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गुस्साई महिलाओं ने डीएसओ दफ्तर बंद किया
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:32 AM IST
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डीएसओ दफ्तर के बाहर मौजूद महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से राशन न मिलने से मेवाती टोला एवं कांशीराम कालोनी की महिलाओं का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। आक्रोशित महिलाओं ने डीएसओ दफ्तर पर धावा बोल दिया। तहसील दिवस की वजह से वहां कोई अफसर मौजूद नहीं था और कर्मचारियों ने सुनवाई नहीं की। इस पर महिलाओं ने दफ्तर का दरवाजा बंद कर रस्सी से बांध दिया और वहीं बैठ गईं। इससे करीब घंटे भर तक पूर्ति विभाग के कर्मचारी अंदर बंद रहे।
मेवाती टोला एवं कांशीराम कालोनी की दो दर्जन महिलाएं बुधवार को पूर्ति विभाग के कार्यालय पर पहुंची। इन महिलाओं की शिकायत यह थी कि उनके नाम खाद्य सुरक्षा की पात्र गृहस्थियों की सूची में दर्ज हो चुके हैं। लेकिन राशन डीलर न तो सूची चस्पा कर रहे हैं और ना ही खाद्यान्न मुहैया करा रहे हैं। यह महिलाएं विभागीय अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्या बताना चाह रही थी।
लेकिन जिला पूर्ति अधिकारी सत्यवीर सिंह एवं एआरओ सुशील कुमार मिश्रा तहसील दिवस में गए हुए थे। कर्मचारियों ने कोई तव्वजों नहीं दिया। इससे गुस्साई महिलाओं ने दफ्तर का दरवाजा बंद कर दिया और बाहर से रस्सी बांध दी। इसके बाद सभी महिलाएं दरवाजे पर ही जम गई। करीब एक घंटे तक महिलाएं यहां जमी रही। इस दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी पहुंच गए।
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पार्टी के नेता दीपक राज एवं मुकुल चौहान ने बताया कि काफी देर तक जब किसी कर्मचारी ने महिलाओं की बात नहीं सुनी तब महिलाओं ने यह कदम उठाया है। उधर, एआरओ सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि महिलाएं खाद्यान्न न मिलने की शिकायत लेकर आई थी। उनका खाद्यान्न आवंटन अब तक प्राप्त नहीं हुआ था। इसलिए नई गृहस्थियों को खाद्यान्न नहीं दिया जा रहा था। अब यह खाद्यान्न प्राप्त हो चुका है। कोटा डीलरों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी महीने सूची से जुड़े नए परिवारों को खाद्यान्न मिल जाएगा।
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मेवाती टोला एवं कांशीराम कालोनी की दो दर्जन महिलाएं बुधवार को पूर्ति विभाग के कार्यालय पर पहुंची। इन महिलाओं की शिकायत यह थी कि उनके नाम खाद्य सुरक्षा की पात्र गृहस्थियों की सूची में दर्ज हो चुके हैं। लेकिन राशन डीलर न तो सूची चस्पा कर रहे हैं और ना ही खाद्यान्न मुहैया करा रहे हैं। यह महिलाएं विभागीय अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्या बताना चाह रही थी।
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लेकिन जिला पूर्ति अधिकारी सत्यवीर सिंह एवं एआरओ सुशील कुमार मिश्रा तहसील दिवस में गए हुए थे। कर्मचारियों ने कोई तव्वजों नहीं दिया। इससे गुस्साई महिलाओं ने दफ्तर का दरवाजा बंद कर दिया और बाहर से रस्सी बांध दी। इसके बाद सभी महिलाएं दरवाजे पर ही जम गई। करीब एक घंटे तक महिलाएं यहां जमी रही। इस दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी पहुंच गए।
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पार्टी के नेता दीपक राज एवं मुकुल चौहान ने बताया कि काफी देर तक जब किसी कर्मचारी ने महिलाओं की बात नहीं सुनी तब महिलाओं ने यह कदम उठाया है। उधर, एआरओ सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि महिलाएं खाद्यान्न न मिलने की शिकायत लेकर आई थी। उनका खाद्यान्न आवंटन अब तक प्राप्त नहीं हुआ था। इसलिए नई गृहस्थियों को खाद्यान्न नहीं दिया जा रहा था। अब यह खाद्यान्न प्राप्त हो चुका है। कोटा डीलरों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी महीने सूची से जुड़े नए परिवारों को खाद्यान्न मिल जाएगा।