{"_id":"613261ea8ebc3e88b87e19f2","slug":"aloo-utpadan-etawah-news-knp6499842103","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीटेक शिवम टिशू कल्चर विधि से कर हैं आलू उत्पादन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीटेक शिवम टिशू कल्चर विधि से कर हैं आलू उत्पादन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने किसानों से संवाद करते हुए किसानों को आधुनिक खेेती के लिए प्रोत्साहित किया। किसानों ने अपनी अपनी सफलता की कहानी उन्हें बताई। राज्यपाल ने महिलाओं का किसान उत्पादक समूह गठित करने पर भी जोर दिया। संवाद कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक अभिनंदन सिंह ने जनपद के 100 कृषकों को सीधे संवाद के लिए बुलाया गया।
विकास भवन के प्रेरणा सभागार में जनपद के 7 प्रगतिशील किसानों एवं 3 एफपीओ से सीधा संवाद कर उनके द्वारा किए गए नवोन्मेषी कार्यों की प्रशंसा की। कार्यक्रम के आरंभ में रामकरन तिवारी ने शमी का पौधा भेंट किया। उन्होंने बताया कि वे अपने गांव नावली में चार वर्ष से टिशू कल्चर विधि से आलू का उत्पादन कार्य कर रहे है। उनकी आय अब आठ गुनी हो गयी है। उप्र, मध्यप्रदेश, पंजाब तथा हरियाणा आदि प्रांतों के किसान आलू का बीज उनसे ही क्रय करते है।
भारतीय अनुसंधान, संस्थान मेरठ एवं शिमला से टिशू कल्चर विधि से आलू उत्पादन की तकनीक की जानकारी प्राप्त कर अपने फार्म पर टिशू कल्चर प्रयोगशाला स्थापित कर लगभग 10 प्रजातियों का आलू बीज उत्पादित कर रहे है। उनका लक्ष्य बृहद पैमाने पर गुणवत्ता युक्त आलू का उत्पादन कर निर्यात करने का है।
विज्ञापन
दूसरे युवा कृषक आशुतोष दीक्षित ने बताया कि बीटेक तक शिक्षा प्राप्त कर अपने गांव आसई में आदर्श गोशाला स्थापित की है। जिसमें साहीवाल प्रजाति की लगभग 55 गाय है। शुद्ध दूध एवं दूध से बने पदार्थ जैसे घी, देसी पनीर का विक्रय किया जाता है। गाय के गोबर से वर्मी कंपोस्ट तैयार कर अपने खेतों में गेहूं एवं राई फसल बिना रासायनिक उर्वरक के उत्पादित कर रहे है। युवा कृषक प्रघुम्न सिंह ने बताया कि उन्होंने फैशन डिजाइनर कोर्स करने के बाद अपने ग्राम बाहुरी में मत्स्य एवं कुक्कुटशाला का कार्य प्रारंभ किया। धर्मवीर नगला सोलंकी भरथना ने 1000 सदस्यों को जोड़ कर बीज विधायन संयंत्र की स्थापना करने का कार्य किया। स्वदेश कुमार शेरपुर रसूलपुर महेवा ने बीज उर्वरक व्यवसाय, फार्म मशीनरी बैंक एवं बीज विधायन संयंत्र स्थापित करने की जानकारी दी।
विज्ञापन
विकास भवन के प्रेरणा सभागार में जनपद के 7 प्रगतिशील किसानों एवं 3 एफपीओ से सीधा संवाद कर उनके द्वारा किए गए नवोन्मेषी कार्यों की प्रशंसा की। कार्यक्रम के आरंभ में रामकरन तिवारी ने शमी का पौधा भेंट किया। उन्होंने बताया कि वे अपने गांव नावली में चार वर्ष से टिशू कल्चर विधि से आलू का उत्पादन कार्य कर रहे है। उनकी आय अब आठ गुनी हो गयी है। उप्र, मध्यप्रदेश, पंजाब तथा हरियाणा आदि प्रांतों के किसान आलू का बीज उनसे ही क्रय करते है।
विज्ञापन
भारतीय अनुसंधान, संस्थान मेरठ एवं शिमला से टिशू कल्चर विधि से आलू उत्पादन की तकनीक की जानकारी प्राप्त कर अपने फार्म पर टिशू कल्चर प्रयोगशाला स्थापित कर लगभग 10 प्रजातियों का आलू बीज उत्पादित कर रहे है। उनका लक्ष्य बृहद पैमाने पर गुणवत्ता युक्त आलू का उत्पादन कर निर्यात करने का है।
विज्ञापन
दूसरे युवा कृषक आशुतोष दीक्षित ने बताया कि बीटेक तक शिक्षा प्राप्त कर अपने गांव आसई में आदर्श गोशाला स्थापित की है। जिसमें साहीवाल प्रजाति की लगभग 55 गाय है। शुद्ध दूध एवं दूध से बने पदार्थ जैसे घी, देसी पनीर का विक्रय किया जाता है। गाय के गोबर से वर्मी कंपोस्ट तैयार कर अपने खेतों में गेहूं एवं राई फसल बिना रासायनिक उर्वरक के उत्पादित कर रहे है। युवा कृषक प्रघुम्न सिंह ने बताया कि उन्होंने फैशन डिजाइनर कोर्स करने के बाद अपने ग्राम बाहुरी में मत्स्य एवं कुक्कुटशाला का कार्य प्रारंभ किया। धर्मवीर नगला सोलंकी भरथना ने 1000 सदस्यों को जोड़ कर बीज विधायन संयंत्र की स्थापना करने का कार्य किया। स्वदेश कुमार शेरपुर रसूलपुर महेवा ने बीज उर्वरक व्यवसाय, फार्म मशीनरी बैंक एवं बीज विधायन संयंत्र स्थापित करने की जानकारी दी।