एक बार अच्छा निर्णय लिया है। जल्द पुराना भुगतान जमा कराया जाए।
अब मिलेगी राहत
बुनकर अतीकुर्रहमान ने बताया कि उनके पास 10 मशीनें लगी हैं। 2020 के आदेश के बाद से तीन सालों में पूरी तरह कमर टूट गई थी। लग रहा था कि कैसे अब इस व्यापार को चला पाएंगे। सरकार ने बुनकरों के हित में फैसला लेकर बड़ी राहत दी है।
बुनकर एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदरीश अंसारी ने बताया कि उनकी एसोसिएशन के लोग लंबे समय से फ्लैट रेट पर बिजली देने की मांग कर रहे थे। पिछले तीन सालों में ही कई बुनकरों ने दूसरे काम तलाश लिए। अब फिर कामों पर लौट सकेंगे।
शासनादेश प्राप्त होते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। अभी तक करीब 1669 कनेक्शन पावरलूमों के नाम पर हैं। इनमें से ज्यादातर छोटे हैंडलूम हैं। सरकार की ओर से मिली इस राहत को जल्द बुनकरों तक पहुंचाया जाएगा। - श्री प्रकाश, एक्सईएन प्रथम।