{"_id":"33-186227","slug":"Etawah-186227-33","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना किनारे गायों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना किनारे गायों की मौत
Etawah
Updated Fri, 20 Jun 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। शहर में यमुना नदी किनारे तीन दिन के भीतर आठ गायों के मृत मिलने से प्रशासन अलर्ट हो गया है। वहीं पशु पालक मवेशियों को लेकर चिंतित हैं। गौरक्षा दल ने इस मामले को गंभीरता से उठाया तो मृत मिली गाय के शव का प्रशासन ने पोस्टमार्टम कराया। मौत का कारण जानने के लिए बिसरा सुरक्षित किया गया है।
कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत यमुना नदी के आसपास बीते तीन दिन में आठ गायों के शव अलग-अलग जगह पर मिले। गुरुवार को हनुमान घाट के पास पुलिस चौकी के सामने दो गायों के शव मिले। इसकी जानकारी जब गौरक्षा दल के स्वयंसेवकों को हुई तो वह मौके पर पहुंचे। गौरक्षा दल के जिलाध्यक्ष सुघर सिंह यादव ने गायों की हत्या करने का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक अफसरों को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद नगर पालिका चेयरमैन कुलदीप गुप्ता संटू पालिका कर्मियाें और जेसीबी मशीन, ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे। जेसीबी मशीन की मदद से गायों के शव को ट्रैक्टर में रखकर सुनसान जगह पर अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया।
इससे पहले मौत का कारण जानने के लिए पशु चिकित्सक एसके शर्मा ने दोनों गायों के शव को पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता न चलने के कारण बिसरा सुरक्षित किया गया। डॉ. शर्मा ने बताया कि बिसरा को जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। स्थानीय लोगाें में गायों को जहर देकर मारने की चर्चा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जो भी गाय मृत अवस्था में मिली हैं उनके मुंह से खून बह रहा था। क्षेत्रीय लोगों व गौरक्षा दल के स्वयंसेवकों ने प्रशासन से इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाने व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत यमुना नदी के आसपास बीते तीन दिन में आठ गायों के शव अलग-अलग जगह पर मिले। गुरुवार को हनुमान घाट के पास पुलिस चौकी के सामने दो गायों के शव मिले। इसकी जानकारी जब गौरक्षा दल के स्वयंसेवकों को हुई तो वह मौके पर पहुंचे। गौरक्षा दल के जिलाध्यक्ष सुघर सिंह यादव ने गायों की हत्या करने का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक अफसरों को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद नगर पालिका चेयरमैन कुलदीप गुप्ता संटू पालिका कर्मियाें और जेसीबी मशीन, ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे। जेसीबी मशीन की मदद से गायों के शव को ट्रैक्टर में रखकर सुनसान जगह पर अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया।
विज्ञापन
इससे पहले मौत का कारण जानने के लिए पशु चिकित्सक एसके शर्मा ने दोनों गायों के शव को पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता न चलने के कारण बिसरा सुरक्षित किया गया। डॉ. शर्मा ने बताया कि बिसरा को जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। स्थानीय लोगाें में गायों को जहर देकर मारने की चर्चा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जो भी गाय मृत अवस्था में मिली हैं उनके मुंह से खून बह रहा था। क्षेत्रीय लोगों व गौरक्षा दल के स्वयंसेवकों ने प्रशासन से इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाने व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन