{"_id":"33-181247","slug":"Etawah-181247-33","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘वक्फ की नहीं, पालिका की है जमीन’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘वक्फ की नहीं, पालिका की है जमीन’
Etawah
Updated Sat, 10 May 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। बूचड़खाना के मालिकाना हक को लेकर एक पक्ष के दावे को नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता संटू ने खारिज कर दिया है। शुक्रवार को पालिका दफ्तर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि चंद लोग इस स्लाटर हाउस को वक्फ बोर्ड की जमीन बताकर मुस्लिम समाज को गुमराह कर रहे हैं। जबकि यह भूमि नगर पालिका की है और इसके सभी दस्तावेज पालिका के पास उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि डीएम खुद वक्फ जायदादों के सर्वेसर्वा होते हैं। उन्हें वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
मालूम हो कि नगरपालिका अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता ने दो दिन पहले बाईपास स्थित जमीन पर से अवैध बूचड़खाने पर अभियान चलाकर उसका नामोनिशान मिटा दिया था। इस पर कुछ लोगों ने डीएम से शिकायत की थी। डीएम ने एसडीएम को जांच सौंपी थी। एसडीएम सदर शैलेंद्र भाटिया ने राजस्व अभिलेखों का हवाला देते हुए यह जमीन वक्फ कब्रिस्तान के नाम और कुछ हिस्से पर नगरपालिका के दखल की बात कही और उक्त जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का फरमान दिया। मतलब, न तो नगर पालिका उस जमीन का उपयोग करेगा न ही वहां पर बूचड़खाना चलेगा। इस बात की सूचना मिलते ही नगरपालिका अध्यक्ष ने आफिस के दस्तावेजों को खंगाला और प्रेस कांफ्रेंस कर प्रशासन के दावे को खारिज कर दिया।
जमीन से जुड़े दस्तावेज दिखाते हुए चेयरमैन ने कहा कि शहर में कभी तीन स्लॉटर हाउस हुआ करते थे। काफी अर्सा पहले कोर्ट ने शहरी क्षेत्र में स्लॉटर हाउस के संचालन पर रोक लगा दी। उसके बाद भी बाईपास स्थित उक्त जमीन पर अवैध रूप से पशुओं के वध का धंधा हो रहा था। यह जगह अपराधियों और नशेड़ियों का अड्डा बनी हुई थी। आसपास के लोग दहशत में रहते थे। चेयरमैन ने कहा कि नगरपालिका अध्यक्ष होने के नाते न केवल उनका दायित्व बनता है बल्कि यह दृढ़ संकल्प भी है कि प्रतिबंधित पशुओं का वध नहीं होने देंगे। इसे रोेकने में उनकी जान भी चली जाए तो कोई परवाह नहीं है। इसी दृष्टि से उक्त जमीन की साफ सफाई कराई और अवैध निर्माण को गिरवाया।
विज्ञापन
चेयरमैन ने कहा कि कुछ लोग इस जमीन को लेकर पूरे मुस्लिम समाज को बदनाम करने में लगे हैं। नगरपालिका के इस कदम पर मुस्लिम समाज के लोगों ने भी बधाइयां दी हैं। जनता ने उन्हें चेयरमैन की कुर्सी पर बैठाया है। जमीन के स्वामित्व को लेकर किए गए सवाल पर चेयरमैन ने कहा कि दस्तावेजी तथ्यों के आधार पर यह जमीन नगरपालिका की है। उनके दायित्व निर्वहन में यदि कोई रोड़ा अटकाएगा तो उसे उसी की भाषा में जवाब दिया जाएगा। मेरी मंशा है कि इस जमीन पर बालिकाआें के लिए डिग्री कालेज खोला जाए और नगरपालिका का दफ्तर बने। वह हिंदू-मुस्लिम समाज के संभ्रांत नागरिकों को बुलाकर राय लेंगे। प्रेस कांफ्रेंस में सभासद मोहम्मद अनीस, मोहम्मद साबिर, मोहम्मद इकबाल, मोहम्मद अनस आदि ने चेयरमैन के द्वारा की गई कार्रवाई का समर्थन किया।
विज्ञापन
मालूम हो कि नगरपालिका अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता ने दो दिन पहले बाईपास स्थित जमीन पर से अवैध बूचड़खाने पर अभियान चलाकर उसका नामोनिशान मिटा दिया था। इस पर कुछ लोगों ने डीएम से शिकायत की थी। डीएम ने एसडीएम को जांच सौंपी थी। एसडीएम सदर शैलेंद्र भाटिया ने राजस्व अभिलेखों का हवाला देते हुए यह जमीन वक्फ कब्रिस्तान के नाम और कुछ हिस्से पर नगरपालिका के दखल की बात कही और उक्त जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का फरमान दिया। मतलब, न तो नगर पालिका उस जमीन का उपयोग करेगा न ही वहां पर बूचड़खाना चलेगा। इस बात की सूचना मिलते ही नगरपालिका अध्यक्ष ने आफिस के दस्तावेजों को खंगाला और प्रेस कांफ्रेंस कर प्रशासन के दावे को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
जमीन से जुड़े दस्तावेज दिखाते हुए चेयरमैन ने कहा कि शहर में कभी तीन स्लॉटर हाउस हुआ करते थे। काफी अर्सा पहले कोर्ट ने शहरी क्षेत्र में स्लॉटर हाउस के संचालन पर रोक लगा दी। उसके बाद भी बाईपास स्थित उक्त जमीन पर अवैध रूप से पशुओं के वध का धंधा हो रहा था। यह जगह अपराधियों और नशेड़ियों का अड्डा बनी हुई थी। आसपास के लोग दहशत में रहते थे। चेयरमैन ने कहा कि नगरपालिका अध्यक्ष होने के नाते न केवल उनका दायित्व बनता है बल्कि यह दृढ़ संकल्प भी है कि प्रतिबंधित पशुओं का वध नहीं होने देंगे। इसे रोेकने में उनकी जान भी चली जाए तो कोई परवाह नहीं है। इसी दृष्टि से उक्त जमीन की साफ सफाई कराई और अवैध निर्माण को गिरवाया।
विज्ञापन
चेयरमैन ने कहा कि कुछ लोग इस जमीन को लेकर पूरे मुस्लिम समाज को बदनाम करने में लगे हैं। नगरपालिका के इस कदम पर मुस्लिम समाज के लोगों ने भी बधाइयां दी हैं। जनता ने उन्हें चेयरमैन की कुर्सी पर बैठाया है। जमीन के स्वामित्व को लेकर किए गए सवाल पर चेयरमैन ने कहा कि दस्तावेजी तथ्यों के आधार पर यह जमीन नगरपालिका की है। उनके दायित्व निर्वहन में यदि कोई रोड़ा अटकाएगा तो उसे उसी की भाषा में जवाब दिया जाएगा। मेरी मंशा है कि इस जमीन पर बालिकाआें के लिए डिग्री कालेज खोला जाए और नगरपालिका का दफ्तर बने। वह हिंदू-मुस्लिम समाज के संभ्रांत नागरिकों को बुलाकर राय लेंगे। प्रेस कांफ्रेंस में सभासद मोहम्मद अनीस, मोहम्मद साबिर, मोहम्मद इकबाल, मोहम्मद अनस आदि ने चेयरमैन के द्वारा की गई कार्रवाई का समर्थन किया।