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अतिक्रमण हटाने पर दबंगों ने किया हमला
Etawah
Updated Sat, 29 Nov 2014 05:30 AM IST
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इटावा। शहर के प्रकाश नगर मोहल्ले में अतिक्रमण हटाने के लिए पालिका के अधिशासी अधिकारी तथा अन्य कर्मचारियों पर दबंगाें ने हमला बोल दिया। पालिका के अमले को निशाना बनाकर पथराव किया गया तथा कांच की बोतलें फेंकी गई। मौके पर पुलिस भी मौजूद थी, लेकिन दबंगाें के सामने पुलिस मूकदर्शक बनी रही। बचकर निकले अधिशासी अधिकारी ने पूरी घटना से एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह तथा एसडीएम महेंद्र कुमार को अवगत करा दिया है। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। अतिक्रमण के कारण जलभराव होने से क्षेत्र में संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बनी है।
महेरा चुंगी के पास प्रकाशनगर के घरों का पानी सालों से पास की एक तलैया में जा रहा है। अतिक्रमण कर कुछ लोगाें ने तलैया के आसपास मकान बना लिए है। कुछ दिनों पहले ही क्षेत्र के दबंगाें ने प्राचीन मंदिर के बगल से निकलने वाले पानी को रोककर पक्की दीवार खड़ी कर दी है। गंदे पानी की निकासी बंद हो जाने के बाद शक्तिधाम मैरिज होम के आगे पानी भर गया है। कुछ मकानों के सामने तो दो-दो फीट पानी भरा हुआ है। प्रकाशनगर के कुछ लोगाेें ने अतिक्रमण हटाकर गंदा पानी निकालने के लिए स्थानीय लोगाें ने तहसील दिवस में जिलाधिकारी से गुहार लगाई थी। एसडीएम के आदेश पर शुक्रवार क ो करीब 11 बजे अधिशासी अधिकारी जनार्दन राय जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे जैसे ही दीवार ढहाकर पानी निकालने का प्रयास कि या गया। दबंगाें ने एकराय होकर पथराव करना शुरू कर दिया।
ईओ तथा पालिका के अन्य कर्मचारियों ने किसी प्रकार आसपास के घरों में छुपकर जान बचाई। पालिका अमले के साथ इकदिल पुलिस का एक एसआई तथा दो जवान भी थे, लेकिन दबंगाें की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही। स्थानीय लोगाें ने कंट्रोल रूम क ो भी सूचना दी थी। घटना के बाद से दोनों गुटों में तनाव बना हुआ है। पालिका के अधिशासी अधिकारी जनार्दन राय ने शुक्रवार की शाम को एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह तथा एसडीएम महेंद्र कुमार सिंह से मुलाकात कर घटना से उन्हें अवगत कराया है। समाचार लिखे जाने तक प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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दो सौ साल पुराने तालाब पर कब्जा
इटावा। इटावा मौजा के गाटा संख्या 1139 के राजस्व अभिलेखों में तालाब का रकबा 0.31 एकड़ दर्ज है। महेरा चौराहे से लेकर पूर्व में स्थित सभी मकानों का पानी उक्त तालाब में जाता था। भूमाफिया द्वारा तालाब पर कब्जा कर लिए जाने से जल निकासी रुक गई है। 18 नवंबर क ो तहसील दिसव में लोगाें ने समस्या से निजात दिलाने के लिए जिलाधिकारी के नाम प्रार्थनापत्र दिया था। एसडीएम ने ईओ व इकदिल पुलिस को कार्रवाई के लिए आदेशित किया था। प्रकाश नगर का पानी प्राचीन मंदिर के बगल के रास्ते से निकलता था, लेकिन कुछ दिनों से रास्ता रोक दिए जाने से पानी निकल नहीं पा रहा है। मंदिर के लिए जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया है। जबकि मंदिर का जीर्णोद्धार स्थानीय लोगाें ने आपस में चंदा कर कराया है। इस मामले की शिकायत राजस्व परिषद में भी की गई है। दबंगाें का प्रयास पानी का बहाव उल्टा किए जाने का है। जबकि दूसरे पक्ष के लोगाें का कहना है कि यदि ऐसा किया गया तो उन्हें परेशानी होगी।
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तहसील दिवस में की गई शिकायत की जांच करने व अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी मशीन लेकर गए थे। इकदिल पुलिस भी साथ थी। कुछ लोगाें ने अभियान के दौरान पथराव कर कार्य बाधित किया। इसकी जानकारी एडीएम व एसडीएम को दी गई है।- जनार्दन राय, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका इटावा।
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महेरा चुंगी के पास प्रकाशनगर के घरों का पानी सालों से पास की एक तलैया में जा रहा है। अतिक्रमण कर कुछ लोगाें ने तलैया के आसपास मकान बना लिए है। कुछ दिनों पहले ही क्षेत्र के दबंगाें ने प्राचीन मंदिर के बगल से निकलने वाले पानी को रोककर पक्की दीवार खड़ी कर दी है। गंदे पानी की निकासी बंद हो जाने के बाद शक्तिधाम मैरिज होम के आगे पानी भर गया है। कुछ मकानों के सामने तो दो-दो फीट पानी भरा हुआ है। प्रकाशनगर के कुछ लोगाेें ने अतिक्रमण हटाकर गंदा पानी निकालने के लिए स्थानीय लोगाें ने तहसील दिवस में जिलाधिकारी से गुहार लगाई थी। एसडीएम के आदेश पर शुक्रवार क ो करीब 11 बजे अधिशासी अधिकारी जनार्दन राय जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे जैसे ही दीवार ढहाकर पानी निकालने का प्रयास कि या गया। दबंगाें ने एकराय होकर पथराव करना शुरू कर दिया।
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ईओ तथा पालिका के अन्य कर्मचारियों ने किसी प्रकार आसपास के घरों में छुपकर जान बचाई। पालिका अमले के साथ इकदिल पुलिस का एक एसआई तथा दो जवान भी थे, लेकिन दबंगाें की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही। स्थानीय लोगाें ने कंट्रोल रूम क ो भी सूचना दी थी। घटना के बाद से दोनों गुटों में तनाव बना हुआ है। पालिका के अधिशासी अधिकारी जनार्दन राय ने शुक्रवार की शाम को एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह तथा एसडीएम महेंद्र कुमार सिंह से मुलाकात कर घटना से उन्हें अवगत कराया है। समाचार लिखे जाने तक प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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दो सौ साल पुराने तालाब पर कब्जा
इटावा। इटावा मौजा के गाटा संख्या 1139 के राजस्व अभिलेखों में तालाब का रकबा 0.31 एकड़ दर्ज है। महेरा चौराहे से लेकर पूर्व में स्थित सभी मकानों का पानी उक्त तालाब में जाता था। भूमाफिया द्वारा तालाब पर कब्जा कर लिए जाने से जल निकासी रुक गई है। 18 नवंबर क ो तहसील दिसव में लोगाें ने समस्या से निजात दिलाने के लिए जिलाधिकारी के नाम प्रार्थनापत्र दिया था। एसडीएम ने ईओ व इकदिल पुलिस को कार्रवाई के लिए आदेशित किया था। प्रकाश नगर का पानी प्राचीन मंदिर के बगल के रास्ते से निकलता था, लेकिन कुछ दिनों से रास्ता रोक दिए जाने से पानी निकल नहीं पा रहा है। मंदिर के लिए जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया है। जबकि मंदिर का जीर्णोद्धार स्थानीय लोगाें ने आपस में चंदा कर कराया है। इस मामले की शिकायत राजस्व परिषद में भी की गई है। दबंगाें का प्रयास पानी का बहाव उल्टा किए जाने का है। जबकि दूसरे पक्ष के लोगाें का कहना है कि यदि ऐसा किया गया तो उन्हें परेशानी होगी।
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तहसील दिवस में की गई शिकायत की जांच करने व अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी मशीन लेकर गए थे। इकदिल पुलिस भी साथ थी। कुछ लोगाें ने अभियान के दौरान पथराव कर कार्य बाधित किया। इसकी जानकारी एडीएम व एसडीएम को दी गई है।- जनार्दन राय, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका इटावा।