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मोबाइल पाकर हाईटेक हुईं आशाएं व एएनएम
Etawah
Updated Fri, 23 May 2014 05:32 AM IST
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इटावा। आशाओं एवं एएनएम को शासन की ओर से नि:शुल्क सिम सहित मोबाइल सेट वितरित कर उन्हें त्वरित सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए हाईटैक बना दिया गया है। गुरुवार को डीएम विद्याभूषण ने सभी आशाओं को मोबाइल फोन सेट दिए।
जनपद में 1136 आशा तथा 150 एएनएम हैं। सरकार ने चिकित्सा सेवा के सुदृढ़ीकरण की दृष्टि से इन सभी को नि:शुल्क सिम के साथ मोबाइल सेट उपलब्ध कराया है। इसी क्त्रस्म में जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशाओं व 8 एएनएम तथा एमओआईसी को बैठक के दौरान मोबाइल सेट वितरित किए। जिलाधिकारी ने कहा कि अब आशाएं अपने क्षेत्र की चिकित्सा से संबंधित समस्त क्रियाकलापों का त्वरित रूप से आदान-प्रदान करेंगे। कार्यक्त्रस्म की प्रगति रिपोर्ट को भी तत्काल बता सकेंगे। सभी मोबाइल आपस में एक दूसरे से नि:शुल्क कार्य करेंगे। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी से भी कहा कि जिला स्तर पर इनमें से 2-3 मोबाइल सेट कंट्रोल रूम के रूप में क्रियान्वित रखें ताकि आशाएं, एएनएम व एमओआईसी ग्रामीण क्षेत्रों से सीधे जिला स्तर पर संवाद स्थापित करें। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से सुदूर ग्रामीण क्षेत्र की चिकित्सा संबंधी कोई भी इमरजेंसी की तत्काल सूचना मिलेगी और उस पर तत्काल कार्यवाही हो सकेगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मंजू शर्मा ने बताया कि मोबाइलों में चिकित्सा काउंसिलिंग की क्लिपिंग डाली जाएगी ताकि आशाएं उन क्लिपिंग को ग्रामीण महिलाओं/व्यक्तियों को दिखाकर चिकित्सा जागरूकता की काउंसिलिंग का कार्य भी प्रभावी ढंग से कर सकेंगी।
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जनपद में 1136 आशा तथा 150 एएनएम हैं। सरकार ने चिकित्सा सेवा के सुदृढ़ीकरण की दृष्टि से इन सभी को नि:शुल्क सिम के साथ मोबाइल सेट उपलब्ध कराया है। इसी क्त्रस्म में जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशाओं व 8 एएनएम तथा एमओआईसी को बैठक के दौरान मोबाइल सेट वितरित किए। जिलाधिकारी ने कहा कि अब आशाएं अपने क्षेत्र की चिकित्सा से संबंधित समस्त क्रियाकलापों का त्वरित रूप से आदान-प्रदान करेंगे। कार्यक्त्रस्म की प्रगति रिपोर्ट को भी तत्काल बता सकेंगे। सभी मोबाइल आपस में एक दूसरे से नि:शुल्क कार्य करेंगे। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी से भी कहा कि जिला स्तर पर इनमें से 2-3 मोबाइल सेट कंट्रोल रूम के रूप में क्रियान्वित रखें ताकि आशाएं, एएनएम व एमओआईसी ग्रामीण क्षेत्रों से सीधे जिला स्तर पर संवाद स्थापित करें। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से सुदूर ग्रामीण क्षेत्र की चिकित्सा संबंधी कोई भी इमरजेंसी की तत्काल सूचना मिलेगी और उस पर तत्काल कार्यवाही हो सकेगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मंजू शर्मा ने बताया कि मोबाइलों में चिकित्सा काउंसिलिंग की क्लिपिंग डाली जाएगी ताकि आशाएं उन क्लिपिंग को ग्रामीण महिलाओं/व्यक्तियों को दिखाकर चिकित्सा जागरूकता की काउंसिलिंग का कार्य भी प्रभावी ढंग से कर सकेंगी।
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