फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   8 percent wheat purchase in one month

एक माह में 8 प्रतिशत ही गेहूं खरीद

Mon, 01 May 2017 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
अमर उजाला ब्यूरो इटावा Updated Mon, 01 May 2017 11:52 PM IST
विज्ञापन
8 percent wheat purchase in one month
पक्का तालाब स्थित गेहूं क्रय केंद्र - फोटो : अमर उजाला

 गेहूं खरीद केंद्र शुरू हुए एक माह गुजर गया है लेकिन अभी तक लक्ष्य के सापेक्ष दस फीसदी भी गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हो पाई है। आरटीजीएस भुगतान प्रक्रिया और आढ़तियों से लिए गए कर्जे के चलते क्रय केंद्रों पर किसानों के रुख में तेजी नहीं दिख रही। यही वजह है कि केंद्रों पसरा सन्नाटा दूर नहीं हो रहा। प्रशासनिक कवायद फिलहाल असरहीन साबित हो रही है। जिले में अभी तक सिर्फ 1998 किसानों का 6662.55 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा जा सका है। ये कुल लक्ष्य 78 हजार मीट्रिक टन का महज 8.54 प्रतिशत है।

विज्ञापन

मालूम हो कि इस बार जिले में 78 हजार मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद की जानी है। इसके लिए जिले भर में 65 क्रय केंद्र खोले गए हैं। सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए इस बार कई नये नियम लागू किए हैं। जिसमें रविवार को भी खरीद करना शामिल है। यहीं नहीं खुले बाजार में न्यूनतम समर्थन मूल्य 1625 रुपये से कम में खरीद न होने के लिए भी मंडी सचिव की जिम्मेदारी तय की गई है। जिलास्तरीय अधिकारी लगाए गए हैं। ताकि वह किसानों को क्रय केंद्र आने के लिए प्रेरित कर सकें।
विज्ञापन

ये सारी कवायद फिलहाल कारगर होती नहीं दिख रही। आंकड़े बता रहे हैं कि एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद के शुरुआती 10 दिन तो पूरी तरह सन्नाटे में गुजर गए। उसके बाद इक्का दुक्का किसान क्रय केंद्रों पर पहुंचना शुरू हुए। अभी भी तमाम क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा दिख रहा है। सरकारी खरीद में रुचि न दिखने के पीछे किसानों पर आढ़तियों का कर्जा एक प्रमुख वजह मानी जा रही है। किसानों का कहना है कि साल भर आढ़ती ही उनके काम आते हैं। ऐसे में आढ़ती भी उनसे आस लगाए रहते हैं। लिहाजा आढ़त पर गेहूं ले जाना उनकी मजबूरी भी रहती है। वहीं आरटीजीएस के जरिये भुगतान होने से भी किसान को तत्काल धनराशि नहीं मिल पाती। जबकि आढ़त पर नगद भुगतान हो जाता है।  जिस धीमी रफ्तार से गेहूं की सरकारी खरीद आगे बढ़ रही है। उसे देखते हुए इस बार भी जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्जन
अब किसानों का रुख कुछ बढ़ा है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ये और रफ्तार पकड़ेगा। भुगतान को लेकर सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया जा चुका है कि 48 से 72 घंटे की अवधि में खरीदे गए गेहूं का भुगतान हो जाए। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार पटेल, डिप्टी आरएमओ, खाद्य विभाग, इटावा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed