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Etawah News: अग्निवीर की तैयारी के लिए दौड़ रहे युवक के सीने में उठा दर्द, मौत
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फोटो 01::::हिमांशु चतुर्वेदी की फाइल फोटो।
इटावा। अग्निवीर भर्ती की तैयारी के लिए दौड़ रहे युवक के सीने में सोमवार शाम को अचानक दर्द उठा। वह रास्ते में ही बैठ गया। हालत बिगड़ने पर साथ दौड़ रहा छोटा भाई अन्य साथियों के साथ अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंचे माता-पिता और छोटे भाई का रो-रोकर बुरा हाल था।
राजेश चतुर्वेदी निवासी गांव टकपुरा कोतवाली जसवंतनगर किसान हैं। उनके दोनों बेटे अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे थे। वह सुबह शाम प्रतिदिन गांव के लड़कों के साथ दौड़ लगाते थे। सोमवार शाम को बड़ा बेटा हिमांशु (20) और छोटा बेटा (18) निखिल दो अन्य साथियों के साथ दौड़ने के लिए गए थे। निखिल ने बताया कि सरायभूपत फाटक के पास भाई के सीने में अचानक दर्द उठा और वह बैठ गए। इस पर वे सभी भाई को अस्पताल लेकर आए।
यहां तैनात ईएमओ ने सीपीआर दी पर सफलता नहीं मिली। डॉक्टरों के हिमांशू को मृत घोषित कर दिया। परिजन बिना पोस्टमार्टम के ही शव को घर ले गए हैं। परिजनों ने बताया कि युवक के लगभग 10 दिन पहले भी सीने में दर्द उठा था लेकिन वह सामान्य दर्द मानकर शांत हो गया था।
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आयुर्विज्ञान विवि के ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुभाष चंद्रा ने बताया कि स्थिति को देखकर प्रतीत हो रहा है कि युवक को हार्ट अटैक या एचओसीएम (हाईपरट्रॉफिक ऑब्सट्रक्टिव कार्डियोमायोपैथी) होना प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि एचओसीएम एक जैनेटिक बीमारी है। बताया कि यह बीमारी देश के पांच सौ में से हर एक व्यक्ति को है। उन्होंने बताया कि यदि समय पर पता चल जाए तो इसका इलाज हो सकता है। इस बीमारी के तहत ज्यादा मेहनत करने पर अचानक अरीथमिया पड़ जाता है। इससे मौत हो जाती है।
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राजेश चतुर्वेदी निवासी गांव टकपुरा कोतवाली जसवंतनगर किसान हैं। उनके दोनों बेटे अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे थे। वह सुबह शाम प्रतिदिन गांव के लड़कों के साथ दौड़ लगाते थे। सोमवार शाम को बड़ा बेटा हिमांशु (20) और छोटा बेटा (18) निखिल दो अन्य साथियों के साथ दौड़ने के लिए गए थे। निखिल ने बताया कि सरायभूपत फाटक के पास भाई के सीने में अचानक दर्द उठा और वह बैठ गए। इस पर वे सभी भाई को अस्पताल लेकर आए।
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यहां तैनात ईएमओ ने सीपीआर दी पर सफलता नहीं मिली। डॉक्टरों के हिमांशू को मृत घोषित कर दिया। परिजन बिना पोस्टमार्टम के ही शव को घर ले गए हैं। परिजनों ने बताया कि युवक के लगभग 10 दिन पहले भी सीने में दर्द उठा था लेकिन वह सामान्य दर्द मानकर शांत हो गया था।
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आयुर्विज्ञान विवि के ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुभाष चंद्रा ने बताया कि स्थिति को देखकर प्रतीत हो रहा है कि युवक को हार्ट अटैक या एचओसीएम (हाईपरट्रॉफिक ऑब्सट्रक्टिव कार्डियोमायोपैथी) होना प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि एचओसीएम एक जैनेटिक बीमारी है। बताया कि यह बीमारी देश के पांच सौ में से हर एक व्यक्ति को है। उन्होंने बताया कि यदि समय पर पता चल जाए तो इसका इलाज हो सकता है। इस बीमारी के तहत ज्यादा मेहनत करने पर अचानक अरीथमिया पड़ जाता है। इससे मौत हो जाती है।