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ब्रीडिंग सेंटर व वेटनरी हास्पिटल के बीच खिंची लक्ष्मण रेखा
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Tue, 26 Apr 2016 12:39 AM IST
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लायन सफारी में खेलता शेर
- फोटो : अमर उजाला
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लायन सफारी में कैनाइन डिस्टेंपर बीमारी ने किस कदर खौफ फैला रखा है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जहां लायन सफारी के आसपास के गांवों में आवारा कुत्तों को ढूंढ - ढूंढकर वैक्सीन लगाई जा रही है। वहीं दूसरी और लायन सफारी के अंदर की व्यवस्थाओं में भारी फेरबदल किया गया है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए ब्रीडिंग सेंटर व वेटनिरी हास्पिटल के बीच में लक्ष्मण रेखा खींच दी गई है। यहां तैनात कर्मचारियों व अधिकारियों को इधर से उधर जाने की अनुमति नहीं है।
शुरूआती दिनों में शेर विष्णु व शेरनी लक्ष्मी की कुत्तों वाली बीमारी कैनाइन डिस्टेंपर से मौत के बाद हाल ही में शेर कुबेर भी इसी संक्रमण से ग्रस्त होकर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। हालांकि सफारी प्रशासन के अनुसार कुबेर की हालत में दिन प्रतिदिन सुधार हो रहा है और अब भोजन लेने के साथ वह लगवा ग्रस्त पिछले पैरों पर खडे़ होने का प्रयास भी करने लगा है।
कुबेर के इलाज के साथ- साथ अब लायन सफारी प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती यह भी है कि ब्रीडिंग सेंटर में मौजूद अन्य शेरों तक इस संक्रमण को पहुंचने से कैसे रोका जाए। इसके लिए अब सफारी प्रशासन ने लायन सफारी की अंदर की व्यवस्थाओं में बड़ा फेरबदल किया है और यहां ब्रीडिंग सेंटर व वेटनिरी हॉस्पीटल के डाक्टरों व कर्मचारियों को दो फाड़ में बांट दिया है, जिससे कहीं इनके माध्यम से कैनाइन डिस्टेंपर का वायरस ब्रीडिंग सेंटर में मौजूद अन्य शेरों तक न पहुंच जाए।
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डा अमित ब्रीडिंग सेंटर व डा अरविंद देख रहे वेटनिरी हास्पिटल- इटावा। लायन सफारी में शासन ने दो वेटनिरी डाक्टरों की तैनाती की है। अभी तक यह दोनों डाक्टर यहां मौजूद चार कीपरों के साथ ब्रीडिंग सेंटर व वेटनिरी हास्पीटल का कार्य देख रहे थे।
सफारी के डिप्टी डायरेक्टर अनिल पटेल के अनुसार कुबेर में कैनाइन डिस्टेंपर का संक्रमण पाए जाने के बाद अब सर्तकता बरतते हुए डा अमित को ब्रीडिंग सेंटर व डा अरविंद त्रिपाठी को वेटनरी हॉस्पीटल में कुबेर के उपचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसे साथ ही कीपरों को भी दो भागों में बांट दिया गया है और कड़े निर्देश हैं कि दोनों ही स्थानों पर तैनात डाक्टर व कर्मचारी इधर से उधर नहीं जाएंगे।
25 किमी दूर तक हवा में पहुंच सकता है कैनाइन डिस्टेंपर का वायरस- इटावा। पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार कुत्तों में पाए जाने वाले संक्रमण कैनाइन डिस्टेंपर के वायरस हवा में 25 किलोमीटर दूर तक पहुंचकर जानवरों को संक्रमित कर देते हैं। इस प्रकार से लायन सफारी के आसपास के गांव के आवारा कुत्तों का वैक्सीनेशन से क्या सफारी के शेरों को इस गंभीर संक्रमण से सुरक्षित किया जा सकेगा यह एक बड़ा सवाल है।
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शुरूआती दिनों में शेर विष्णु व शेरनी लक्ष्मी की कुत्तों वाली बीमारी कैनाइन डिस्टेंपर से मौत के बाद हाल ही में शेर कुबेर भी इसी संक्रमण से ग्रस्त होकर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। हालांकि सफारी प्रशासन के अनुसार कुबेर की हालत में दिन प्रतिदिन सुधार हो रहा है और अब भोजन लेने के साथ वह लगवा ग्रस्त पिछले पैरों पर खडे़ होने का प्रयास भी करने लगा है।
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कुबेर के इलाज के साथ- साथ अब लायन सफारी प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती यह भी है कि ब्रीडिंग सेंटर में मौजूद अन्य शेरों तक इस संक्रमण को पहुंचने से कैसे रोका जाए। इसके लिए अब सफारी प्रशासन ने लायन सफारी की अंदर की व्यवस्थाओं में बड़ा फेरबदल किया है और यहां ब्रीडिंग सेंटर व वेटनिरी हॉस्पीटल के डाक्टरों व कर्मचारियों को दो फाड़ में बांट दिया है, जिससे कहीं इनके माध्यम से कैनाइन डिस्टेंपर का वायरस ब्रीडिंग सेंटर में मौजूद अन्य शेरों तक न पहुंच जाए।
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डा अमित ब्रीडिंग सेंटर व डा अरविंद देख रहे वेटनिरी हास्पिटल- इटावा। लायन सफारी में शासन ने दो वेटनिरी डाक्टरों की तैनाती की है। अभी तक यह दोनों डाक्टर यहां मौजूद चार कीपरों के साथ ब्रीडिंग सेंटर व वेटनिरी हास्पीटल का कार्य देख रहे थे।
सफारी के डिप्टी डायरेक्टर अनिल पटेल के अनुसार कुबेर में कैनाइन डिस्टेंपर का संक्रमण पाए जाने के बाद अब सर्तकता बरतते हुए डा अमित को ब्रीडिंग सेंटर व डा अरविंद त्रिपाठी को वेटनरी हॉस्पीटल में कुबेर के उपचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसे साथ ही कीपरों को भी दो भागों में बांट दिया गया है और कड़े निर्देश हैं कि दोनों ही स्थानों पर तैनात डाक्टर व कर्मचारी इधर से उधर नहीं जाएंगे।
25 किमी दूर तक हवा में पहुंच सकता है कैनाइन डिस्टेंपर का वायरस- इटावा। पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार कुत्तों में पाए जाने वाले संक्रमण कैनाइन डिस्टेंपर के वायरस हवा में 25 किलोमीटर दूर तक पहुंचकर जानवरों को संक्रमित कर देते हैं। इस प्रकार से लायन सफारी के आसपास के गांव के आवारा कुत्तों का वैक्सीनेशन से क्या सफारी के शेरों को इस गंभीर संक्रमण से सुरक्षित किया जा सकेगा यह एक बड़ा सवाल है।